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NEET पेपर लीक में 2 और गिरफ़्तार, आख़ि‍र छात्रों की आत्‍महत्‍या का ज़िम्‍मेदार कौन?

इस समय ज़रूरत है संस्‍था में बैठे ऐसे कचरों को साफ़ करने की और यह एक-दो दिन का नहीं, बल्‍कि वर्षों से इकट्ठा होकर पेपर लीक करके छोत्रों की आत्‍महत्‍या का कारण बन रहे हैं।
  • पेपर लीक कराने में अबतक 13 गिरफ़्तार
  • NTA पूरी फ़ीस कर रहा है रिफ़ंड

संस्‍था में में बैठे लोग गद्दार

NEET पेपर लीक मामले में हर दिन चौंकाने वाले ख़ुलासे हो रहे हैं, जिससे पता चलता है, कि संस्‍था में बैठे अपने ही लोगों ने लाखों छात्रों के साथ गद्दारी की। संस्‍था में बैठे कुछ गद्दार लोगों की वजह से आज क़रीब 23 लाख छात्रों कों अपने भविष्‍य के साथ जूझना पड़ रहा है। सोचने वाली बात यह है, कि अगर ये लोग पकड़े नहीं जाते, तो ऐसे ही डब्‍बे लोग बिना योग्‍यता के कल डॉक्‍टर बनकर हम सबका इलाज कर रहे होते। बिना सेवाभाव के ये लालची लोग डॉक्‍टर बनने के बाद भी इलाज तो दूर की बात है, लेकिन लोगों को लूटने का काम ज़रूर करते।

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इनकी नींव ही धोखे और बेईमानी पर खड़ी है

ऐसे ही कितने डॉक्‍टर हमारे समाज में बिना योग्‍यता के पांव जमाकर बैठे हुए हैं, जिनके मन में सिर्फ़ लूट और लालच भरा हुआ है। इन्‍हें किसी भी तरह इलाज के नाम पर पैसे ऐंठने हैं, क्‍योंकि इनकी जड़े और नींव ही धोखे और बेईमानी पर खड़ी होती हैं। NEET 2026 में जिस तरह के ख़ुलासे हो रहे हैं, उससे यह तो साफ़ है, कि यह गैंग काफ़ी वर्षों से काम कर रहा था, क्‍योंकि‍ यह एक दिन में नहीं होता, इसकी जड़ों को जमाने कई वर्षों का समय लगता है। पेपर लीक कराने के लिए योजनाएं तैयार की गई, ताक़‍ि कोई पकड़ ना सके।

चंद पैसों में बिक जाते हैं सिस्‍टम में बैठे लोग

आज सरकार विकसित भारत और आत्‍मनिर्भर भारत की बात करती है, लेकिल सच तो यह है, कि हमारे सिस्‍टम में ऐसे लोग बैठे हैं, जो चंद पैसों में बिक जाते हैं। बिना घूस के बात आगे बढ़ती नहीं। आज NEET पेपर लीक का मामला हमारे सामने एक बड़ा उदाहरण है, कि कैसे लाखों छात्रों के भविष्‍य का लाखों में सौदा कर दिया गया। ताज्‍जुब की बात यह है, कि इन लोगों, कि रूह तक नहीं कांपती और पकड़े ना जाने पर यह हमारे बीच हमेंशा सर उठा कर चलते हैं और हम इन्‍हीं लोगों को सम्‍मान देते फ‍िरते हैं। सवाल यह है, कि क्‍या यही विकसित भारत और आत्‍मनिर्भर भारत की पहचान होगी?

ये क़ातिल हैं उन सभी छात्रों के

ये सभी आरोपी जो आज पकड़े जा रहे हैं, ये क़ातिल है उन सभी छात्रों के जिन्‍होंने पेपर लीक की हताशा में आत्‍महत्‍या कर ली। आत्‍महत्‍या किसी भी हाल में नहीं होना चाहिए, लेकिन वर्षों मेहनत और घर की पूंजी लगाने के बाद सिस्‍टम के गद्दारों की वजह से ये विद्यार्थी इतना टूट जाते हैं, कि उन्हें आत्‍महत्‍या के अलावा कुछ सूझता नहीं हैं। क्‍या ये सभी ओरापी उन्‍हें वापस ला सकते हैं? क्‍या उनकी वर्षों की मेहनत का फल दे सकते हैं?   

49 ठिकानों पर छापेमारी, 2 नए आरोपी गिरफ़्तार

CBI ने इस मामले में जांच करते हुए दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से अब तक 49 ठिकानों पर छापेमारी के बाद अबतक कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस बीच दो और आरोपियों को इा मामले में गिरफ़्तार कर लिया गया है। इसमें से एक आरोपी लातूर का और दूसरा पुणे का निवासी है। दोनों अच्‍छे पद पर काम कर रहे हैं।

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केमिस्ट्री पेपर लीक से जुड़ा है डॉ मनोज शिरुरे

जांच में पता चला है, कि लातूर निवासी डॉ मनोज शिरुरे ने हाल ही में पकड़ा गया आरोपी व मास्‍टरमाइंड केमिस्‍ट्री लेक्‍चरर पीवी कुलकर्णी के माध्‍यम से केमिस्ट्री के प्रश्‍नपत्र एक कोचिंग सेंटर संचालक, उसके बेटे और तीन छात्रों तक पहुंचाने में म‍हत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

फि‍जिक्‍स प्रश्‍नपत्र लीक में तेजस हर्षद का भी हाथ  

दूसरा आरोपी पुणे निवासी तेजस हर्षद कुमार शाह है। CBI की जांच में पता चला है, कि तेजस पुणे में ही स्‍थि‍त डॉ अभंग प्रभु मेडिकल एकेडमी (APMA) में फि‍जिक्‍स का शिक्षक है। आरोप है, कि तेजस ने हाल ही में गिरफ़्तार हुई फि‍जिक्‍स लेक्‍चरर मनीषा हवलदार के ज़रिए फि‍जिक्‍स के लीक प्रश्‍नपत्र मिले थे।      

क्‍या इतना करने से सबकुछ ठीक हो जाएगा?

पेपर लीक होने के बाद NTA ने अपनी भूल सुधारने के लिए परीक्षा रद्द कर, दोबारा 21 जून को परीक्षा की तिथि‍ निर्धारित की है। इसके अलावा जो भी विद्यार्थी NEET 2026 की परीक्षा में शामिल थे, NTA उन सबके रुपये रिफ़ंड करा रही है और दोबारा होने वाली परीक्षा का पूरी ख़र्च ख़ुद उठा रही है। सवाल यही है, कि क्‍या यह सब करने से सब ठीक हो जाएगा। इस समय ज़रूरत है संस्‍था में बैठे ऐसे कचरों को साफ़ करने की और यह एक-दो दिन का नहीं, बल्‍कि वर्षों से इकट्ठा होकर पेपर लीक करके छोत्रों की आत्‍महत्‍या का कारण बन रहे हैं।      

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