- कई बड़े नेता छोड़ चुके है ममता बनर्जी का साथ
- ऋतब्रत बनर्जी अब TMC के बड़े नेता
एक वो दौर था
एक वो दौर था जब पश्चिम बंगाल में सिर्फ़ एक पार्टी का बोलबाला था और उसके आगे किसी एक की नहीं चला करती थी। कौन भूल सकता है, तृणमुल कांग्रेस (TMC) और उसकी प्रमुख ममता बनर्जी का दौर। फ़ैसला सिर्फ़ ममता बनर्जी का होता था और बाक़ी उनके इर्द-गिर्द घूमते रहते थे। पूरे पश्चिम बंगाल में सिर्फ़ एक पार्टी TMC का बोलबाला था और उसके आगे दूसरी पार्टियां नज़र नहीं आती थी। किसी की मजाल है, कि कोई पार्टी के ख़िलाफ़ बोल दे, यही नहीं चुनाव में वोट सिर्फ़ TMC को मिलना चाहिए, नहीं तो ख़ैर नहीं।
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कैसे घूम जाता है समय का चक्र!, ऋतब्रत बनर्जी TMC के बड़े नेता
मगर देखिए समय का चक्र ऐसा घूमा, कि ना पश्चिम बंगाल में TMC की हुकूमत रही और ना ही ममता बनर्जी का राज। अब दौर बदल गया है, जहां TMC के प्रमुख नेताओं ने चुनावी हार के बाद ममता बनर्जी से ही किनारा कर लिया, जिन्होंने ममता दीदी से राजनीति के गुण सीखे थे। समय कैसे अर्श से फ़र्श पर लाकर पटकाता है, इसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है, कि आज TMC में बग़ावत का दौर है। वही ममता बनर्जी, जिनका फ़ैसला पत्थर की लकीर माना जाता था, आज उनके फ़ैसलों का कोई मान नहीं रहा। TMC के ही लगभग दो-तिहाई से अधिक नेताओं ने बग़ावत करते हुए अब ऋतब्रत बनर्जी को अपना प्रमुख मान लिया है और ममता बनर्जी व उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को अपना नेता मानने से इंकार कर दिया है।
अब ममता दीदी और अभिषेक बनर्जी नहीं लेंगे फ़ैसला
आज राज्यसभा से लेकर विधानसभा क्षेत्र के बड़े-बड़े नेता ममता बनर्जी का साथ छोड़ चुके हैं और बग़ावत वाली TMC से जुड़ गए हैं और उनका कहना है, कि अब यही असली TMC है। ये दो-तिहाई से अधिक नेता आज ऋतब्रत बनर्जी के साथ खड़े हैं और भविष्य में इसमें कई बड़े नाम जुड़ते हुए दिखाई देंगे। इन बाग़ी नेताओं ने साफ़ तौर पर कहा है, कि पार्टी में भतीजे अभिषेक बनर्जी के फ़ैसले माने जाते थे और कई अनुभवी नेताओं को दरकिनार कर दिया गया। इन्हीं अनुभवी नेताओं में से एक थे शुभेंदु अधिकारी, जो आज पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद पर विराजमान हैं, जिस पद पर कभी ममता बनर्जी का बोलबाला था।
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ममता दीदी के नेता ही आज भाजपा में शामिल
ममता बनर्जी 15 वर्षों तक भाजपा से लड़ती रहीं, लेकिन आज भाजपा से शिकस्त खाने के बाद उन्हीं के नेता उन्हीं का साथ छोड़कर अब भाजपा में शामिल होने लगे हैं। इनमें 3 पूर्व राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव, प्रकाश चिक बारिक और सुखेंदु शेखर रॉय ने भाजपा का हाथ पकड़ लिया है। इन तीनों सांसदों ने पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की है। इस अवसर पर सामिक भट्टाचार्य ने तीनों नेताओं का स्वागत करते हुए कहा, कि भाजपा में शामिल होने से पार्टी को मजबूती मिलेगी और उनका अनुभव भी काम आएगा।
सामिक भट्टाचार्य ने ममता सरकार पर लगाए आरोप
इस दौरान सामिक भट्टाचार्य ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को घेरते हुए कहा, कि उनके नेतृत्व में पश्चिम बंगाल विकास से हमेंशा वंचित रहा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, कि उनका टकराव हमेंशा से केंद्र सरकार के साथ रहा, जिसकी वजह से बंगाल के विकास कार्य प्रभावित हुए। यही आरोप भाजपा में शामिल हुए सुखेंदु शेखर रॉय ने भी ममता बनर्जी पर लगाए। उन्होंनेआरोप लगाते हुए कहा, कि ममता बनर्जी के राज में पश्चिम बंगाल में सत्ता का दुरुपयोग हुआ, जिसमें गुंडागर्दी, हिंसा और भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया।
क्या युसूफ़ पठान भी भापा में शामिल होंगे?
बता दें, कि हाल ही में TMC से अलग हुए पूर्व क्रिकेटर और पूर्व सांसद युसूफ़ पठान ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाक़ात की थी। अटकले लगाई जा रही हैं, कि युसूफ़ पठान भी भाजपा का हाथ पकड़ सकते हैं। इस दौरान बंगाली फ़िल्म अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी भी मौजूद थे। हालांकि, युसूफ़ पठान व प्रोसेनजीत चटर्जी के भाजपा में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा जारी नहीं की गई है।
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