- 15 हजार वोटों से जीते सुवेंदु अधिकारी
- भवानीपुर ममता बनर्जी माना जाता है गढ़
बंगाल की नई सुबह
बंगाल की राजनीति में आख़िरकार वो हुआ जो पहले कभी नहीं हुआ था। इसे बंगाल की नई सुबह के रूप में देखा जा रहा है। एक ऐसी सुबह जहां अब TMC का राज नहीं होगा। 15 वर्षों के बाद आख़िर जनता ने डर और भय से आगे निकलकर यह बताया, कि अब ममता बनर्जी नहीं, बल्कि एक ऐसा शासन चाहिए, जो बंगाल को हिंसा और गुंडाराज से बाहर निकालकर विकास और समृद्धि की ओर ले जाए।
तुष्टिकरण की राजनीति नहीं, अब विकास चाहिए
तुष्टिकरण की राजनीति करने वाली ममता बनर्जी को बंगाल की जनता ने आख़िरकार 15 वर्षों के शासन के बाद बाहर का रास्ता दिखाया दिया है। यह इतना आसान नहीं था, लोग TMC के डर से वोट नहीं देने जाते थे या इस भय से, कि TMC के गुंडे उन्हें छोड़ेंगे नहीं, इसलिए TMC को वोट देते थे। कहते हैं, कि पानी जब सर से ऊपर आ जाता है, तब बदलाव होना निश्चित है और वहीं हुआ। TMC के नेता घमंड में इतना चूर थे, कि उन्हें कभी नहीं लगता था, कि हम कभी भी हार सकते हैं। भले ही उन्होंने बंगाल के लिए कुछ नहीं किया हो।
सुवेंदु अधिकारी ने ममता के घर में जाकर दी शिकस्त
पिछली बार यानी 2021 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को क़रीब 2 हज़ार वोट से हराया था। इस बार सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को उनके ही घर भवानीपुर में जाके शिकस्त दी है। यह हार ममता बनर्जी के लिए बहुत बड़ी हार है। यह ऐसी हार है, जिसे पचा पाना उनके लिए मुश्क़िल है। भवानीपुर की हार यह बताता है, कि बंगाल की जनता ममता सरकार से कितना उब चुके थे और वो इस बार परिवर्तन चाहते थे और उन्होंने ममता सरकार के भय के आगे वोट को प्राथमिकता दी और परिवर्तन कर डाला।
सुवेंदु अधिकारी की 15 हज़ार के अंतर से जीत
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव भवानीपुर विधानसभा सीट से बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी से 15,114 वोटों के अंतर से हार गई हैं। इस चुनाव में सुवेंदु अधिकारी को 73,463 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को 58,349 वोट मिले। बीजेपी प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर के अलावा अपनी दूसरी सीट नंदीग्राम से भी जीत दर्ज की है।



