- वैभव सूर्यवंशी फिर चूके शतक से, बनाए 96 रन
- फ़ाइनल में गुजरात का मुक़ाबला बेंगलुरु से
GT के लिए फ़ाइनल में RCB को भेद पाने की बड़ी चुनौती
गुजरात टाइटंस (GT) ने प्लेऑफ़ क्वॉलिफ़ायर-2 राजस्थान रॉयल्स (RR) को हराकर आख़िरकार IPL 2026 के फ़ाइलन में अपनी जगह पक्की कर ली, जहां उसका सामना एक बार फिर रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु (RCB) से होगा, जहां क्वॉलिफ़ायर-1 में बेंगलुरु ने गुजरात का 92 रन से मात दे दी थी। इस IPL सीज़न में भी RCB सबसे बेहतर टीम बनकर उभरी, जिसकी गेंदबाजी हो या बल्लेबाजी सबकुछ परफ़ेक्शन में रहा। RCB ने दिखाया, कि वो पिछली बार की चैम्मियन टीम है और वो चैम्पियन की तरह खेले भी। इसे देखते हुए गुजरात के लिए फ़ाइनल की राह आसान नहीं होने वाली। अब देखना दिलचस्प होगा, कि GT किस तरह से RCB के पक्के इरादों का सामना कर पाती है, क्योंकि अब शोर मचने लगा है, कि इस बार भी RCB। अगर गुजरात जीती वो उसके लिए बड़ी उपलब्धि से कम नहीं होगा और दूसरी बार IPL विजेता बनने का एहसास ख़ास होगा।
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एक बार फिर कमाल खेले वैभव सूर्यवंशी
क्वॉलिफ़ायर-2 में गुजरात ने ज़बरदस्त वापसी करते हुए फ़ॉर्म में दिख रही राजस्थान को आसानी से 7 विकेट से शिकस्त देकर फ़ाइनल में जगह बनाई। इस मैच में भी सबकी नज़रे वैभव सूर्यवंशी पर थी, जो हैदराबाद के साथ हुए मैच के हिरो रहे थे और क्रिस गेल का छक्कों के मामले में रिकॉर्ड तोड़ा था और उनके 30 गेंदों में बनाए गए शतक का भी रिकॉर्ड टूट जाता यदि वैभव सूर्यवंशी 29वीं गेंद पर बाउंड्री पर कैच नहीं होत। ख़ैर इस करो या मरो मुक़ाबले में भी वैभव ने निराश नहीं किया और एक बार फिर शतक से चूकते हुए 204.26 के स्ट्राइक रेट के साथ 47 गेंदों में 96 रन बना डाले, जिसमें 7 छक्के और 8 चौके शामिल थे। राजस्थान को 20 ओवर में 213 रन तक पहुंचाने में वैभव सूर्यवंशी का बड़ा योगदान रहा, जिसमें रविंद्र जडेजा के 45 और डोनोवन फरेरा के 11 गेंदों में 38 रन अहम रहे।
RR की बल्लेबाजी कर बड़ा स्कोर बनाने की थी योजना
गुजरात की गेंदबाजी में कगिसो रबाडा ने एक बार फिर सहीं गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 35 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा जेसन होल्डर भी पीछे नहीं रहे और 4 ओवर में मात्र 27 रन देकर उन्होंने ने भी 2 विकेट चटकाए। इसके अलावा मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा को 1-1 विकेट मिले। राजस्थान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फ़ैसला ज़रूर लिया, लेकिन जिस लक्ष्य की वो तलाश में थे, वहां तक पहुंचने में चूक गए। प्लेऑफ़ के दो मुकाबलों में पहले खेलने वाली टीम ने 240 से ऊपर का स्कोर खड़ा करे, चेज़ करने वाली टीम को दबाव में डालार जीत हासिल की था। कप्तान रियान पराग की मंशा इस मैच में भी कुछ ऐसी ही थी।
20 से 25 रन से चूक गई राजस्थान
214 का लक्ष्य यूं तो आसान नहीं होता, लेकिन इस IPL में 200 से ज़्यादा रन चेज़ हुए हैं। हां यह ज़रूर है, कि 230 से ऊपर के चेज़ टीमों के लिण् मुश्क़िल रहे हैं और ज़्यादातर मैच में टीम को हार मिली है। राजस्थान ने यहां ज़रूर 20 से 25 रन और बनाने में चूक गई, जिसका उसे टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए मलाल ज़रूर रहा होगा।
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शुभमन गिल की यादगार पारी
शुभमन गिल ने कप्तानी पारी खेलते हुए सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया और उन्होंने 53 गेंदों में ही 104 रन बना डाले, जो मैच जीताने के लिए काफ़ी थे। यही नहीं गुजरात की सलामी जोड़ी शुभमन गिल और साई सदर्शन (58) ने तो पहले विकेट के लिए 77 गेंदों में 167 रन जोड़कर विपक्षी टीम के हौसले पस्त कर दिए। जब तक राजस्थान शुभमन गिल और साई सदर्शन को आउट करती तब तक बहुत देर हो गई थी और गुजरात फ़ाइनल में जाने का जश्न मना रही थी। GT ने इस मैच को 8 गेंद शेष रहते 7 विकेट से यह मैच अपने नाम किया। मैच जीताने में अहम भूमिका निभाने वाले कप्तान शुभमन गिल को मैन ऑफ़ द मैच चुना गया।
वैभव सूर्यवंशी के चेहरे पर दिखी मायूसी
इस मैच में शुभमन गिल की शानदार पारी की चर्चा ख़ूब हुई, लेकिन वैभव सूर्यवंशी का यह IPL सीज़न यादग़ार बन गया और पूरे देश में और विश्व क्रिकेट में इस 15 साल के तुफ़ानी बल्लेबाज की चर्चा ज़ोर-शोर से हो रही है। इतनी छोटी सी उम्र में उन्होंने अबतक तक जो उपलब्धि हासिल कर ली है, उसे पाना आसान नहीं होता। राजस्थान फ़ाइनल में नहीं पहुंच पाई इसका अफ़सोस उनके चेहरे पर साफ़ देखा जा सकता था। मैच हारने के बाद उनके चेहरे की मायूसी कह रही थी, मानों वो इस बार IPL ट्रॉफ़ी जीतने से कैसे चूक गए?
Photo Credit: IPL



