- बीजेपी को चुनाव में मिली थी प्रचंड जीत
- शुभेंदु अधिकार बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री
केंद्र सरकार की कोई भी योजना बंगाल में नहीं थी लागू
पश्चिम बंगाल की जनता तृणमुल कांग्रेस के राज में केंद्र सरकार की कई योजनओं से अछूता रहा था, लेकिन सरकार बदलते ही पश्चिम बंगाल की जनता को धीरे-धीरे अब उन सभी केंद्रीय योजनाओं का लाभ मिलेगा, जिनसे वो काफ़ी बरसों से वंचित थे। शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद संभालते ही बंगाल में एक नया बदलाव देखने को मिल रहा है। ऐसा लगता है मानों, कि पश्चिम बंगाल में अब जाकर नया सवेरा हुआ है। जैसे जैसे समय बीतेगा यहां हमें कानून व्यवस्था दुरुस्त होते नज़र आएगा।
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बंगाल चुनाव में जनता की जीत
बता दें, कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 207 सीटों के साथ प्रचंड जीत मिली थी, वहीं 15 वर्षों तक सत्ता में रही TMC 82 सीटों पर सिमट कर रह गई थी। दरअसल यह जनता का फ़रमान था, कि अब हमें बांधकर या डराकर नहीं रखा जा सकता। आख़िर कब तक जनता को भय में रखकर विकास की योजनाओं से दूर रखा जा सकता है।

पश्चिम बंगाल सरकार के लिए गए अहम फ़ैसले और लागू योजनाएं:
1) वंदे मातरम् हुआ अनिवार्य: बीजेपी सरकार बनते ही पश्चिम बंगाल के सभी स्कूलों में प्रार्थना के समय ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य कर दिया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य ने इस क़दम की सराहना करते हुए कहा, कि सही मायने में यह ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को श्रद्धांजलि है।
दूसरी तरफ़ एजेयूपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और विधायक हुमायूं कबीर ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत का नारा और मातृभूमि का राष्ट्रगीत है, इसलिए इस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
2) पीएम श्री योजना: : शिक्षा मंत्रालय और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच पीएम श्री योजना के तहत स्कूलों को अपग्रेड करने के लिए समझौता हुआ है। केंद्र सरकार की पीएम श्री योजना के तहत देशभर में 14,500 से अधिक मौजूदा स्कूलों को अपग्रेड कर पीएम श्री स्कूल स्थापित करने का प्रावधान है।
3) पशु बलि पर सख्त नियम: नई सरकार पशु बिली को लेकर काफ़ी गंभीर है और उसने पश्चिम बंगाल में पशु वध को लेकर नई गाइडलाइन जारी किया है। अब सरकारी प्रमाणपत्र के बिना गाय, बैल, सांड, भैंस और बछड़ों की बलि पर प्रतिबंध लगा दिया है। नई गाइडलाइन के अंतर्गत 14 वर्ष से कम आयु के किसी भी पशु की बलि की अनुमति नहीं होगी।
4) 2011 से जारी सभी जाति प्रमाणपत्रों की जांच: पश्चिम बंगाल में सरकार ने जारी जाति प्रमाण पत्रों को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए सभी उप-विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है, कि वर्ष 2011 के बाद जारी सभी जाति प्रमाण पत्रों की दोबारा जांच और सत्यापन किया जाए। इसके ज़रिए राज्य में जारी प्रमाण पत्रों की सत्यता और पारदर्शिता को सुनिश्चित किया जाएगा।
5) आयुष्मान भारत: TMC के रहते हुए बंगाल की जनता को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा था, लेकिन शुभेंदु अधिकारी सरकार गठन की पहली कैबिनेट बैठक में ही इस योजना को लागू करने का आदेश दे दिया था।
6) ‘दूरसंचार मार्ग अधिकार नियम, 2024′: इस नियम के लागू होने से पश्चिम बंगाल में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। इससे पहले TMC के राज में यह लागू नहीं हुआ था और बंगाल इस ममाले में पिछड़ा हुआ था।
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