IPL 2026 Winner: RCB की जीत में कौन-से सितारे ज़्यादा चमके?
इस IPL सीज़न में भी RCB के अंदर IPL टाइटल का जीतने का जज़्बा साफ़ दिखाई दिया और उनका ऑलराउंडर परफ़ॉर्मेंस इसका बड़ा उदाहरण है।
इस IPL सीज़न में भी RCB के अंदर IPL टाइटल का जीतने का जज़्बा साफ़ दिखाई दिया और उनका ऑलराउंडर परफ़ॉर्मेंस इसका बड़ा उदाहरण है।
सवाल पुलिस और क़ानून व्यवस्था पर भी उठता है, कि हमारा क़ानून आज भी ताक़त देखता है।
इस समय ज़रूरत है संस्था में बैठे ऐसे कचरों को साफ़ करने की और यह एक-दो दिन का नहीं, बल्कि वर्षों से इकट्ठा होकर पेपर लीक करके छोत्रों की आत्महत्या का कारण बन रहे हैं।
हालांकि भारत अकेला ऐसा देश था, जहां पेट्रोल-डीज़ल के दाम में अभी तक बढ़ोतरी नहीं हुई थी और अभी भी पूरे विश्व की तुलना में भारत में पेट्रोल व डीज़ल की क़ीमतों में सबसे कम बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
जांच CBI के हाथों सौंप दी गई है और CBI इस मामले से जुड़े संदिघ्धों से लगातार पूछताछ कर रही है, जिसमें हैरान करने वाले तथ्य सामने आए हैं।
आख़िर इनके संघर्ष का हिसाब कौन देगा? इस परीक्षा की तैयारी में जो समय गवांया गया, उस समय की अदायगी कौन करेगा?
यह महज एक जीत नहीं है, बल्कि यह जीत बताती है, कि अहंकार का अंत निश्चित है। ममता बनर्जी को घर में हराने के बाद शुभेंदु अधिकारी का ओहदा बढ़ गया है।
असम में बीजेपी की लगातार तीसरी बार जीत कोई करिश्मा नहीं है, यह असम की जनता का भारतीय जनता पार्टी के प्रति विश्वास को दर्शाता है।
भारतीय जनता पार्टी इस बार पूरे विश्वास के साथ ममता बनर्जी के किले को फ़तह करने की लड़ाई लड़ रही थी। यह एक दिन में नहीं हुआ, बल्कि बंगाल की जीत में कई वर्षों का संघर्ष छिपा है।
पुणे के नांदोशी में ‘लता-आशा मंगेशकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस’ का भूमि पूजन किया गया।
सबके अंदर आस्था होती है, परंतु आस्था के नाम पर भीड़ इकट्ठा करना और हादसे का शिकार होना ये कहां तक उचित है।
हाल ही में चुनावी घमासान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल का दौरा किया और सड़क, रेलवे और बंदरगाह जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े 18,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
जबसे पश्चिम एशिया में महासंग्राम शुरू हुआ है। तब से पूरी दुनिया इससे प्रभावित है। हर तरफ़ बस अर्थव्यवस्था, कच्चे तेल और एलपीजी गैस की चर्चा हो रही है। ऐसे में कहा जा रहा है, कि देश में गैस की कमी हो रही है, लेकिन यह कितना सच है?
बिहार की राजनीति अब करवट बदलने जा रही है। नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद छोड़ना, भविष्य के लिए एक चुनौती है।
फ़ाइनल में भारत को जीतने के लिए गेंदबाजी में सुधार करना होगा, वहीं न्यूज़ीलैंड ICC ट्रॉफ़ी के सूखे को ख़त्म करने के लिए बेताब होगी।
प्रधानमंत्री का जिस गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया, इससे ना सिर्फ़ प्रधानमंत्री की लोकप्रियता को पता चलता है, बल्कि यह भी पता चलता है, कि आज भारत विश्व में एक ताक़त के रूप में ऊभर रहा है।
बड़े ही शर्म की बात है, कि कांग्रेस आज अपना भड़ास निकालने के लिए विश्व मंच पर भी देश का सर झुकाने से भी नहीं चूक रही। AI इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस का अर्धनंग प्रदर्शन इसका उदाहरण है।
एआई समिट में जो कुछ भी हुआ, ये विश्व मंच को देखते हुए यह देश के लिए बड़े शर्म की बात है। गलगोटिया जैसे प्राइवेट यूनिवर्सिटी तकनीक के नाम पर बड़ी-बड़ी बातें करते तो हैं, लेकिन वो धरातल पर कितना सच्चाई रखती है, ये तो वो ख़ुद जानते हैं। वो कहते हैं ना, कि कुछ भी कर लो सच एक दिन सामने आ ही जाता है और गलगोटिया यूनिवर्सिटी के साथ वही हुआ।
हाल ही में सरकार ने आम बजट पेश किया। उसके बाद युरोनियन देशों के साथ FTA. अमेरिका के साथ व्यापार समझौता। एक तरफ़ सरकार विकसित भारत की बात करती है, वहीं विपक्ष संसद में मुद्दों पर सवाल जवाब करने के बजाए हंगामा करने में लगी है। ऐसे हंगामें जिसका तर्क नज़र नहीं आता। ये देश की जनता के साथ धोखा ही तो है।
यूजीसी के नए कानून ने छात्रों के बीच जाति भेदभाव पैदा कर दिया है। दिल्ली विश्वविद्यालय में जो कृत्य हुआ वो नहीं होना चाहिए था।