“‘पूजी पुजारी ले गया…’ अयोध्या चढ़ावा विवाद पर कबीर का दोहा सटीक क्यों?”
कबीर ने हमारे समाज में पनपति लालच, बेईमानी व भ्रष्टाचार को बड़े गौर से समझा है और इसे दोहे का रूप दिया।
कबीर ने हमारे समाज में पनपति लालच, बेईमानी व भ्रष्टाचार को बड़े गौर से समझा है और इसे दोहे का रूप दिया।
इस युद्ध में जिस तरह तेल रिफ़ाइनरी पर हमले हुए उसने कच्चे तेल की क़ीमतों में आग लगाने का काम किया।
पार्टी में एंट्री हुई नए चेहरे व भतीजे अभिषेक बनर्जी की, जिसके बाद कहानी में नया मोड़ आया और आज TMC को 15 वर्षों बाद बुरी तरह हार मिली, उसकी पठकथा वहीं से लिखनी शुरू हो गई थी।
खान सर: वो शिक्षक, जिसको बिहार को बदलने का श्रेय दिया गया हो, वो एक दम से ‘फैज़ल खान’ बनकर फ़रार कैसे हो सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ख़ुद एक पुस्तकालय की तरह हैं, जिसमें एक युग से भी ज़्यादा भारत के विकास, चुनौती और संघर्ष की कहानी दिखती है।
पिछले कई दिनों से यह प्रश्न भी उठ रहे थे, कि क्या खान सर की गिरफ़्तारी होगी?
ग़जब हैं ऐसे अस्पताल, जो आम आदमी से पैसा तो झोली भरकर लेते हैं, लेकिन सुरक्षा नहीं दे सकते।
विकसित मतलब बड़ी-बड़ी बिल्डिंग तैयार करना नहीं है, बल्कि विकसित ईमानदारी, सच्चाई, मानवता और विचारधारा की नींव है।
हमारे देश में ऐसे कई उदाहरण मिल जाएंगे, जहां अवैध रूप से ऐसे होटल चलाए जा रहे हैं। ऐसे होटलों में पैसा बचाने और मुनाफ़ा अधिक कमाने के लिए आम नागरिकों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जाता है।
21 लोगों की मौत के अलावा 45 से ज़्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सवाल यही उठता है, कि जांन गंवाने वाले और घायल हुए लोगों का कसूर क्या था?
इस IPL सीज़न में भी RCB के अंदर IPL टाइटल का जीतने का जज़्बा साफ़ दिखाई दिया और उनका ऑलराउंडर परफ़ॉर्मेंस इसका बड़ा उदाहरण है।
सवाल पुलिस और क़ानून व्यवस्था पर भी उठता है, कि हमारा क़ानून आज भी ताक़त देखता है।
इस समय ज़रूरत है संस्था में बैठे ऐसे कचरों को साफ़ करने की और यह एक-दो दिन का नहीं, बल्कि वर्षों से इकट्ठा होकर पेपर लीक करके छोत्रों की आत्महत्या का कारण बन रहे हैं।
हालांकि भारत अकेला ऐसा देश था, जहां पेट्रोल-डीज़ल के दाम में अभी तक बढ़ोतरी नहीं हुई थी और अभी भी पूरे विश्व की तुलना में भारत में पेट्रोल व डीज़ल की क़ीमतों में सबसे कम बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
जांच CBI के हाथों सौंप दी गई है और CBI इस मामले से जुड़े संदिघ्धों से लगातार पूछताछ कर रही है, जिसमें हैरान करने वाले तथ्य सामने आए हैं।
आख़िर इनके संघर्ष का हिसाब कौन देगा? इस परीक्षा की तैयारी में जो समय गवांया गया, उस समय की अदायगी कौन करेगा?
यह महज एक जीत नहीं है, बल्कि यह जीत बताती है, कि अहंकार का अंत निश्चित है। ममता बनर्जी को घर में हराने के बाद शुभेंदु अधिकारी का ओहदा बढ़ गया है।
असम में बीजेपी की लगातार तीसरी बार जीत कोई करिश्मा नहीं है, यह असम की जनता का भारतीय जनता पार्टी के प्रति विश्वास को दर्शाता है।
भारतीय जनता पार्टी इस बार पूरे विश्वास के साथ ममता बनर्जी के किले को फ़तह करने की लड़ाई लड़ रही थी। यह एक दिन में नहीं हुआ, बल्कि बंगाल की जीत में कई वर्षों का संघर्ष छिपा है।
पुणे के नांदोशी में ‘लता-आशा मंगेशकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस’ का भूमि पूजन किया गया।