- TMC पर करोड़ों के विज्ञापन घोटाले का आरोप
- सरकार बदलते ही बदल रहा है बंगाल
सकारात्मक बदलाव की तरफ़ बंगाल
चुनाव के बाद से पश्चिम बंगाल अब धीरे-धीरे बदलाव और विकास की ओर चल पड़ा है। TMC के 15 वर्षों के राज में जिस तरह बंगाल हिंसक, भ्रष्ट, योजना रहित, घुसपैठ और घोटाले का राज्य बनता जा रहा था, वहीं बीजेपी की आने से यही राज्य अब धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव की तरफ़ बढ़ने लगा है। इस बात को इसी से समझा जा सकता है, कि शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनते ही केंद्र की कई अहम योजनाएं, जो अब तक राज्य में लागू नहीं हो पाई थी अब होनी शुरू हो गई हैं। इसमें आयुष्मान भारत सबसे महत्वपूर्ण है। इसके अलावा घुसपैठ को निकालने का काम भी तेज़ हो गया है, जो चुनाव में अहम मुद्दा रहा।
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सरकार का लक्ष्य भ्रष्टाचार मुक्त बंगाल
भ्रष्टाचार को लेकर भी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अब सख्त क़दम उठा रहे हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त बंगाल का ऐलान कर दिया है। इसके अंतर्गत अब पिछली सरकार में जो भी घोटाले और भ्रष्टाचार हुए हैं, उन्हें बख़्शा नहीं जाएगा। इस पर क़दम उठाते हुए मौजूदा सरकार ने एक बड़े विज्ञापन घोटाले को लेकर जांच शुरू कर दी है, जिसे ममता सरकार से जुड़ा हुआ माना जा रहा है और इसमें हुए घोटाले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। बता दे, कि उज्ज्वल सिन्हा इस विज्ञापन एजेंसी के प्रमोटर बताये जा रहे हैं।
635 करोड़ रुपये का विज्ञापन घोटाला
आरोप है, कि इस एजेंसी को ममता सरकार के दौरान पिछले कई वर्षों में कथित तौर पर 635 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जो 3 बैंक खातों में जमा हैं। एजेंसी लगातार जांच कर रही है और जांच में 20 वित्तीय लेन-देन की बात सामने आई है, जिसकी कुल 635 करोड़ रुपये है। यह बात भी सामने आई है, कि इसे मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी माना जा रहा है और अगर ऐसा हुआ, तो यह केस प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भी सौंपा जा सकता है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है, कि ये सारे पैसे जनता के हैं, जिसे ममता सरकार में लूटा गया है।
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TMC ने ‘मां-माटी-मानुष’ नारे से नहीं किया न्याय
पिछले 15 वर्षों में बंगाल TMC का राजनीतिक शिकार बना रहा। ममता बनर्जी ‘मां-माटी-मानुष’ के जिस नारे को लेकर बंगाल में आई थी, वो इस नारे के साथ न्याय नहीं कर सकीं और बंगाल धीरे-धीरे भ्रष्टाचार व घोटाले की जंजीरों में जकड़ता रहा, ना विकास हुआ और ना ही लागू हुई योजनाएं। यहीं नहीं तुष्टिकरण की राजनीति ने बंगाल में घुसपैठिए को जन्म दिया, जिसके बल पर TMC अपनी जड़ों को जमाती रही।
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