Headlines

शीर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बहुत कुछ बयां करती है 12 वर्ष की ये लंबी यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ख़ुद एक पुस्‍तकालय की तरह हैं, जि‍समें एक युग से भी ज़्यादा भारत के विकास, चुनौती और संघर्ष की कहानी दिखती है।

एक युग की लंबी कहानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक ऐसे व्‍यक्‍तित्‍व हैं, जो लाखों-करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा तो हैं ही, बल्‍कि उन्‍होंने अपना जीवन देश के नाम समर्पित कर दिया। प्रधानमंत्री ख़ुद एक पुस्‍तकालय की तरह हैं, जि‍समें एक युग से भी ज़्यादा भारत के विकास, चुनौती और संघर्ष की कहानी दिखती है। वर्ष 2014 में भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद नरेंद्र मोदी ने कभी मुड़ कर नहीं देखा और आज 12 वर्ष पूरे होने के बाद भी वो बिना रुके और बिना थके लगातार देश को आगे बढ़ाने का जिम्‍मा अपने कंधों पर लेके चल रहे हैं।   

यह भी पढ़ें: ‘नारी वंदन अधि‍नियम’ को बहुमत ना देकर विपक्ष ने खोया ऐतिहासिक मौक़ा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 

Video: PBSHABD

नरेंद्र मोदी एक उदाहरण

 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से नरेंद्र मोदी ने अपने फ़ैसलों से देश को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाने का काम किया। अब तक के कार्यकाल में उन्‍होंने जो फ़ैसले लिए, वो लेना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं हुआ। वो बिरले व्‍यक्‍ति ही होते हैं, जिन्‍हें अपनी सोच, अपने विचार और निर्णय पर भरोसा होता है और वो ही कुछ ऐसा कर जाता है, जो सदियों-सदियों तक याद रखे जाते है़ और नरेंद्र मोदी इसका प्रमुख उदाहरण है। प्रधानमंत्री इस पथ पर लगातार चलते जा रहे हैं।

विपक्षियों के सामने लोहा बनकर खड़े रहे प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी जबसे प्रधानमंत्री बने उनकी नीतियां हमेंशा से विपक्षी पार्टियों को खटकती रही हैं। सच तो यह है, कि विपक्षी दलों ने देशहित में लिए गए फ़ैसलों को हमेंशा देश के विरुद्ध बताया, लेकिन नरेंद्र मोदी नकारात्‍मकता पर ध्‍यान दिए बिना अपना काम करते रहे और देश ने तरक़्क़ी देखी। इस बीच नरेंद्र मोदी का ग़ालियां भी दी गई। चौकीदार चोर है, मोदी तेरी कब्र खुदेगी जैसी भद्दी ग़ालियों की चर्चा पूरे देश में चली, लेकिन बिना डरे और परवाह किए बगैर प्रधानमंत्री ने हमेंशा साबित किया, कि विपक्षी दल सिर्फ़ देश की जनता को गुमराह करने का काम कर रही है। इसका जवाब जनता ने 2014 से अबतक हर लोकसभा चुनाव में अपने वोट से दिया।

यह भी पढ़ें: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इज़रायल दौरा: दोस्‍ती, सम्‍मान और भारत का प्रतीक

पीएम नरेंद्र मोदी की उपलब्‍धि‍ बहुत कुछ करती है बयां

भारत जैसे देश में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनना अपने आप में एक बड़ी उपलब्‍धि है, जिसे हासिल करना सबके बस की बात नहीं। जब हम इस उपलब्‍धि‍ के पीछे झांक कर देखेंगे, तो पता चलेगा, कि इस उपलब्‍धि‍ तक पहुंचने में कड़ी मेहनत और दशकों का संघर्ष छ‍िपा हुआ है। ये सफ़लता ऐसे ही नहीं मिली, इसमें छिपा है जनता का प्‍यार, क्‍योंकि प्रधानमंत्री ख़ुद देशवासियों के प्रति हमेंशा समर्पित रहे हैं और इसी समर्पण का नतीजा है, कि आज नरेंद्र मोदी देश के चुने हुए सबसे लंबे समय के प्रधानमंत्री (4399) बन गए हैं। इससे पहले यह उपलब्‍धि‍ देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू (4398 दिन) के पास थी। यह उपलब्‍धि‍ प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी के अनुशासन, समयबद्ध, सकारात्‍मक सोच, विज़न, मिशन और समर्पण को बयां करता है।       

