- अमेरिका का दावा खुला है होर्मुज
- ईरान में 2 जहाजों को बनाया निशाना
एक बार फिर युद्ध के घेरे में खाड़ी देश
ईरान-अमेरिका युद्ध अब काफ़ी आगे बढ़ता जा रहा है। युद्धविराम ख़त्म होने के बाद से दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव ने युद्ध की स्थिति फिर पैदा कर दी है, जिससे खाड़ी देश एक बार फिर युद्ध की चिंताओं से घिर गया है। एक तरफ़ अमेरिका स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ पर अपना दावा ठोकते हुए यह कहने में लगा हुआ है, कि होर्मुज़ खुला रहेगा, वही ईरान का कहना है, कि होर्मुज़ पर उसका हक़ है, जिसमें किसी की भी दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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होर्मुज़ में ईरान का हमला, भारतीय क्रू की मौत, 8 घायल
इसी बीच ईरान ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से गुज़र रहे 2 जहाजों पर मिसाइल से हमला करने का दावा किया। इस हमले में एक दुखद ख़बर सामने आई है, जिसमें एक भारतीय क्रू की मौत हो गई है और 8 लोग घायल हो गए हैं, जिसमें 4 की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। इस हमले के बाद यूएई के रक्षा मंत्रालय ने एक सोशल मीडिया पोस्ट जारी किया है, जिसमें बजाया गया है, कि ओमानी जलक्षेत्र के अंदर, होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी शिपिंग लेन से गुजरते समय राष्ट्रीय टैंकर मोम्बासा और अल बहियाह को दो ईरानी क्रूज मिसाइलों ने निशाना बनाया है। हमले के बाद दो टैंकरो में बूरी तरह आग लगने से काफ़ी नुक़सान हुआ है। यूएई रक्षा मंत्रालय ने ईरान के इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतर्राष्ट्रीय क़ानून का एक गंभीर उल्लंघन बताया है।
होर्मुज़ से गुजरने वाले जहाजों से अमेरिका लेगा 20 प्रतिशत शुल्क
इस तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के बंदरगाहों और होर्मुज़ पर दोबारा नाकाबंदी शुरू करने की चेतावनी दे डाली है। साथ ही उन्होंने कहा, कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ खुला है और यहां से गुजरने वाले जहाजों को 20 प्रतिशत शुल्क देना होगा। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने सोशन मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, कि तेहरान स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ का ‘गार्डियन’ है और हमेशा रहेगा।

अमेरिका का ईरान पर हवाई हमला
इस बीच अमेरिका ने दावा किया है, कि उसने तीसरी रात ईरान के खिलाफ़ नए हवाई हमले किए हैं। साथ ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ‘पिकैक्स माउंटेन’ को भी निशाना बनाने की चेतावनी दे डाली है और अगर ऐसा हुआ, तो इससे ईरान की सैन्य क्षमता कमजोर पड़ सकती है। ट्रंप ने कह तो दिया, कि होर्मुज़ का रास्ता पूरी तरह खुला है और आगे भह खुला रहेगा, लेकिन ईरान ने जिस तरह से दो जहाजों पर हमले किए हैं, उसे देखते हुए वहां से गुजरना किसी भी जहाज के लिए ख़तरा है। मात्र कह देने से नहीं होगा, क्योंकि ईरान होर्मुज़ पर किसी और का कब्जा हो ये बर्दाश्त नहीं करेगा।
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बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है, कि उसने बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। इसमें हथियार सहायता गोदाम, सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेंटर और अमेरिकी सैनिकों के आवासीय भवन को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है। हमले से पहले बहरीन में चेतावनी सायरन बजा और सरकार ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की।
युद्ध से परेशान दुनिया
इस लड़ाई से वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार को लेकर अब नई चिंताएं पैदा होने लगी हैं। दोबारा से कच्चे तेल के दाम बढ़ने लगे हैं, जो 80 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाता हुआ दिखाई दे रहा है। यह संकेत अच्छे नहीं है, क्योंकि हमने पिछली बार देखा था, कि कैसे विश्व में इस युद्ध के चलते तेल संकट गहरा गया था और महंगाई लगातार बढ़ती जा रही थी। उसका असर अभी ख़त्म भी नहीं हुआ था, कि कागज़ी युद्धविराम ख़त्म होते ही विश्व दोबारा परेशान होता दिखाई दे रहा है।





