कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़: आस्था के नाम पर उमड़ी भीड़ में 19 की मौत, क्या भीड़ ही भक्ति का असली रूप है?
कोलकाता दुर्गा पूजा में हुए हादसे ने धार्मिक आयोजनों में एक बार फिर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
कोलकाता दुर्गा पूजा में हुए हादसे ने धार्मिक आयोजनों में एक बार फिर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला CEO बनाया गया है। जानिए कारगिल युद्ध, ऑपरेशन सिंदूर और उनके सैन्य करियर से जुड़ी खास बातें।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला CEO नियुक्त किया है। जानिए उनकी सैन्य सेवा और नई जिम्मेदारी से जुड़ी पूरी जानकारी।
PM मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल क़िले से राष्ट्र को संबोधित किया। विकसित भारत, आत्मनिर्भरता, युवा, नवाचार, सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन पर जोर दिया।
ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा भारी बारिश के बीच धूमधाम से निकली। लाखों श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व देवी सुभद्रा गुंडिचा मंदिर के लिए रवाना हुए।
आस्था और विश्वास की चोरी में आज देश जानना चाहता है, कि ये आख़िर हुआ कैसे?
अयोध्या में चढ़ावा चोरी कोई मामूली घटना नहीं है। यह आस्था पर चोट और राम भक्तों से सीधे तौर पर विश्वासघात का मामला है।
कबीर ने हमारे समाज में पनपति लालच, बेईमानी व भ्रष्टाचार को बड़े गौर से समझा है और इसे दोहे का रूप दिया।
चार धाम की यात्रा शुरू कर दी गई है, जिसमें केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं।
अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर उत्तराखंड में वार्षिक चारधाम यात्रा की शुरुआत हो गई है।
श्री अमरनाथ यात्रा कुल 57 दिनों की होने वाली है।
‘वे ऑफ क्रॉस’ शोभायात्रा तमिलनाडु के थूथुकुडी में गुड फ्राइडे के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ‘वे ऑफ क्रॉस’ शोभायात्रा में हिस्सा लिया। इस बीच लोगों ने प्रार्थना के माध्यम से शांति, एकता और करुणा का संदेश दिया। यीशु मसीह के दुखभरे सफ़र का स्मरण करते हुए और श्रद्धा व भक्ति के साथ…
सबके अंदर आस्था होती है, परंतु आस्था के नाम पर भीड़ इकट्ठा करना और हादसे का शिकार होना ये कहां तक उचित है।
1875 में जब बंकीमचंद्र चटर्जी ने वंदे मातरम् गीत की रचना की थी, तब किसी ने सोचा तक नहीं होगा, कि यह गीत भारत की आज़ादी में ऐसी भूमिका निभाएगी, कि अंग्रेज़ों की नीव हिला देगी। अंग्रेज़ इस गीत की ताक़त से इतना डर गए थे, कि अंग्रेज़ों ने वंदे मातरम् के नारे पर रोक…