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आस्था का महासागर: पुरी में धूमधाम से निकली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा

ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा भारी बारिश के बीच धूमधाम से निकली। लाखों श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व देवी सुभद्रा गुंडिचा मंदिर के लिए रवाना हुए।
  • गुंडिचा मंदिर के लिए रवाना हुई रथ यात्रा
  • कलाकारों ने दी ओडिसी नृत्यकी प्रस्तुती

नौ दिवसीय वार्षिक यात्रा पर रवाना हुई रथ यात्रा

ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्‍व प्रसिद्ध रथ यात्रा धूमधाम से निकाली गई। अटूट आस्था और उत्साह के बीच भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के साथ जगन्नाथ मंदिर से गुंडिचा मंदिर तक अपनी नौ दिवसीय वार्षिक यात्रा पर रवाना हुए। भारी बारिश के बावजूद रथ यात्रा में लाखों भक्‍त शामिल हुए। साथ ही देश-दुनिया से भी भगवान जगन्नाथ के भक्त पूरी श्रद्धा के साथ उनके दर्शन करने आए।

ओडिसी नृत्य शैली से प्रसन्‍न होते हैं भगवान जगन्नाथ

इस रथ यात्रा के दौरान कलाकारों ने ओडिसी नृत्य की प्रस्तुती कर भगवान की आराधना की। दरअसल इस प्रसिद्ध रथ यात्रा में ओडिसी नृत्य शैली को इसलिए शामिल किया जाता है, क्‍योंकि इस शैली में जिस जयदेव की ‘गीत गोविंद’ की रचनाओं का प्रयोग होता है, वो भगवान जगन्नाथ और राधा-कृष्ण की भक्ति पर आधारित हैं। भक्‍तों का मानना है, कि भगवान जगन्नाथ इस नृत्य शैली से बेहद प्रसन्न होते हैं।

क्या है गुंडिचा मंदिर जाने की धार्मिक मान्यता?

इस विश्‍व प्रसिद्ध रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहन को रथों में विराजमान किया जाता है। इसके बाद श्रद्धालुओं व भक्‍तों को दर्शन देते हुए यह रथ यात्रा श्री गुंडिचा मंदिर के लिए प्रस्‍थान करते हैं, जिसे भगवान जगन्नाथ के मामा का निवास स्थान माना जाता है। पूरी से श्री गुंडिचा मंदिर की दूरी लगभग 3 किलोमीटर है और इस यात्रा का समापन श्री गुंडिचा मंदिर में होता है। इसके बाद भगवान जगन्‍नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा नौ दिनों तक गुंडिचा मंदिर में ठहरते हैं। यह यात्रा पूरी करने के बाद दोबारा उन्हीं रथों पर श्री मंदिर लौटते हैं, जिसे ‘बहुदा यात्रा’ या वापसी रथ यात्रा के नाम से भी जाना जाता है।

यह भी पढ़ें: “‘पूजी पुजारी ले गया…’ अयोध्या चढ़ावा विवाद पर कबीर का दोहा सटीक क्यों?”

राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दी शुभकामनाएं

इस पावन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी है। सोशल मीडिया पोस्ट में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, कि यह इस भव्य उत्सव के दौरान महाप्रभु श्री जगन्नाथ, चक्रराज सुदर्शन, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भक्तों से मिलने बाहर आते हैं। साथ ही राष्ट्रपति ने पोस्‍ट में लिखा, कि महाप्रभु श्री जगन्नाथ के आशीर्वाद से देश और देशवासियों पर सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कि रथ यात्रा से जुड़ी परंपराओं ने देश और दुनिया की कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है और ये विनम्रता, सामूहिक भागीदारी व निस्वार्थ सेवा के मूल्यों को साकार करती हैं।

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