योजनाएं जिसने आम जनता के साथ जोड़ा

सवाल है, कि आख़‍िर देश उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में क्‍यों देखना चाहता है? तो इसका सीधा जवाब है- विकास। ऐसा विकास, जो देश को विकसित बनाने के लिए लगातार अग्रसर है। हमारे देश में ऐसे कई राज्‍य थे, जिन्‍हें एक दशक पहले पिछड़ा हुआ माना जाता था। इसमें उत्‍तर प्रदेश, बिहार और असम जैसे कई राज्‍य शामिल थे और आज यह प्रदेश नए दौर के साथ आगे बढ़ने का माद्दा रखते हैं। प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी ने जो योजनाएं लागू की, उसने आम जनता के साथ एक जुड़ाव पैदा किया है। इसमें प्रमुख रूप से शामिल है:

1) पीएम आवास योजना

2) हर घर नल से जल

3) आयुष्‍मान भारत

4) जन-धन योजना

5) स्वच्छ भारत मिशन

6) पीएम फ़सल बीमा योजना

7) पीएम-किसान सम्मान निधि

8) प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना

9) अटल पेंशन योजना

10) बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

11) पीएम विश्वकर्मा योजना

12) पीएम-किसान सम्मान निधि

आतंकवाद की नींव हिलाते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

इन 12 वर्षों में पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में लिए गए कई फ़ैसले अहम भी रहे और संसद भवन में चर्चा का विषय भी रहे। वो चाहे क़ानून में संशोधन की बात हो, तीन तलाक़ मामला हो, अयोध्‍या में राम मंदिर का मुद्दा हो या धारा 370 हटाना हो। इसके अलावा प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी के सामने आतंकवाद का मुद्दा भी सबसे गंभीर रहा। इसमें उरी में सेना शिविर पर हमला हो, पुलवामा पर भारतीय सैनिकों पर हमला हो या पहलगाम में आतंकी हमला हो। उरी पर हमले के बाद भारतीय सेना का सर्जिकल स्‍ट्राइक, पुलवामा में शहीद 40 जवानों का बदला लेने के लिए किया गया बालाकोट एयर स्‍ट्राइक और पहलगाम में हुए बेहद शर्मनाक और निंदनीय घटना के लिए चलाया गया ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद की पैरों तले ज़मीन को हिलाकर रख दिया और यह संदेश भी दिया, कि अब भारत आतंकवाद को सहन नहीं करेगा।   

यह भी पढ़ें: अटकाना, लटकाना और भटकाना वाली राजनीति ने ख़राब की देश की छवि: नरेंद्र मोदी

More Posts

FIFA विश्‍वकप 2026: शुरु हुआ फ़ुटबॉल का महासंग्राम, अब पूरी दुनिया में गूंजेगा ‘गो…..ल’

FIFA के उद्घाटन समारोह में बड़े-बड़े दिग्‍गज कलाकारों ने अपने प्रस्‍तुती से सबका दिल जीत लिया और लोग झूमते नज़र आए।

क्‍या खान सर आरोपी हैं? कोचिंग सेंटर्स की पोल खोलता खान सर विवाद!

खान सर: वो शि‍क्षक, जिसको बिहार को बदलने का श्रेय दिया गया हो, वो एक दम से ‘फैज़ल खान’ बनकर फ़रार कैसे हो सकता है।

“खान सर की गिरफ़्तारी पर रोक, क्या शिक्षा अब कोचिंग कारोबार की जंग बन चुकी है?”

पिछले कई दिनों से यह प्रश्‍न भी उठ रहे थे, कि क्‍या खान सर की गिरफ़्तारी होगी?

आख़‍िरकार मारा गया 1.90 लाख का इनामी बदमाश भानु प्रताप उर्फ़ बबलू

आज के उत्‍तर प्रदेश में माफ़‍िया राज नहीं, बल्‍कि विकास देखने को मिलता है। अमन, चैन और विकास ही नए उत्‍तर प्रदेश की पहचान है।

Send Us A Message