- 5 विकेट से बेंगलुरु ने अपने नाम की IPL टॉफ़ी
- विराट कोहली अंत तक जमें रहे, खेली 75 रन की पारी
RCB सबसे बेहतरीन खेली
रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु (RCB) लगातार दूसार बार IPL चैम्पियन बन गई है। 18 वर्षों तक जो टीम आईपीएल ख़िताब के लिए तरसती रही, उसे इस संघर्ष का फल लगातार 2 बार IPL विजेता बनकर मिला। इस सीज़न की सबसे बेहतरीन टीम बनकर उभरी RCB ने हर प्रारूप में अपना उच्चतम प्रदर्शन किया। बेंगलुरु सही मायने में चैम्पियन की तरह खेली। इस सीज़न में भी जिस तरह का उम्दा प्रदर्शन RCB का रहा, उसे देखते हुए इस फ़ाइनल में भी वो फ़ेवरेट मानी जा रही था और नतीज़ा भी वही देखने को मिला।
मैदान में बस एक ही नाम कोहली-कोहली
विराट कोहली ने फ़ाइनल में जो 42 गेंदों में 75 रन की पारी खेली, उससे पता चलता है, कि विराट कोहली कितने बड़े खिलाड़ी हैं। उनके रनों की भूख आज भी कम नहीं हुई और उनका बड़े मैचों में बड़ा प्रदर्शन और टीम को विजेता बनाना उसने महानता को दर्शाता है। फ़ाइनल में वो एक तरफ़ से जमें रहे, मानों कह रहे हों, कि आज मुझे कोई आउट नहीं कर सकता। यही जज्बा उनके हर शॉट में नज़र आया। फ़ाइनल में बिना किसी ग़लती के और जोखिम भरे शॉट खेलकर कोहली कितनी आसानी से मैदान के चारों ओर रन बिटोरते रहे। यही बड़े खिलाड़ी की पहचान होती है। कोहली ने अपनी पारी में 9 चौके और 3 छक्के लगाए और टीम को मैच जीताकर नाबाद लौटे। विराट कोहली ने फ़ाइनल मैच में मैन ऑफ़ द मैच अपने नाम किया।
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कप्तान शुभमन गिल ने किया निराश
फ़ाइलन मुक़ाबले में गुजरात टाइटंस (GT) की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई। पिछले मैच के शतकवीर कप्तान शुभमन गिल ने फ़ाइनल मुक़ाबले में गुजरात को निराश किया और 8 गेंदों का सामना कर मात्र 10 रन पर आउट हो गए। शुभमन गिल से टीम को और प्रशंसकों को बहुत उम्मीद होगी, लेकिन वो उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। राजस्थान के साथ जहां क्वॉलिफ़ायर-2 में GT कह सलामी जोड़ी साई सुदर्शन और शुभमन गिल ने अकेले मैच को एकतरफ़ा बना दिया था, वो RCB की गेंदबाजी के सामने इस अहम मैच में संघर्ष करते नज़र आए और 22 रन की ही साझेदारी कर पाए। सुदर्शन भी मात्र 12 रन बनाकर आउट हो गए। इस हार के पीछे गुजरात की शुरुआत अच्छी न होना भी प्रमुख कारण है।
फाइनल का प्रेशर नहीं झेल पाए GT के बल्लेबाज
GT की बल्लेबाजी फ़ाइलन के प्रेशर को सही से झेल नहीं पाई और पूरे 20 ओवर तक वह रन बनाने के लिए जूझती रही। वॉशिंगटन सुंदर ने ज़रूर हाथ खोले और 50 रन की पारी खेली, लेकिन टीम के बाक़ी बल्लेबाज तो 25 का आंकड़ा भी नहीं छू पाए। जोश बटलर जैसे बड़े बल्लेबाज ने भी फ़ाइनल में निराश किया। कोई भी बड़ी साझेदारी देखने को नहीं मिली। लगातार अंतराल पर विकेट गिरने से ना तो रन की गति तेज़ हो पाई और ना ही बल्लेबाजी में आत्मविश्वास दिखाई दिया। इस IPL में जहां 200 रन भी कम पड़ते दिखाई दिए, वहां GT 20 ओवर में 8 विकेट पर 155 रन ही बना पाई, जो फ़ाइनल के लिहाज से ठीक नहीं कहा जाएगा।
एक तरफ़ से जमें रहे विराट कोहली
156 के लक्ष्य का पीछा करने उतरी RCB पर इस छोटे लक्ष्य का प्रेशर नहीं दिखा। ख़ासतौर पर विराट कोहली का अनुभव भी टीम के काम आया। उन्होंने एक तरफ़ से क्रीज संभाले रखा और पहले विकेट लिए वेंकटेश अय्यर के साथ मिलकर 27 गेंदों में ही 62 रन जोड़कर गुजरात को फ़ाइनल के हार का एहसास दिला दिया। हालांकि इसके बाद RCB के धडाधड़ 4 विकेट गिर गए और स्कोर 62 पर 0 विकेट से 91 पर 4 विकेट हो गया। यहां मैच थोड़ा रोमांचक होता नज़र आया, लेकिन एक तरफ़ से विराट कोहली पर इसका कोई दबाव नज़र नहीं आया और टिम डेविड के आउट होने तक पांचवें विकेट के लिए 41 रन जोड़कर काम आसान बना दिया। इस तरह RCB ने 5 विकेट से यह फ़ाइनल मुक़ाबला अपने नाम किया।
RCB की बेहतरीन गेंदबाजी
लीग मैच की तरह RCB के गेंदबाजों ने एक बार फिर उम्दा प्रदर्शन किया और फ़ाइनल मैच को एकतरफ़ा बना दिया। भुवनेश्वर कुमार और जोश हेज़ावुड ने तो हमेशा की तरह बल्लेबाजों को परेशानी में डालकर 2-2 विकेट अपने नाम किए, लेकिन एक गेंदबाज जिन्होंने फ़ाइनल में अपने गेंदबाजी से सबको आकर्षित किया वो रहे रसिख सलाम डार। रसिख ने 4 ओवर में 27 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए।
| टीम | स्कोर | विकेट |
| GT | 20 ओवर में 155 | 8 |
| RCB | 18 ओवर में 161 | 5 |
Photo Credit: x/RCB Tweets



