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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: 8 आरोपियों को कोई राहत नहीं, 14 दिन और बढ़ी न्यायिक हिरासत

चोरी से जुड़ा सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब 3 आरोपी अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे को कोर्ट की अनुमति के बाद 40 घंटे की हिरासत में लिया।
  • 27 जुलाई को फ‍िर अदालत में होना होगा पेश
  • पूछताछ के दौरान सामने आई कई सच्‍चाई

अयोध्‍या राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर पकड़े गए 8 आरोपियों को अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक बार फ‍िर सभी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इससे पहले भी इन सभी 8 आरोपियों को पूछताछ के लिए 14 दिन के रि‍मांड में भेजा गया था। पकड़े गए 8 आरोपियों में अनुकल्प मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और श्रीराम शंकर यादव उर्फ टिन्नू प्रमुख हैं।

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अभी नहीं मिलेगी जमानत

बता दें, कि इन सभी आरोपियों को तय समय सीमा अदालत में पेश होना था। इसकी सुनवाई एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज और एंटी करप्शन स्पेशल कोर्ट के नियमित जज रजत वर्मा के समक्ष होनी थी, लेकिन उनके अवकास पर रहने के कारण केस की गंभीरता को देखते हुए इसकी सुनवाई प्रभारी एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज प्रतिभा नारायण की दालत में हुई, जहां उन्‍होंने अब तक SIT की जांच व पूछताछ और अब तक जो तथ्‍य सामने आए हैं, उसको ध्‍यान में रखकर इन सभी की हिरासत को बढ़ा दिया है। अब इन सभी को 14 दिन बाद यानी 27 जुलाई 2026 को अदालत में पेश होना होगा। इस सुनवाई के बाद यह साफ़ हो गया है, कि इन आठों को कोई जमानत नहीं मिलने वाली।

एक पास मिला बक्‍सा, तो दूसरे के पास ज़मीन

हाल ही में SIT की जांच में बड़े-बड़े चौंका देने वाले खुलासे हुए हैं। SIT आठो आरोपियों के घर तक गई और छानबीन से लेकर उनके परिजनों से पूछताछ की। बता दें, कि आरोपी अव‍िनाश शुक्‍ला के घर से ‘रामराज्य कोष’ का बक्सा मिला था, वहीं आरोपी लवकुश मिश्रा से हुई पुछताछ में पता ख्‍ला, कि उसने चढ़ावा चोरी से ज़मीन व निर्माणाधीन घर बनवा रहा है, जिसके बाद अयोध्‍या विकास प्राधि‍करण ने उसे नोटिस भेज दिया है।    

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पूछताछ में खुले कई राज़

चोरी से जुड़ा सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब 3 आरोपी अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे को कोर्ट की अनुमति के बाद 40 घंटे की हिरासत में लिया। इस दौरान तीनों आरोपियों ने कबूला, कि चढ़ावा चोरी होता था और पैसों का बंटवारा किया जाता था। उन्‍होंने यह भी बताया, कि इसमें सुभाष श्रीवास्‍तव और रामशंकर यादव (टिन्‍नू) को पूरा सहयोग मिलता था। आरोपियो के पास से डिज़ायर कार लाखों रुपये और सोने मिले। यहां तक पता चला, कि ये लोग आभूषणों की चोरी कर उन्‍हें सराफ़ा की दुकान पर पिघलाकर दूसरी चीजें बनवा लेते थे। इस खुलासे के बाद अब पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्‍टी अनिल मिश्रा घि‍रते नज़र आ रहे हैं। दोनों ने इस मामले के बाहर आते ही अपना इस्‍तीफ़ा ट्रस्‍ट को सौंप दिया था।       

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