Headlines

बारुईपुर गैंगरेप केस: इंसानियत को झकझोर देने वाली वारदात, बेटियों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

ज़रूरी है, कि लोगों के अंदर हमारे क़ानून व्‍यवस्‍था और न्‍यायपलिका का डर हो। तब जाकर विकसित सोच को सही मायने में परिभाषित किया जा सकेगा।
  • 11 साल की बच्‍ची का अगवा कर सामूहिक दुष्‍कर्म
  • बोरी में भर कर फेका नदी में

ये कलयुग के साक्षात राक्षस हैं

पश्‍चिम बंगाल के बारुईपुर में दरिंदगी हद पार हो गई, जब दरींदे 11 साल की छोटी बच्‍ची को अगवा कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद उसको बोरी में डालकर नदी में तड़पकर मरने के लिए छोड़ दिया। इंसान दिन प्रति दिन कितना हैवान होता जा रहा है, यह इस घटना से पता चलता है। ऐसी घटना इंसानियत को शर्मसार कर देती हैं और ऐसे लोगों जानवर कहलाने के लायक भी नहीं, क्‍योंकि ये इस कलयुग के साक्षात राक्षस हैं। ऐसे कितने ही राक्षस हमारे समाज के अंदर घर बनाकर बैठ हैं। इन्‍हीं में से एक था प्रभास मंडल, जो पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया।

यह भी पढ़ें: केतन हत्याकांड: रिश्तों के विश्वासघात ने उजागर किया इंसानियत का खोता चेहरा

प्रभास मंडल ने की भागने की कोशिश, लगी गोली

ख़बर मिली थी, कि बारुईपुर में नाबालिग को आख़‍िरी बार प्रभास मंडल के साथ देखा गया था। इस पर SIT की टीम ने तत्‍काल कार्रवाई करते हुए प्रभास मंडल को धर-दबोचा और उसे पकड़कर उसी जगह ले गई जहां, यह घटना हुई थी। SIT टीम घटनास्‍थल पर क्राइम सीन को रीक्रिएट करना चाहती थी, लेकिन तभी आरोपी प्रभाष ने मौक़ा देखकर पुलिस अधिकारी की सर्विस रिवॉल्वर छीनकर भागने और पुलिस टीम पर गोली चलाने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस की जवाबी फ़ायरिंग में आरोपी घायल हो गया। उसके बाद उसे अस्‍पताल ले जाया गया, जहां डॉक्‍टरों ने उसे मृत घोषि‍त कर दिया।

पुलिस घटनास्थल पर ले गई थी प्रभाष मंडल को   

बता दें, कि इस मामले में प्रभास मंडल गिरफ़्तार होने वाला पहला आरोपी था। पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात करीब 1 बजे SIT आरोपी को घटनास्थल पर लेकर पहुंची थी, जिससे की अपराध की पूरी कड़ी को समझा जा सके और मामले में उसकी भूमिका स्पष्ट की जा सके। जांच एजेंसी के तहत, स्थानीय लोगों के एक वर्ग ने दावा किया था, कि लापता होने से पहले नाबालिग को आख़‍िरी बार प्रभास मंडल के साथ देखा गया था। इसके बाद जांच शुरू की गई, जहां इस मामले से जुड़ा कुछ CCTV फ़ुटेज खंगाले गए, लेकिन अभी बाक़ी आरोपियों का अभी ठीक से पता नहीं चल सका है।

क्‍या हम सच में विकसित हैं?

बड़े शर्म की बात है, कि आज हम लगातार ख़ुद को विकसित देश के निवासी कहते हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं इंसानियम को शर्मिंदा कर देती हैं और सोचने पर मजबूर कर देती है, कि यह कैसी विकसित मानसिकता है, जहां छोटी-छोटी बच्‍च‍ियों के साथ दरिंदगी की ख़बरे आए दिन आती रहती हैं। क्‍या इन राक्षसों को क़ानून से डर नहीं लगता? क्‍या इन्हें लगता है, कि यह ऐसा घि‍नौना काम करेंगे और बच जाएंगे? हम ख़ुद को विकसित तभी कह सकेंगे, जब हम और हमारी बेटियां पूरी तरह से सुरक्षित हों। ऐसे दरिंदों को क़ानून का डर हो, कि यदि हमने गुनाह किया, तो हम बख्‍़शे नहीं जाएंगे। ज़रूरी है, कि लोगों के अंदर हमारे क़ानून व्‍यवस्‍था और न्‍यायपलिका का डर हो। तब जाकर विकसित सोच को सही मायने में परिभाषित किया जा सकेगा।    

यह भी पढ़ें: “गोरखपुर हत्याकांड: अपने ही बन रहे क़ातिल, आख़‍िर कहां जा रहा है समाज?”

More Posts

CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्‍ली हाईकोर्ट से झटका, जानिए कोर्ट ने क्या कहा

CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत बढ़ाने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने दखल देने से इनकार कर दिया।

CJP के लिए आगे की राह आसान नहीं, क्या जारी रह पाएगा ‘वोट चोरी’ आंदोलन?

CJP के लिए आगे की राह आसान नहीं होने वाली, क्‍योंकि दोबारा प्रदर्शन हुआ तो कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोटा रेलवे स्टेशन पर पकड़े गए तीनों आरोपी, नेपाल भागने की फ़िराक़ में थे!

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में तीन आरोपियों को कोटा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से पकड़ा गया। पुलिस जांच में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही है।

नीला ड्रम से सांप के डसने की साजिश तक, मेरठ में विश्वासघात की दो खौफनाक कहानियां

मेरठ के चर्चित अमित कश्यप हत्याकांड मामलें में अदालत ने पत्‍नी रविता और प्रेमी अमरदीप को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई।

Send Us A Message