क्या ममता बनर्जी का दावा सच होगा या बीजेपी मारेगी बाज़ी?
बीजेपी ने जहां TMC पर हमला बोलते हुए 15 वर्षों की नाकामियों की 15 आरोपों की चार्तशीट तैयार की, वहीं TMC ने भी बीजेपी पर चार्जशीट तैयार करने में समय नहीं लगाया।
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बीजेपी ने जहां TMC पर हमला बोलते हुए 15 वर्षों की नाकामियों की 15 आरोपों की चार्तशीट तैयार की, वहीं TMC ने भी बीजेपी पर चार्जशीट तैयार करने में समय नहीं लगाया।
IPL 2026 में मुंबई में चैम्पियन वाली बात नज़र नहीं आ रही। मुंबई का प्रदर्शन काफ़ी ख़राब रहा, जिस वजह से अब MI बाहर होने के क़गार पर पहुंच गई है
दरअसल पाथुम निसांका और केएल राहुल ने 226 रन चेज़ की नींव रखी। दोनों ने पहले विकट के लिए 57 गेंदों में 110 रन की साझेदारी की।
आयोग ने प्राप्त सूचनाओं के आधार पर यह फ़ैसला लिया, कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में इन मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी हुई थी।
इस याचिका को तृणमुल कांग्रेस कलकत्ता हाईकोर्ट लेकर गई थी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने इस याचिका को सिरे से ख़ारिज कर दिया था।
गुवाहाटी हाईकोर्ट से पवन खेड़ा को राहत देने से इंकार कर दिया था, जिसके बाद पवन खेड़ा ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
जहां पिछली बार बेंगलुरु ने गुजरात को मात दे दी थी, वहीं इस बार गुजरात ने पलटवार करते हुए हिसाब बराबर कर लिया है।
देश को इन पांचों राज्यों के परिणाम का इंतज़ार है, जो वैसे तो 4 मई को ही आधिकारिक रूप से घोषित किए जाएंगे, लेकिन इससे पहले कई एजेंसियों ने एग्जिट पोल जारी कर दिया है।
उत्तर प्रदेश में अब जंगलराज और गुंडाराज नहीं, बल्कि यहां अब ऊंची-ऊची इमारते, एक्सप्रेस-वे, चौड़ी सड़के और दौड़ती मैट्रो नज़र आती हैं।
SRH ने मुंबई इंडियन्स (MI) के ख़िलाफ़ 244 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा कर सबको चौंका दिया।
294 सीटों की लड़ाई में यह आज़ादी के बाद से अब तक की सबसे ज़्यादा रिकॉर्ड वोटिंग है। सरकार बनाने के लिए पार्टी को 148 सीट जीतने होंगे।
पहले चरण की तरह ही मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला है।
हिंसक माहौल में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना चुनाव आयोग के लिए इस बार चुनौती से कम नहीं था।
23 अप्रैल को हुए पहले चरण के चुनाव में 93.19 प्रतिशत की रिकॉर्ड वोटिंग हुई थी।
IPL 2026 में राजस्थान रॉयल्स (RR) पहली टीम है, जिसने पंजाब को हराया है।
अमित शाह स्पष्ट रूप से कहा, कि बंगाल की जनता अब बदलाव चाहती है और पहले चरण में रिकॉर्डतोड़ मतदान होना इसका प्रमाण है।
तीनों भाई-बहन घर से 1 किमी दूर जंगल में आम खाने के लिए गए थे, लेकिन शाम 6 बजे तक जब वह वापस घर नहीं लौटे।
चौके-छक्को के इस दौर में जब गेंदबाजी अपने चरम पर हो, तो आंखे विश्वास नहीं करती, कि यह वही IPL है।
निकोलस पूरन तो अपने बूरे फ़ॉर्म से गुज़र रहे हैं। ख़राब प्रदर्शने के चलते अब प्लेइंग 11 में उनके खेले जाने पर ही सवाल उठाए जाने लगे हैं।
इन दावों के बाद देखना होगा, कि 4 मई का परिणाम बदलाव की क्रांति लेकर आएगा या ममता सरकार पर ही जनता का भरोसा बरक़रार रहता है।