- पूणे से गिरफ़्तार हुआ इस खेल का रचयिता
- NTA की घोषणा 21 जून को होगी दोबारा परीक्षा
अपना ही निकला दागी
CBI ने आख़िरकार NEET 2026 का पेपर लीक करने और लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मुख्य आरोपी पी वी कुलकर्णी को पुणे से गिरफ़्तार कर लिया है। यह और कोई नहीं बल्कि केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) का लेक्चरर और NTA की ओर से इस परीक्षा प्रक्रिया में शामिल था और इस आरोपी की नीट प्रश्नपत्रों तक पहुंच थी।
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7 आरोपी पहले हुए थे गिरफ़्तार
पेपर लीक का यह तार दूर तक फ़ैला हुआ था, जिसमें जयपुर से एक ही परिवार के 3 लोग मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल शामिल थे। इसके अलावा नासिक से शुभम खैरनार और गुरुग्राम से यश यादव मुख्य रूप से शामिल थे। इन 5 आरोपियों के अलावा CBI की आगे की छानबिन में महाराष्ट्र के दो और आरोपी धनंजय लोखंडा और मनीषा वाघमारे को हिरासत में ले लिया गया।
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CBI ने मांगी थी आरोपियों की कस्टडी
इन सबके तार आपस में जुड़े होने के कारण CBI ने कोर्ट में इनकी कस्टडी मांगी थी, जिसके बाद अदालत ने इन आरोपियो को पूछताछ के लिए 7 दिन की कस्टडी में भेज दिया था। CBI ने बताया है, कि दो आरोपी धनंजय लोखंडा और मनीषा वाघमारे को ट्रांजिट रिमांड के लिए पुणे की अदालत में पेश किया जाएगा और उसके बाद दिल्ली की अदालत में ट्रांस्फ़र किया जाएगा।
CBI लगातार इनसे पूछताछ कर रही है और कई जगहों पर छानबिन भी कर रही थी। छानबिन में CBI को कई आपत्तिजनक डॉक्सूमेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और मोबाइल फोन मिले, जिनको जब्त कर लिया गया।
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30 लाख रुपये में ख़रीदा गया NEET 2026 पेपर
इस पेपर लीक के लिय बिवाल परिवार ने अपने बेटे विकास बिवाल के लिए 30 लाख रुपये में इसे ख़रीदा था, जिसके बाद धीरे-धीरे यह अन्य छात्रों में भी फ़ैल गया। बता दें, कि नीट 2026 का प्रश्नपत्र नासिक के शुभम खैरनार ने 10 लाख रुपये में ख़रीदा था और गुरुग्राम के यश यादव को 15 लाख में बेचा। इसी यश यादव ने बिवाल परिवार को 30 लाख रुपये में पेपर बेचा था।
शुभम खैरनार को कुलकर्णी ने दिया था प्रश्नपत्र
इन पांचों की गुथ्ती सुलझने के बाद CBI यह पता लगाने में लगी थी, कि शुभम खैरनार के पास पेपर कहां से आया? पूछताछ के बाद इस सबके पीछे के मास्टरमाइंड पी वी कुलकर्णी का पता चला, जो इस परीक्षा NTA की तरफ़ से शामिल था। यह पेशे से केमेस्ट्री का लेक्चरर भी है। CBI ने बताया है, कि दो आरोपी धनंजय लोखंडा और मनीषा वाघमारे को ट्रांजिट रिमांड के लिए पुणे की अदालत में पेश किया जाएगा और उसके बाद दिल्ली की अदालत में ट्रांस्फ़र किया जाएगा।
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