- 3 मई 2026 को हुई थी NEET (UG) परीक्षा
- CBI लगातार कर रही है जांच
देश में इस समय जो सबसे बड़ी चर्चा चल रही है, वो यही है, कि NEET 2026 का पेपर आख़िर कैसे लीक हो गया और क़रीब 23 लाख विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसने किया? इसकी जांच CBI के हाथों सौंप दी गई है और CBI इस मामले से जुड़े संदिघ्धों से लगातार पूछताछ कर रही है, जिसमें हैरान करने वाले तथ्य सामने आए हैं।
पेपर शुरू होने से पहले ही लीक
जांच में पता चला है, कि इस नीट पेपर लीक में माफ़ियाओं का बहुत बड़ा नेटवर्क राजस्थान, हरियाणा से लेकर महाराष्ट्र तक फ़ैला हुआ है। अभी तक इस मामले में 150 से ज़्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है। राजस्थान स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के IG अजय पाल लांबा ने पूछताछ के दौरान हुए ख़ुलासे का जिक्र करते हुए बताया, कि हरियाणा के एक व्यक्ति ने पेपर को नीट परीक्षा शुरू होने से पहले ही राजस्थान में भेज दिया था। पूछताछ से पता चला है, कि उसके पास यह पेपर महाराष्ट्र के नासिक से आया था। इस दौरान SOG ने क़रीब 20 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
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5 लोगों की गिरफ़्तारी, इनमें 3 एक ही परिवार के
इस पेपर लीक मामले में CBI ने अबतक 5 लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है, जिनके तार राजस्थान के जयपुर व सीकर, हरियाणा के गुरुग्राम से लेकर महाराष्ट्र के नासिक से जुड़े हैं। गिरफ़्तार होने वालों में एक ही परिवार के तीन लोग मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल है। बता दें, कि मांगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल दोनों सगे भाई हैं। दिनेश बिवाल का बेटा विकास बिवाल है, जो सीकर में रहकर नीट की तैयार कर रहा था। इसके अलावा नासिक से शुभम खैरनार और गुरुग्राम से यश यादव को गिरफ़्तार किया गया है। यश यादव BAMS का छात्र है।
अपने बेटे के लिए 30 लाख रुपये में ख़रीदा नीट पेपर
बता दें, कि सीबीआई पूछताछ में कई बड़ें ख़ुलासे हुए, जिससे पता चला है, कि मांगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल ने अपने बेटे विकास बिवाल के लिए नीट का पेपर क़रीब 30 लाख रुपये में ख़रीद लिया था और सीकर में तैयारी कर रहे बेटे को पेपर भेजा गया। इस कड़ी में सीकर के करिअर काउंसलर राकेश कुमार को भी देहरादून से गिरफ़्तार कर लिया गया। इसे देखते हुए साफ़ होता है, कि सीकर में रहकर नीट की तैयारी कर रहे विकास बिवाल के माध्यम से करिअर काउंसलर राकेश कुमार को पेपर बेच दिए गए। इसके बाद कई छात्रों तक यह लीक पेपर पहुंचा।
नासिक से शुरू हुआ पूरा खेल
नीट पेपर लीक मामले में इस कड़ी में मुख्य भूमिका निभाने वाले शुभम खैरनार को नासिक क्राइम ब्रांच ने हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है, कि शुभम खैरनार ख़ुद BAMS का छात्र है और इसने क़रीब 10 लाख रुपये में प्रश्नपत्र ख़रीदकर गुरुग्राम में किसी को 15 लाख रुपये में बेच दिया था। गुरुग्राम से CBI ने यश यादव को हिरासत में लिया है, इसलिए यहां पूरा शक यश यादव पर जाता है, कि उसने शुभम खैरनार से पेपर ख़रीदा होगा और यह वही डॉ यश यादव है, जिससे बिवाल परिवार ने अपने बेटे विकास बिवाल के लिए 30 लाख रुपये में पेपर ख़रीदा। उसके बाद पैसे कमाने के लिए करिअर काउंसलर राकेश कुमार को पेपर बेचा गया और धीरे-धीरे यह कई छात्रों तक ट्रांस्फ़र हो गया। ख़रीदा।
पुणे से महिला गिरफ़्तार
नीट पेपर लीक मामले में महाराष्ट्र में पुणे पुलिस ने एक महिला को भी हिरासत में ले लिया है। पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने बताया, कि महिला को बिबवेवाड़ी इलाक़े से गिरफ़्तार किया गया है और शुरुआती पूछताछ के बाद CBI को सौंप दिया गया है। इस महिला की कड़ी भी कोचिंग क्लास से जुड़ी हुई है। CBI इस सिलसिले में कई स्थानों पर छापेमारी और पूछताछ कर रही है। इस दौरान ब्यूरो ने कई अपत्तिजनक सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। CBI इस मामले में शुरुआती जांच करने वाले राजस्थान के विशेष कार्यबल (SOG) से लगातार संपर्क में है।
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