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क्‍या इस्राएल और हिज़्बुल्लाह संघर्ष विराम पर हो गए हैं सहमत?

यह पूरे मि‍डिल ईस्‍ट के लिए अच्‍छी ख़बर मानी जा रही है, क्‍योंकि पिछले 110 दिनों में इन देशों ने ख़ून-ख़राबा ही देखा है।
  • ईरान-अमेरिका के बीच 60 दिन का युद्ध विराम
  • स्‍ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से शुरू हुई जहाजों की आवाजाही

इस्राएल और हिज्बुल्लाह का संघर्ष विराम

ईरान-अमेरिका के बीच 60 दिन के शांति समझौते के बाद इस्राएल और हिज़्बुल्लाह भी संघर्ष विराम पर सहमत हो गए है। यह पूरे मि‍डिल ईस्‍ट के लिए अच्‍छी ख़बर मानी जा रही है, क्‍योंकि पिछले 110 दिनों में इन देशों ने ख़ून-ख़राबा ही देखा है। तेल के प्‍लांट्स को जलते हुए देखा है। इस युद्ध से जितना नुक़़सान पूरी दुनिया को हुआ है, इसकी भरपाई करना एक चुनौती है। सबसे दुखद बात तो यह है, कि हज़ारो की संख्‍या में आम लोगों ने अपनी जानें गवांई हैं। यह युद्धविराम स्थानीय समयानुसार शाम 4 बजे से लागू हो जाएगा। इस्राएल और हिज़्बुल्लाह ने अभी तक आधिकारिक तौर पर युद्धविराम की पुष्टि नहीं की है।

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लेबनान पर बमबारी के बाद स्‍थगित हुई ईरान-अमेरिका शांति वार्ता

इसी बीच यह ख़बर भी सामने आई, कि दक्षिणी लेबनान में जारी संघर्ष के कारण स्विट्जरलैंड में ईरान व अमेरिका के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता स्थगित कर दी गई है। इसके बाद ईरान ने कहा है, कि जब तक लेबनान में संघर्ष नहीं रुक जाता तब तक आगे वार्ता नहीं होगी। इसके बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल और अमरीकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने भी अपनी स्‍विट्जरलैंड यात्रा स्‍थगित कर दी है। ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता हो, इसके लिए इस्राएल पर दबाव था, कि वो हिज़्बुल्लाह के युद्ध विराम करने की सहमती जताए। अमरीका के एक वरिष्‍ठ अधिकारी से ख़बर मिली है, कि अमरीका और क़तर के वार्ताकारों ने ईरान की मदद से इस समझौते को अंतिम रूप दिया है।

ईरान-अमेरिका शांति की ख़बर से विश्‍व में राहत

बता दें, कि ईरान-अमेरिका के बीच शांति की ख़बर मिलते ही स्‍ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़, जो पूरे विश्‍व के लिए चुनौती बन गया था, अब वहां से तेल व गैस वाले जहाजों की आवाजाही दोबारा शुरू हो गई। ये पूरे विश्‍व के लिए राहत की बात है, क्‍योंकि जिस तरह कच्‍चे तेल की क़ीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है, उससे पूरा वियव महंगाई की मार झेल रहा है और यदि यह इसी तरह चलता रहता, तो दुनिया को इसके भयंकर परिणाम झेलने पड़ सकते थे।   

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कई अहम मुद्दे पर होगी बात

ईरान-अमेरिका के बीच हुए 60 दिनों की शांति वार्ता 14-सूत्रीय समझौते के तहत अहम निर्णय लिए जाएंगे। इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम, स्‍ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को खोलने, लेबनान सहित अन्य जगहों पर युद्धविराम और अमेरिका की समुद्री नाकाबंदी से लेकर कई बड़े मुद्दे पर बातचीत होनी है। इस बीच अमेरिका ने ईरान पर जो भी प्रतिबंध लगाए है, उस पर अमेरिका अस्‍थायी रूप से प्रतिबंद हटा देगा। इस समझौते के बाद फारस की खाड़ी क्षेत्र में भी तनाव कम हुआ है।

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