IPL 2026 Winner: RCB की जीत में कौन-से सितारे ज़्यादा चमके?
इस IPL सीज़न में भी RCB के अंदर IPL टाइटल का जीतने का जज़्बा साफ़ दिखाई दिया और उनका ऑलराउंडर परफ़ॉर्मेंस इसका बड़ा उदाहरण है।
इस IPL सीज़न में भी RCB के अंदर IPL टाइटल का जीतने का जज़्बा साफ़ दिखाई दिया और उनका ऑलराउंडर परफ़ॉर्मेंस इसका बड़ा उदाहरण है।
इस सीज़न की सबसे बेहतरीन टीम बनकर उभरी RCB ने हर प्रारूप में अपना उच्चतम प्रदर्शन किया। बेंगलुरु सही मायने में चैम्पियन की तरह खेली।
देखना दिलचस्प होगा, कि GT किस तरह से RCB के पक्के इरादों का सामना कर पाती है, क्योंकि अब शोर मचने लगा है, कि इस बार भी RCB।
मुल्लांपुर के मैदान में सिर्फ़ वैभव सूर्यवंशी के बल्ले की गूंज थी। वैभव का बल्ला सिर्फ़ रन उगल रहा था और हैदराबाद के गेंदबाजों की जमकर पिटाई कर रहा था।
पाटीदार की बल्लेबाजी ने बोर्ड पर इतने रन लगा दिए, कि गुजरात की बल्लेबाजी भी लक्ष्य का पीछा करने में पस्त हो गई।
धर्मशाला के मैदान में पंजाब कोई भी मुक़ाबला नहीं जीत पाई। वोआख़िरी मैच ज़रूर जीती, लेकिन किसी के भरोसे रहना ठीक नहीं, पंजाब को इसका ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ा।
अबतक मुंबई, लखनऊ, चेन्नई और दिल्ली इस आईपीएल से बाहर हो चुकी हैं। अब देखना दिलचस्प होगा, कि अब कौन सी टीम इस लिस्ट में शामिल होती है।
GT पहले ही 18 अंक के साथ प्लेऑफ़ में एंट्री कर चुकी हैं और इस जीत ने उसे अंक तालिका पर टॉप 2 पर पहुंचा दिया है।
प्लेऑफ़ की एक जगह अभी भी खा़ली है और इसके लिए 3 टीमें मजबूत स्थिति में हैं।
RR जब मैदान में उतरी, तो लगा ही नहीं, कि उन पर 200 से ज़्यादा के लक्ष्य का दबाव है।
कुल मिलाकर अब 3 टीमों को प्लेऑफ़ में जगह मिल गई है, जिसमें बेंगलुरु, गुजरात और हैदराबाद शामिल हैं।
एक समय राजस्थान का स्कोर 14 ओवर में 160 पर 2 विकेट था और RR बड़े स्कोर की तरफ़ बढ़ रही थी। तभी दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल ने मिचेल स्टार्क को गेंद थमाई।
पंजाब ने कभी सोचा नहीं होगा, कि उस पर IPL से बाहर होने का ख़तरा मंडराने लगेगा। अब उसे हर हाल में लखनऊ से अपना आख़िरी मैच जीतना ही होगा।
दोनों टीमों की तरफ़ से रन बनाए गए और सिर्फ़ चौके और छक्के देखने को मिले, लेकिन GT अपने लक्ष्य से पीछे रह गया।
मार्स ने कंबोज की पहली चार गेंदों पर 4 छक्के लगाए, जो इस मैच का ख़ास पल रहा।
मुंबई अगर पंजाब को हरा पाई है, उसके पीछे तिलक वर्मा की खेली गई शानदार पारी है।
कोहली की यह पारी देखने लायक थी और दो बार 0 पर आउट होने के बाद इस शतक से उन्हे काफ़ी शांति मिली होगी।
200 से ज़्यादा रन बनने वाले IPL के इस दौर में 169 का लक्ष्य छोटा लगता है, लेकिन घ़़ूमती हुई गेंदों के आगे रन बनाना आसान नहीं था।
जहां एक समय लग रहा था, कि पंजाब यह मैच आसानी से जीत जाएगी, वहीं ऐसे समय में अक्षर पटेल ने कप्तानी पारी खेलकर दिल्ली की मैच में वापसी कराई।
भुवनेश्वर ने इस IPL सीज़न में अपनी गेंदबाजी से सबका ध्यान आकर्षित किया है।