- चर्चा में है राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी
- मंदिर में भी पहुंचा भ्रष्टाचार
कबीर दास ने कहा था
लाडू लावन लापसी, पूजा चढ़े अपार!
पूजी पुजारी ले गया, मूरत के मुह छार!!
इसके अर्थ को समझा जाए, तो हमें ज्ञात होगा, कि कैसे भक्ति के नाम पर आज बहुत बड़ा व्यापार चलाया जा रहा है। कोई सच्ची भक्ति से परिचित नहीं होना चाहता। इस दोहे को अयोध्या में हुए चढ़ावे चोरी से जोड़कर देखा जा सकता है और यह दोहा इस घटना पर सटीक बैठता है। इसमें कबीर दास यही बताना चाहते हैं, कि आप मंदिर में चढ़ावा तो चढ़ा रहे हैं, लेकिन एक लालची व पाखंडी पुजारी आपके चढ़ावे को चुरा लेता है और भगवान की मूर्ति के सामने बस रह जाती है राख। कबीर ने हमारे समाज में पनपति लालच, बेईमानी व भ्रष्टाचार को बड़े गौर से समझा है और इसे दोहे का रूप दिया। आज अयोध्या का राम मंदिर इसका प्रत्यक्ष प्रमाण बन गया है।
चढ़ावा चोरी कोई आम घटना नहीं
पिछले कुछ दिनों से एक विवाद ने पूरे देश में तूल पकड़ लिया है, कि आख़िर अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी कैसे हुई? यह कोई आम घटना नहीं है, जिसे नज़रअंदाज किया जा सके। यह चोरी मात्र चढ़ावे की चोरी नहीं है, बल्कि यहां आस्था की चोरी का भी विषय सामने आता है। अयोध्या के इतने बड़े स्थान से चोरी होना बड़े दुर्भाग्या की बात है। इससे श्रद्धालुओं के विश्वास पर भी चोट पहुंचती है। इस घटना के बाद अब ख़ुशी से दान करने वाले भक्तों के मन में भी कई सवाल पनपने लगे होंगे।

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भ्रष्टाचार अब मंदिर में, ये दुर्भाग्य है
भारत देश में आस्था के नाम पर मंदिरों में लाखों व करोड़ो रुपये के चढ़ावे चढ़ाए जाते हैं। भक्त अपनी इच्छा अनुसार ख़ुश होकर या कोई मनोकामना पूर्ण होने पर दान-पुण्य करता है। उसे विश्वास होता है, कि उसके किए दान-पुण्य से ईश्वर ख़ुश होंगे और उस दान का सही तरह से उपयोग किया जाएगा। हमारे देश में ऐसे करोड़ो भक्त हैं, जो रोज़ाना भक्ति में डूबे हुए हैं और जब उन्हें यह सुनाई दे, कि मंदिर में बैठे चंद लोग सोना और रुपया देखकर लालची हो गए हैं और करोड़ो का ग़बन कर रहे हैं, तो उन्हें कितना कष्ट होता होगा। यह हमारे देश का दुर्भाग्य है, कि भ्रष्टाचार अब मंदिर जैसे पवित्र स्थान तक पहुंच गया है।
ईश्वर को भी देते हैं धोखा
हमारे देश में कुछ लोगों ने अपने लालच के चलते ईश्वर से भी धोखा करके लूट मचा रखी है। अयोध्या के राम मंदिर में जो हुआ, उसे देखते हुए यही लगता है, कि भक्ति अब जेब भरने का साधन बनता जा रहा है। आज के युग में जिस तरह की घटनाएं आए दिन सामने आती रहती है, उसे देखते हुए यह तो कहा ही जा सकता है, कि आज का इंसान ईश्वर से भी नहीं डरता। अगर ऐसा नहीं होता तो अयोध्या के मंदिर से करोड़ो की चोरी की ख़बर नहीं आती। मंदिर में बैठे ऐसे लोग जो भक्तों की आस्था पर प्रहार करने का काम करते हैं, ऐसे घिनौने कृत्य के लिए उन्हें कड़ी सजा मिलनी ही चाहिए।
भगवान का पुजारी ही बेईमान
अगर ऐसा ही होता रहा, तो वो दिन दूर नहीं होगा, जब इस पवित्र स्थल से भी लोगों का विश्वास ख़त्म हो जाएगा और आज मंदिरों में दिखने वाली लंबी-लंबी क़तारे सिमटती नज़र आएंगी। इसके ज़िम्मेदार यही लोग होंगे, जो ख़ुद को भगवान का पुजारी कहते हैं। यह वही ज़िम्मेदार लोग हैं, जिनके रहते हुए अयोध्या में चोरी के काम को अंजाम दिया गया।
SIT कर रही है चोरी मामले की जांच
ख़ैर इतनी बड़ी घटना होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराज़गी जताई और तत्काल रूप से जांच के लिए स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित करने के आदेश जारी किए। इसकी जांच पिछले कई दिनों से चल रही है और जल्द ही SIT लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंप सकती है। बता दें, कि SIT ने अब तक किए जांच में मुख्य ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्र सहित 60 से अधिक लोगों से पूछताछ की है। जांच में दान की गिनती और बैंक तक पहुंचे रुपये में अंतर पाया गया है, जिसकी पड़ताल हो रही है। इसके अलावा CCTV फ़ुटेज से भी छेड़छाड़ के सबूत मिले हैं। SIT शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार 15 दिनों के भीतर पूरी रिपोर्ट तैयार करेगी।
क्या कहा मुख्यमंत्री ने?
मुख्यमंत्री ने अयोध्या पहुंचकर साफ़ तौर पर कहा, कि इस मामले में जो भी दोषी होगा उसके ख़िलाफ़ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ में यह भी कहा, कि SIT जांच-पड़ताल में लगी हुई है और जल्द ही इस पूरे मामले में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे पर राजनीति रोटियां सेकने वालों और विपक्ष को क़रारा जवाब दिया।






