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पहलगाम आतंकी हमला: किस आतंकी के खिलाफ NIA कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वॉरंट?

भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का प्रतिशोध लेने के लिए ऑपरेशन सिंदूर के माध्‍यम से जवाबी कार्रवाई की थी और पाकिस्‍तान में स्‍थित आतंकी ठिकानों को खंडर बना दिया था।
  • 22 अप्रैल 2025 को हुआ था पहलगाम आतंकी हमला
  • 26 लोगों की कर दी गई थी हत्‍या

पहलगाम हमले में लश्कर-ए-तैयबा का हाथ

पहलगाम आतंकवादी हमले का मास्‍टरमाइंड हाफ़‍िज़ सईद के खि‍लाफ़ NIA की विशेष अदालत ने गैर-जमानती वॉरंट जारी किया। आतंकवादी हाफ़‍िज़ सईद प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का सरगना है। भारत और अमेरिका ने हाफ़‍िज़ सईद को वैश्विक आतंकवादी घोषि‍त कि‍या है। हाफ़‍िज़ सईद को वर्ष 2008 में हुए आतंकवादी हमले का भी मास्‍टरमाइंड माना जाता है। पहलगाम हमले के लिए इस आतंकवादी पर पूरक आरोपपत्र यानी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसके बाद NIA की विशेष अदालत यह आदेश पारित किया।

पूरक आरोपपत्र के बाद कोर्ट ने जारी किया वॉरंट

जम्मू स्थित विशेष NIA अदालत में दाखिल पूरक आरोपपत्र में 76 वर्षीय सईद को प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा और उससे जुड़े संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ के प्रमुख के रूप में आरोपी माना है। यही नहीं हाफ़‍िज़ सईद के ख़‍िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता 2023 और गैरक़ानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अदालत के आदेश के अनुसार, NIA ने अदालत को बताया, कि पाकिस्तान के फ़रार आतंकवादी हाफिज सईद पहलगाम आतंकवादी हमले के मामले में आरोपी है और वह जानबूझकर गिरफ़्तारी से बच रहा है।

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क्‍या कहा अदालत ने?

NIA ने अनुरोध किया है, कि आगे की कार्रवाई और जांच के लिए उसके ख़‍िलाफ़ गैर-जमानती वॉरंट जारी करने किया जाए। अदालत ने अपने आदेश में कहा, ”निष्पक्ष, पूर्ण और प्रभावी जांच के लिए हाफ़‍िज़ सईद की गिरफ़्तारी और हिरासत में पूछताछ ज़रूरी है।

धर्म पूछने के बाद कर दी थी हत्या

पिछले वर्ष यानी 22 अप्रैल 2025 को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने कायराना हरकत की थी, जिसमें धर्म पूछ-पूछ कर 26 बेगुनाहों की हत्या कर दी गई थी, जिनमें 25 लोग पर्यटक थे। आतंकवादियों ने धर्म पूछने के बाद निर्दोष लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलाई थी। इसके पीछे लश्कर-ए-तैयबा का हाथ माना जाता है, जिसका प्रमुख हाफ़‍िज़ सईद है।

भारत का जवाब ‘ऑपरेशन सिंदूर’

इस कायराना हरकत के बाद भारत और पाकिस्‍तान के रिश्‍ते और भी ख़राब हुए और भारत ने इस हमले का प्रतिशोध लेने के लिए ऑपरेशन सिंदूर के माध्‍यम से जवाबी कार्रवाई की थी और  पाकिस्‍तान में स्‍थित आतंकी ठिकानों को खंडर बना दिया था। इस हमले ने आतंकवाद को तो हिला ही दिया था, वहीं पाकिस्‍तान को भी सीज़फ़यार करने के लिए मजबूर कर दिया था।   

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