Headlines

नोएडा अग्निकांड: लापरवाही की आग में कब तक जलती रहेंगी जिंदगियां?

आज छोटी-छोटी जगहों पर बड़ी-बड़ी इमारते बना दी जाती हैं, ताक़‍ि लोगों को किराय पर रूम देकर पैसा कमाया जा सके।

Read More

वियतनाम स्पीडबोट हादसा: 15 भारतीयों की मौत, क्या पर्यटन के लिए सुरक्षित हैं स्पीडबोट?

अगर ऐसे हादसे आगे भी होते रहे, तो लोगों का इन स्‍पीडबोट से जल्‍द ही विश्‍वास उठ जाएगा, जो पर्यटन के लिहाज से बिल्‍कुल सही नहीं होगा।

Read More

हत्या की कथित साजिश, मिसाइलों की धमकी और होर्मुज़ संकट: अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर

खैंर अभी जैसा माहौल है उसे देखकर कहना मुश्‍कि़ल है, कि दोनों देशों के बीच बातचीत हो भी पाएगी या नहीं। जैसा, कि हमने 60 दिन युद्धविराम वाले समझौते में देखा था।

Read More

अर्श से फ़र्श पर TMC: कौन हैं वो 3 पूर्व राज्यसभा सांसद, जिन्होंने थामा भाजपा का दामन?

इसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है, कि आज TMC में बग़ावत का दौर है। वही ममता बनर्जी, जि‍नका फ़ैसला पत्‍थर की लकीर माना जाता था, आज उनके फ़ैसलों का कोई मान नहीं रहा।

Read More

हैप्पी बर्थडे सौरव गांगुली: मैच फिक्सिंग के काले दौर से विश्व क्रिकेट की ताकत बनने तक ‘दादा’ की कहानी

सबने सौरव गांगुली ‘दादा’ की कप्‍तानी में आक्रमकता, जीतने का जज्‍़बा और अंत तक लड़ते रहने का जुझारूपन देखा।

Read More

वेनेजुएला में राकेश चौहान की मौत से अंगद सिंह की 10 साल की त्रासदी तक, विदेश में भारतीयों की सुरक्षा पर सवाल

युवक अपना देश छोड़कर विदेश में ज़्यादा पैसा कमाने के लिए जाते हैं। कई परिवार तो आबाद हो गए, लेकिन कई लोग ग़लत जगह पांव रखने से गुमनामी के अंधेरे में चले गए।

Read More

केतन हत्याकांड: रिश्तों के विश्वासघात ने उजागर किया इंसानियत का खोता चेहरा

हम इंसान बनने की कोशिश करें। हम इंसानियत और प्रेम की भाषा को समझें। अगर ऐसा ही चलता रहा, तो ‘अपने’ शब्द की रौशनी धीरे-धीरे बुझ जाएगी।

Read More

लखनऊ अग्‍निकांड: क्‍योंकि सुरक्षा जरूरी है

आज की तारिख़ में पढ़ना जितना ज़रूरी है, वैसे ही हमारी सुरक्षा भी बेहद ज़रूरी है, क्‍योंकि जब हम ही सुरक्षि‍त नहीं रहेंगे, तो आगे के बारे में सोचना सब व्‍यर्थ है।

Read More

“गोरखपुर हत्याकांड: अपने ही बन रहे क़ातिल, आख़‍िर कहां जा रहा है समाज?”

हम रिश्‍तों की मान-मर्यादा सब भूलते जा रहे हैं और हम पर हावी होता जा रहा है लालच, बेईमानी और दोहरा चरित्र। इंसान से अच्‍छे तो आज जानवर हो गए हैं।        

Read More

“लखनऊ अग्निकांड: आग में झुलसता भारत, आखिर ज़‍िम्मेदार कौन?”

जो कोचिंग सेंटर से छात्र हर रोज़ पढ़कर वापस चले आते थे, उन्‍हें क्‍या पता था, कि वो कोचिंग सेंटर एक दिन उनकी जान की वजह बन जाएगी।

Read More

“‘पूजी पुजारी ले गया…’ अयोध्या चढ़ावा विवाद पर कबीर का दोहा सटीक क्यों?”

कबीर ने हमारे समाज में पनपति लालच, बेईमानी व भ्रष्‍टाचार को बड़े गौर से समझा है और इसे दोहे का रूप दिया।

Read More

अमेरिका-ईरान शांति समझौता: अब कितने डॉलर प्रति बैरल मिल रहा है कच्चा तेल?

इस युद्ध में जिस तरह तेल रिफ़ाइनर‍ी पर हमले हुए उसने कच्‍चे तेल की क़ीमतों में आग लगाने का काम किया।

Read More

अभिषेक बनर्जी की गिरती सियासत: सत्ता, विवाद और पतन की कहानी”

पार्टी में एंट्री हुई नए चेहरे व भतीजे अभि‍षेक बनर्जी की, जिसके बाद कहानी में नया मोड़ आया और आज TMC को 15 वर्षों बाद बुरी तरह हार मिली, उसकी पठकथा वहीं से लिखनी शुरू हो गई थी।

Read More

क्‍या खान सर आरोपी हैं? कोचिंग सेंटर्स की पोल खोलता खान सर विवाद!

खान सर: वो शि‍क्षक, जिसको बिहार को बदलने का श्रेय दिया गया हो, वो एक दम से ‘फैज़ल खान’ बनकर फ़रार कैसे हो सकता है।

Read More

शीर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बहुत कुछ बयां करती है 12 वर्ष की ये लंबी यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ख़ुद एक पुस्‍तकालय की तरह हैं, जि‍समें एक युग से भी ज़्यादा भारत के विकास, चुनौती और संघर्ष की कहानी दिखती है।

Read More

दिल्‍ली अग्‍निकांड: क्‍योंकि सवाल पूछना ज़रूरी है!

विकसित मतलब बड़ी-बड़ी बिल्‍डिंग तैयार करना नहीं है, बल्‍कि विकसित ईमानदारी, सच्‍चाई, मानवता और विचारधारा की नींव है।

Read More

दिल्‍ली अग्‍निकांड: होटल और लोगों को जलता देख भागा मालिक़, अब 4 दिन की पुलिस रिमांड में

हमारे देश में ऐसे कई उदाहरण मिल जाएंगे, जहां अवैध रूप से ऐसे होटल चलाए जा रहे हैं। ऐसे होटलों में पैसा बचाने और मुनाफ़ा अधिक कमाने के लिए आम नागरिकों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जाता है।

Read More