- पश्चिम बंगाल में बीजेपी को मिली थी रिकॉर्ड 207 सीट
- सरकार के गठन के बाद शुभेंदु अधिकारी को ‘गार्ड ऑफ ऑनर‘
बीजेपी का ऐतिहासिक पल
हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 293 विधानसभा सीटों में से 207 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया और TMC की 15 वर्षों की हिंसक सत्ता को उखाड़ फेंका। जनता ने इस बार डर को नहीं, बल्कि विकास और सुरक्षा को चुना। इसके बाद 9 मई को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में ऐतिहासिक पल आया जब आज़ादी के बाद पहली बार पश्चिम बंगाल में बीजेपी का कोई मुख्यमंत्री बना और वो पहला नाम है- शुभेंदु अधिकारी, जो इतिहास में इसलिए भी याद किए जाएंगे, कि उन्होंने भवानीपुर में ममता बनर्जी के गढ़ में जाकर 15 हज़ार से ज़्यादा वोटों से हराया।
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‘गार्ड ऑफ ऑनर’ शुभेंदु अधिकारी
नए सरकार के गठन के बाद राज्य सचिवालय, नबन्ना में पहली कैबिनेट मीटिंग हुई, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने की। इस मौक़े पर राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में शुभेंदु अधिकारी को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। इस मीटिंग में कई अहम फ़ैसले लिए गए और पिछली सरकार में बंगाल की जनता जिन केंद्रीय योजनाओं ये अछूती रह गई थी, उसे लागू किया गया।
सरकार गठन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के अहम फ़ैसले:
1) ज़मीन हस्तांतरित: BSF को ज़मीन हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया और ज़मीन के हस्तांतरण की प्रक्रिया पहली कैबिनेट बैठक के दिन से ही शुरू हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, कि 45 दिनों के भीतर राज्य की सीमाओं पर बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल को जमीन हस्तांतरित कर दी जाएगी। उन्होंने घुसपैठिए का मुद्दा उठाते हुए TMC पर हमला करते हुए कहा, कि पिछली सरकार ने घुसपैठ को बढ़ावा देने के लिए जमीन रोक रखी थी।
2) आयुष्मान भारत: TMC के शासन में पश्चिम बंगाल की जनता को आयुष्मान भारत का लाभ नहीं मिल रहा था। बीजेपी के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना को लागू करने की घोषणा कर दी है। पश्चिम बंगाल में अब आधिकारिक तौर पर आयुष्मान भारत योजना का लाभ उठाया जाएगा।
3) फसल बीमा और जन आरोग्य योजना: आयुष्मान भारत के अलावा राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को भी केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश पर तत्काल लागू कर दिया गया है।
4) आपराधिक कानून: मुख्यमंत्री ने TMC पर आरोप लगाते हुए कहा, कि राज्य में भारतीय न्याय संहिता को लागू नहीं किया गया, जिससे स्वभाविक है, कि अपराध बढ़ेंगे। इस बैठक में राज्य में आपराधिक कानून लागू करने का अहम फ़ैसला लिया गया है।
5) पेपरलेस ऑफिस व्यवस्था: पश्चिम बंगाल में अब पेपरलेस ऑफिस व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब डिजिटल कार्य प्रणाली के माध्यम से राज्य में काम किए जाएंगे, जिससे काम करने में तेज़ी आएगी।
6) बढ़ाई गई उम्र सीमा: बैठक में शुभेंदु अधिकारी ने कहा, कि गृहमंत्री अमित शाह ने चुनाव प्रचार के दौरान विद्यालय की नौकरी के आवेदकों के लिए उम्र सीमा में पांच वर्ष का विस्तार करने का वादा किया था, जिसे इस बैठक में मंजूरी दे दी गई है।
7) जनगणना: बैठक में 11 महीने की देरी के बाद पश्चिम बंगाल में जनगणना के काम को लागू कर दिया गया है। बता दें, कि तृणमुल कांग्रेस ने गृह मंत्रालय द्वारा जारी जून 2025 जनगणना परिपत्र की अनदेखी की थी।
8) कट मनी और तस्करी पर सख्ती: चुनाव प्रचार के दौरान कट मनी और तस्करी के मुद्दों को उठाया गया था। इस बैठक में उसकी चर्चा करते हुए अधिकारियों को “कट मनी” प्रथा ख़त्म करने और गौ-तस्करी रोकने के आदेश जारी किए गए।
9) केंद्रीय प्रशिक्षण: इस मंत्रिमंडल में मुख्य सचिव को राष्ट्रीय और राज्य कैडर के अधिकारियों के लिए केंद्रीय प्रशिक्षण शुरू करने के लिए कदम उठाने का अधिकार दिया है। साथ ही भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और राज्य पुलिस के अधिकारियों को भी केंद्रीय प्रशिक्षण देने का फ़ैसला लिया गया है।
10) नहीं बंद होगी पहले से जारी योजना: इस मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ़ किया, कि राज्य में पहले से चल रही कोई भी सामाजिक योजना बंद नहीं की जाएगी।
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