Headlines

वियतनाम स्पीडबोट हादसा: 15 भारतीयों के पार्थिव शरीर स्वदेश पहुंचे, स्पीडबोट सुरक्षा पर उठे सवाल

अगर ऐसे स्‍पीडबोट हादसों को नहीं रोका जा सकता, तो पर्यटन के नाम पर इन जानलेवा स्‍पीडबोट को बंद कर देना चाहिए।
  • बिज़नेस ट्र‍िप गए थे वियतनाम
  • 32 लोग सवार थे बोट में

मृतकों के परिजनों को कंपनी देगी 25 लाख रुपये

वियतनाम में हुए दर्दनाक स्‍पीडबोट हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीयों का पार्थिव शरीर भारत पहुंच गया है। भारतीय दूतावास के अनुसार, वियतनाम एयरलाइंस की उड़ान VN-979 से शव हो ची मिन्ह सिटी से मुंबई भेजा गया है। विदेश मंत्रालय ने बताया, कि यहां से आंध्र प्रदेश, केरल और तमिलनाडु की राज्य सरकार उनके पार्थि‍व शरीर को उनके गृह स्‍थान तक पहुंचाने का काम कर रही है। मृतकों में 10 तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 लोग केरल के रहने वाले थे। मोबाइल कंपनी ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये देने की घोषणा की है।  

यह भी पढ़ें: वियतनाम स्पीडबोट हादसा: 15 भारतीयों की मौत, क्या पर्यटन के लिए सुरक्षित हैं स्पीडबोट?

बीच लहर में पलट गई थी बोट     

हाल ही में वियतनाम में फ़ु क्वोक द्वीप के समीप रट नगोआई टापू के पास अचानक ऊंची लहर की चपेट में आने से स्‍पीडबोट अचानक पलट गई थी। उस दौरान बोट में 32 लोग व 4 क्रू मेंमर सवार थे। बोट पलटने से उसमें सवार 15 भारतीयों की मौत हो गई थी और क्रू मेंमर सहित 21 लोगों को बचा लिया गया था। बता दें, कि ये सभी भारतीय एक मोबाइल कंपनी की तरफ़ से बिज़नेस ट्रिप पर वियतनाम घूमने आए थे और हादसे का शि‍कार हो गए।

इससे पहले भी हुए कई हादसे

इस हादसे के बाद स्‍पीडबोट पर प्रश्‍नचिन्‍ह लगते नज़र आ रहे हैं, क्‍योंकि हाल के दिनों में स्‍पीडबोट में सैर करने के दौरान बोट पलटने से कई लोगों की जान जा चुकी है। इसमें सबसे बड़ा उदाहरण जबलपुर बोट हादसा है, जिसमें बोट बीच लहर में जाते ही पलट गई थी और 13 लोगो की जान चली गइ थी। दोनों हादसों में बोट संचालकों की लापरवाही साफ़ देखी गई है। ऐसे हादसों ने अब लोगों के मन में स्पीडबोट पर सैर करने के मामले में डर पैदा कर दिया है, क्‍योंकि बोट संचाल‍क लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

तो बंद कर देना चाहिए इन जानलेवा स्‍पीडबोट को!

वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग ने स्पीडबोट हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं, वहीं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अधिकारियों से हादसे के कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ज़रूरी क़दम उठाने के निर्देश दिए हैं। सरकार को अब देश के सभी स्‍पीडबोट की जांच करनी चाहिए, क्‍योंकि लोगों की जान से बढ़कर कुछ भी नहीं है। अगर ऐसे स्‍पीडबोट हादसों को नहीं रोका जा सकता, तो पर्यटन के नाम पर इन जानलेवा स्‍पीडबोट को बंद कर देना चाहिए।

यह भी पढ़ें: वेनेजुएला में राकेश चौहान की मौत से अंगद सिंह की 10 साल की त्रासदी तक, विदेश में भारतीयों की सुरक्षा पर सवाल 

Photo Source: X/ India in Vietnam

More Posts

CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्‍ली हाईकोर्ट से झटका, जानिए कोर्ट ने क्या कहा

CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत बढ़ाने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने दखल देने से इनकार कर दिया।

CJP के लिए आगे की राह आसान नहीं, क्या जारी रह पाएगा ‘वोट चोरी’ आंदोलन?

CJP के लिए आगे की राह आसान नहीं होने वाली, क्‍योंकि दोबारा प्रदर्शन हुआ तो कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोटा रेलवे स्टेशन पर पकड़े गए तीनों आरोपी, नेपाल भागने की फ़िराक़ में थे!

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में तीन आरोपियों को कोटा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से पकड़ा गया। पुलिस जांच में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही है।

नीला ड्रम से सांप के डसने की साजिश तक, मेरठ में विश्वासघात की दो खौफनाक कहानियां

मेरठ के चर्चित अमित कश्यप हत्याकांड मामलें में अदालत ने पत्‍नी रविता और प्रेमी अमरदीप को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई।

Send Us A Message