कौन से फ़ैक्‍टर असम में दिला गई BJP को प्रचंड जीत, कब तक होगा नई सरकार का गठन?

असम में बीजेपी की लगातार तीसरी बार जीत कोई करिश्‍मा नहीं है, यह असम की जनता का भारतीय जनता पार्टी के प्रति विश्‍वास को दर्शाता है।
  • NDA को असम में मिली 102 सीट, वहीं कांग्रेस 22 पर सिमटी
  • असम में नई सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू, सरमा ने दिया इस्तीफ़ा

लगातार तीसरी बार हिमंता बिस्‍वा सरमा बनेंगे मुख्‍यमंत्री

असम चुनाव में एक बार फ‍िर भारतीय जनता पार्टी ने अपना परचम लहरा दिया है। असम के मुख्‍यमंत्री हिमंता बिस्‍वा सरमा लगातार तीसरी बार मुख्‍यमंत्री पद का शपथ लेंगे। असम में बीजेपी की लगातार तीसरी बार जीत कोई करिश्‍मा नहीं है, यह असम की जनता का भारतीय जनता पार्टी के प्रति विश्‍वास को दर्शाता है।

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कांग्रेस का होता पतन

दूसरी तरफ़ कांग्रेस की इतनी बड़ी हार से यह साफ़ हो जाता है, कि वहां की जनता कांग्रेस पर अब भरोसा नहीं करना चाहती। यहीं वजह है, कि असम में कांग्रेस का नेतृत्‍व कर रहे गौरव गोगई को जनता ने मतदान में सिरे से नकार दिया है। बीजेपी गठबंधन को जहां असम विधानसभा चुनाव में 102 सीटें मिली, वहीं कांग्रेस 22 सीट पर ही सिमट गई। श्‍ह कांग्रेस के पतन को भी दर्शाता है।  

बीजेपी के नेतृत्‍व में असम ने देखा विकास  

पिछले 10 वर्ष के कार्यकाल में हिमंता बिस्‍वा सरमा ने जनता के बीच ज़मीनी स्‍तर के नेता के रूप में लोकप्र‍ियता हासिल की। असम विकास से लेकर शि‍क्षा के स्‍तर पर पिछड़ा हुआ माना जाता रहा है। बीजेपी सरकार के नेतृत्‍व में असम ने विकास को देखा है। लोगों को आवास देने से लेकर, आयुष्‍मान भारत के माध्‍यम से स्‍वास्‍थ्‍य से जोड़ना, घुसपैठिए का मुद्दा उठाना, भूमि पर अवैध कब्‍जा व अत‍िक्रमण पर कार्रवाई, महिला सशक्‍तिकरण के लिए अरुणोदय योजना के माध्‍यम से उनके खाते में रुपये ट्रान्‍सफ़र करने जैसी मूलभूत सुविधाओं से वहां की जनता को जोड़ने का काम किया।

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भ्रष्‍टाचार के आरोप के बावजूद बीजेपी विजयी

असम विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्‍यमंत्री हिमंता बिस्‍वा सरमा को कांग्रेस ने भ्रष्‍टाचार से जोड़ते हुए उनपर ज़मीन घोटाले का आरोप लगाया। इसके अलावा उनकी पत्‍नी रिनिकी भुइयां सरमा पर तीन पासपोर्ट और विदेश में बेनामी प्रॉपर्टी होने के आरोप लगाए थे, लेकिन यह सब आरोप बीजेपी नेता हिमंता बिस्‍वा सरमा को जीत से नहीं रोक पाए। वो भी ऐसी जीत जहां कांग्रेस आसपास भी नहीं भटकती। रिनिकी भुइयां सरमा पर आरोप के लिए कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर क़ानूनी कार्रावई भी की गई।

कांग्रेस के पास कोइ मुद्दा नहीं

देखा जाए तो कांग्रेस के पास चुनाव लड़ने के लिए कोई ठोस मुद्दे नहीं थे, वो पूरे चुनाव प्रचार में सिर्फ़ बीजेपी पर ओराप ही लगाती रही और मुख्‍यमंत्री पर भ्रष्‍टाचर से जोड़ती रही। यही नहीं उनकी पत्‍नी पर भी गंभीर आरोप लगाए गए। असम की जनता इनसे प्रभावित नहीं हुई और कांग्रेस को एक बार फ‍िर मुंह की खानी पड़ी। आप आरोप की राजनीति से चुनाव नहीं जीत सकते। हमें जनता की ज़मीनी दिक्‍़कतों को समझकर उनकी बात करनी पड़ती है। एक व्‍यक्‍ति को टारगेट करके चुनाव में जीत पाना संभव नहीं लगता।

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11 मई के बाद होगा नई सरकार का गठन  

असम में पूर्ण बहुमत मिलने के बाद हिमंता बिस्वा सरमा ने असम में नई सरकार के गठन के लिए राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को औपचारिक इस्तीफ़ा सौंप दिया है। उनके अनुसार असम की नई बीजेपी सरकार का शपथ ग्रहण 11 मई के बाद हो सकता है। बता दें, कि नई सरकार के गठन तक सरमा कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते रहेंगे। भाजपा सरकार बनाने की प्रक्रिया के लिए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया है। इस दौरान मंत्री मंडल के विस्‍तार के लिए NDA की बैठक होगी। इस बैठक के बाद बीजेपी राज्यपाल से मिलकर असम में सरकार बनाने का दावा पेश करेगी।

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