- अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों की वार्ता प्रक्रिया शुरू
- स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज खोलने और प्रतिबंधों में ढील पर चर्चा जारी
110 दिनों बाद विश्व को राहत, तेल की क़ीमतों में गिरावट
अमेरिका-ईरान के बीच के युद्ध को क़रीब 110 दिन हो गए हैं। इस बीच इज़रायल भी ईरान पर हमले लगातार कर रहा है। ये तीनों देश इस युद्ध के पेंच में तो फ़से ही हुए हैं, वहीं इस युद्ध पूरे विश्व को इस चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। सबकी नज़रे इस बात पर टीकी हुई है, कि यह युद्ध आख़िर कब समाप्त होगा और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज का रास्ता कब खुलेगा। इस युद्ध की वजह से तेल की बढ़ती क़ीमतों ने पूरे विश्व में महंगाई को चरम पर पहुंचा दिया है। एक समय था जब कच्चे तेल की क़ीमत 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, लेकिन शांति वार्ता और होर्मंज से जहाजों की आवाजाही से तेल की क़ीमत 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है, जो विश्व के लिए अच्छे संकेत हैं।
होर्मुज को अपनी ताक़त बनाता रहा ईरान
इस बीच अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध विराम की वार्ता हमेंशा विफ़ल रही या एक ज़रूरी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाई। दरअसल अमेरिका और ईरान अपनी-अपनी शर्तें रख रही थी, जिससे दोनों देश असंतुष्ट रहे। ख़ासकर अमेरिका जैसा बड़ा देश झुकने को तैयार नहीं, वो लगातार ईरान के परमाणु कार्यक्रम को तत्काल रूप से बंद करने और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज को पूरी तरह से खोलने को कहता रहा है, लेकिन ईरान ने इस पूरे युद्ध में होर्मुज को हथियार की तरह इस्तेमाल किया और यही वजह रही की ईरान को अमेरिका पूरी तरह से झुका नहीं पाया, नहीं तो अमेरिका के सामने इतने दिनों तक टिकना आसान नहीं था। हालांकि इस बीच उसके बड़े-बड़े नेता अमेरिकी व इज़राइली हमलों में मारे गए।

60 दिनों तक युद्धविराम, मुद्दों पर होगी बात
क़रीब 110 दिनों बाद पूरे विश्व के लिए अब राहत वाली ख़बर आ रही है। अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध विराम को 60 दिनों तक के लिए बढ़ा दिया गया है। इन 60 दिनों में 14-सूत्रीय समझौते के तहत अहम निर्णय लिए जाएंगे। इसके अंतर्गत मुख्य रूप से स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज को खोलने, लेबनान सहित अन्य जगहों पर युद्धविराम और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भविष्य की चर्चा शामिल है। साथ ही ईरान पर अमेरिका की समुद्री नाकाबंदी को हटाना भी इस समझौते का मुख्य लक्ष्य है। इसके अलावा युद्ध को रोकने के कुछ स्थायी समाधान निकालने पर चर्चा की जाएगी।
अमेरिका अस्थायी रूप से हटाएगा प्रतिबंध
बता दें, कि इस युद्धविराम को लेकर कई विशेषज्ञों का मानना है, कि 60 दिनों में अंतिम समाधान निकलना दोनों देशों के बीच मुश्क़िल हो सकता है। इस बीच उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बयान आया है, कि इस पूरे मामले के लिए 60 दिनों का समय तय किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया, कि वह स्वयं अमेरिकी टीम की अगुवाई करेंगे। अभी कई जटिल मुद्दों पर सहमति बनना बाक़ी है। राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है, कि फिलहाल अमेरिका, ईरान पर लगे प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाने के लिए तैयार हैं।








