- अन्नपूर्णा योजना के लिए 11 पन्नों का फॉर्म जारी
- आवेदक को देनी होगी ज़मीन की जानकारी
पश्चिम बंगाल की बदल रही आबोहवा
पश्चिम बंगाल में सरकार बदलते ही वहां की आबोहवा बदलने लगी है। बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनते ही योजनाओं का दौर शुरू हा गया है। ममता सरकार के युग में वहां के नागरिक केंद्र की कई योजनाओं से वंचित थे। बीजेपी की सरकार आते ही पश्चिम बंगाल में केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू किया गया है और आगे भी किया जाएगा। वहां अभी तक आयुष्मान भारत का लाभ किसी को नहीं मिल रहा था। सरकार बनने के बाद इस योजना को लागू किया गया। ऐसे ही फ़सल बीमा योजना हो या पीएमश्री योजना सबको बंगाल में शुरू किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें: “पश्चिम बंगाल में बीजेपी की पहली कैबिनेट बैठक: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने लिए कौन-से बड़े फैसले?”
अन्नपूर्णा योजना में फ़र्ज़ी लाभार्थियों पर कार्रवाई
बंगाल सरकार योजनाओं को तो लागू कर ही रही है, वहीं दूसरी तरफ़ उन सभी सामाजिक योजनओं की जांच पड़ताल भी कर रही है, जो पहले से चली आ रही हैं। इस कड़ी में शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने अन्नपूर्णा योजना से जुड़े फ़र्ज़ी लाभार्थियों की पहचान करने के सख्त आदेश दिए हैं। कई लोग ग़लत तरीक़े से इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। सरकार चाहती है, कि इसका लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए सरकार ने वेरिफ़िकेशन की व्यवस्था शुरू कर दी है। यह क़दम इसलिए उठाया जा रहा है, कि बंगाल में घुसपैठ का मुद्दा ज़ोर-शोर से चल रहा है और सरकार बंगाल से घुसपैठ को ख़त्म करने की मुहीम छेड़ चुकी है।
11 पन्नों का आवेदन फॉर्म में क्या-क्या भरना होगा
सरकार ने अन्नपूर्णा योजना में वेरिफ़िकेशन के लिए 11 पन्नों का आवेदन फॉर्म जारी किया है। आवेदेन में ज़मीन के कागज़, आधार, पैन और बैंक डॉक्यूमेंट को अनिवार्य कर दिया गया है। अन्नपूर्णा योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन फ़ॉर्म में परिवार के मुखिया का नाम, जन्मतिथि, पता और आधार नंबर भरना ज़रूरी है। साथ ही आधार से लिंक मोबाइल नंबर भी देना अनिवार्य होगा। 18 वर्ष या उससे ऊपर के सदस्यों के बैक डिटेल भी फ़ॉर्म में दर्ज होना चाहिए।
यह भी पढ़ें: बीजेपी सरकार आने के बाद पश्चिम बंगाल में कौन-सी योजनाएं लागू, किस नियम पर सरकार सख्त?
देनी होगी मकान प ज़मीन की जानकरी
इसके अलावा सरकार ने वोटर कार्ड नंबर, विधानसभा व पार्ट नंबर की जानकारी मांगी है। बंगाल सरकार ने कहा है, कि आवेदक को फ़ॉर्म में पक्का मकान है या नहीं और ज़मीन से जुड़े डॉक्यूमेंट जमा करने होंगे, जिससे पता चल सके, कि आवेदक के पास कितनी ज़मीन है।



