- फ्रांस में आयोजित हुआ 52वां G-7 समिट
- विश्व के 7 देश हैं इसका हिस्सा
फ्रांस के एवियन-लेस-बैंस में 52वां G-7 समिट का आयोजन हुआ, जिसमें 7 देश कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम (UK) और यूनाइटेड स्टेट अमेरिका (USA) शामिल हुए। इस बार का थीम था- “प्रमुख अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करना”। इस दौरान 7 देशों के बड़े नेता आपस में मिले और कई मुद्दों पर अपनी रखी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रहे विशेष अतिथि
G-7 समिट में अमेरिका की तरफ़ से राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप, फ्रांस की तरफ़ से राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन, ब्रिटेन की तरफ़ से प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, कनाडा की तरफ़ से प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, जर्मनी की तरफ़ से चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़, इटली की तरफ़ से प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी और जापान की तरफ़ से प्रधानमंत्री सानाए तकाइची शामिल हुए, लेकिन इसका जो मुख्य आकर्षण रहा, वो भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष अतिथि के दौर पर आमंत्रित किया जाना। यह विशेष इसलिए भी है, क्योंकि भारत G-7 का हिस्सा नहीं है और दुनिया के 7 विकसित देशों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रण देना, बताता है, कि भारत आज विश्व पटल पर अपनी एक अलग पहचान रखता है।
चर्चा में रही डॉनल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी मुलाक़ात
इस दौरान जो बात सबसे ज़्यादा चर्चा में रही वो है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की मुलाक़ात, जिस पर पूरी दुनिया व भारत की नज़रे टीकी हुई थी। इसके अलावा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से उनकी मुलाक़ात भी ख़ास रही। इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी से नरेंद्र मोदी की मुलाक़ात हमेंशा चर्चा में रहता है और दोनों की दोस्ती जगज़ाहिर है। हाल ही में नरेंद्र मोदी का मेलोनी को दिया गया ‘मेलोडी’ टॉफ़ी का पैकेट विश्व में छाया रहा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भेंट की भारत की पहचान
G-7 समिट में विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित नरेंद्र मोदी ने वैश्विक नेताओं को राजस्थान की प्रसिद्ध उच्च गुणवत्ता वाली औषधीय फसल नागौरी अश्वगंधा, मेघालय की प्रसिद्ध लाकाडोंग हल्दी के अलावा मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हाथों से बुनी जाने वाली भारत की प्रसिद्ध बनारसी सिल्क स्टोल भेंट की। इसे मात्र एक भेंट के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। प्रधानमंत्री की यह भेंट भारत की वस्तुओं को विश्व में पहचान दिलाने का काम कर रही है। इससे भारत का मान-सम्मान लगातार विश्व में बढ़ रहा है।

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