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बांग्‍लादेश की राग़ गा रहा पाकिस्‍तान, भवि‍ष्‍य में चुकानी होगी क़ीमत

  • T20 वर्ल्‍ड कप में भारत से नहीं खेलना चाहता पाकिस्‍तान
  • आईसीसी ने बांग्‍लादेश को दिखा दिया है बाहर का रास्‍ता, उसकी जगह स्‍कॉटलैंड

बांग्‍लादेश और पाकिस्‍तान की दोस्‍ती पिछले कुछ समय से काफ़ी बढ़ गई है। इतनी की दोनों भारत का विरोध करने से बाज़ नहीं आ रहे। पहलगाम हमले के बाद भारत ने जिस तरह से आपॅरेशन सिंदूर के माध्‍यम से पाकिस्‍तान को सबक सिखाया और आतंकवाद के ठिकानों को उखाड़ फ़ेका और उनकी जड़ो को हिला दिया, उससे पाकिस्‍तान अभी भी बौख़लाहट में है और उधर बांग्‍लादेश का अलग रोना है। भारत की मदद से बना बांग्‍लादेश आज भारत को ही आंख दिखाने में लगा है और हिंदू विरोधी मुल्‍क़ बनता जा रहा है।

बांग्‍लादेश की नाकामयाब कोशीश

बांग्‍लादेश ने इस विरोध को आगे बढ़ाते हुए 7 फ़रवरी को होने वाली आईसीसी T20 वर्ल्‍ड कप टूर्नामेंट का इसलिए बहिष्‍कार कर दिया, क्‍योंकि वो अपने मैच भारत में नहीं खेलना चाहता था। उसने सुरक्षा का हवाला देते हुए कहा, कि ‘हम भारत में नहीं खेलना चाहते और हमारे सभी मैच श्रीलंका में कराए जाएं, लेकिन आईसीसी ने उनकी यह मांग ठुकरा दी और कहा, कि बांग्‍लादेश को अपने सभी मैच तय कार्यक्रमों के अनुसार ही खेलने होंगे और उन्‍हें आश्‍वासन दिया, कि भारत में सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार की समस्‍या नहीं आएगी। बांग्‍लादेश ने भारत में खेलने से साफ़ मना कर दिया। आईसीसी ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, कि बांग्‍लादेश या भारत में खेलें नहीं तो वर्ल्‍ड कप से बाहर जाए। बांग्‍लादेश को बाहर होना पड़ा और अब उसकी जगह स्‍कॉटलैंड ने ले ली है।

दिखावे की दोस्‍ती निभाता पाकिस्‍तान

अब बांग्‍लादेश के नक्‍़शे-क़दम पर पाकिस्‍तान भी चल पड़ा है। उसने T20 वर्ल्‍ड कप में तो हिस्‍सा ले लिया, लेकिन अब उसका कहना है, कि हम भारत से मैच नहीं खेलेंगे, जबकि यहां सुरक्षा समस्‍या जैसी कोई चीज़ नहीं है, क्‍योंकि भारत-पाकिस्‍तान का यह मैच श्रीलंका में खेला जाने वाला है। पाकिस्‍तान की स्‍थि‍त‍ि तो आजकल ऐसे ही नहीं ठीक चल रही और कर्ज़दार बना हुआ है। ऐसे में भारत से ना खेलकर वो अपनी क्रिकेट का भी बहुत बड़ा नुक़सान करने वाला है और आईसीसी उस पर कड़े क़दम उठा सकता है, जिससे उसका क्रिकेट ख़तरे में आ जाएगा। ख़ैर पाकिस्‍तान ने अभी आईसीसी को आधिकारिक रूप से नहीं बताया है, कि वो भारत से मैच नहीं खेलेगा।

भुगतना होगा पाकिस्‍तान क्रिकेट को

पाकिस्‍तान ने दूसरे क्रिकेट बोर्ड्स से भी इस बारे में चर्चा की है, लेकिन उसे निराशा ही हाथ लग रही है। कोई बोर्ड उसकी इस मामले में सहायता नहीं करना चाहता, क्‍योंकि यह भविष्‍य को सोचे-समझे बिना लिया गया फ़ैसला है, जिसमें पाकिस्‍तान को आगे रोना ही होगा। यही वजह है, कि दूसरे देश के बोर्ड उसकी एक नहीं सुन रहे और इस समय भारत का जो दबदबा है विश्‍व क्रिकेट पर उसे देखते हुए पाकिस्‍तान की राह बड़ी मुश्‍क़‍िल होने वाली है। विश्‍व कप की बात करें, तो भारत के सामने पाकिस्‍तानी टीम आसपास भी भटकती नहीं दिखाई देती। दरअसल आजकल पाकिस्‍तान इतनी कमज़ोर हो गई है, कि आज छोटी-छोटी टीमें भी उन्‍हें हराने का माद्दा रखती हैं। विश्‍व कप में ना खेलकर पाकिस्‍तान अपना ही नुक़सान करेगा, वहीं भारत को इससे कोई परेशानी नहीं होगी। उसे तो प्‍वॉइंट्स मिलेंगे ही। वहीं आईसीसी उस पर प्रतिबंध और जुर्माना भी लगा सकती है, जिससे वहां भी दूसरी टीम खेलने नहीं जाएंगी और पाकिस्‍तान लीग भी ख़त्‍म हो सकती है। कुल मिलाकर पाकिस्‍तान चारों तरफ़ से घिरता हुआ नज़र आ रहा है। आईसीसी में भारत का क्‍या दबदबा है यह तो जगज़ाहिर है और इस समय आईसीसी के चेयरमैन जय शाह ही हैं।      

दुनिया में बढ़ती भारत की ताक़त

बांग्‍लादेश ने भी यही ग़लती की या यूं कहें, कि बहुत बड़ी ग़लती की, जिसका ख़ामियाज़ा उसे आगे भुगतना पड़ेगा। बांग्‍लादेश ने यह तमाशा तब शुरू किया, जब आईपीएल निलामी में ख़रीदे गए बांग्‍लादेश क्रिकेटर मुस्तफ़िज़ुर रहमान को बीसीसीर्आइ के आदेश पर कोलकाता नाइट राइडर्स ने रीलिज़ कर दिया था और क्‍यों ना करे। यह भारत का घरेलू लीग है और जो रुख बांग्‍लादेश ने भारत के प्रति अपना रखा है। यह फ़ैसला बिलकुल जायज़ है। बांग्‍लादेश भारत का विरोध कर हिंदूओं का क़त्‍लेआम करेगा और भारत पलटवार ना करे ऐसा तो नहीं हो सकता। भारत कोई छोटा या मामूली देश नहीं। भारत आज विश्‍व पटल पर उच्‍च स्‍थान रखता है, जहां डॉलन्‍ड ट्रंप को भी भारत की रणनीति के आगे झुककर ट्रेड के लिए हाथ बढ़ाना पड़ता है, जहां यूरोपियन संघ के 27 देश ‘फ़्री-ट्रेड-एग्रीमेंट’ करते हैं। भारत आज तेज़ी से बढ़ता हुआ देश है, जो उसे आंख दिखाएगा वो उसे बर्दाश्‍त नहीं करेगा, जैसे बांग्‍लादेश क्रिकेट को बाहर का रास्‍ता देखने पड़ा, वैसी ही ग़लती पाकिस्‍तान कर रहा है और उसे भी इसका ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ेगा।  

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