- 14 जून को हो गई थी सड़क हादसा
- शिक्षा मंत्रालय और NTA ने पूरा दिया साथ
प्रेरणा की नई कहानी सृष्टि दुबे
कभी-कभी ऐसी कहानियां सुनने को मिल जाती हैं, जो हमेंशा के लिए हमारे लिए, हमारे समाज के लिए एक उदाहरण बन जाती हैं। उन लाखों विद्यार्थियों के लिए प्ररेणा बन जाती है, जो बार-बार कोशिश कर रहे है और वो कहीं पहुंचना चाहते हैं। ऐसी ही कहानी है, सृष्टि दुबे की, जिनका सपना डॉक्टर बनने का है और उन्होंने भी बाक़ी लाखों विद्यार्थियों की 3 मई को NEET की परीक्षा दी थी, लेकिन 12 मई को पेपर लीक होने से परीक्षा रद्द कर दी गई। बाक़ी छात्रों की तरह सृष्टि को भी इसका अफ़सोस रहा, लेकिन उनके सपने ने उन्हें हार नहीं मानने दी और वो 21 जून को दोबारा NEET परीक्षा देने के लिए तैयार हुई।
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हादसे में टूटी 9 पसलियां, जाना पड़ा वेंटिलेटर पर
वो कहते हैं ना कभी-कभी ईश्वर हमारी ख़ुद परीक्षा लेने आ जाता है, कि हमारे सपने में कितनी ताक़त है। संजोग देखिए NEET की दोबारा परीक्षा के एक हफ़्ते पहले यानी 14 जून को सृष्टि दुबे को भयंकर सड़क हादसा होता है और इस हादसे में उनकी 9 पसलियां टूट गई और फ़ेफ़ड़े में गंभीर चोट आई। उनका सर्जरी करना पड़ता है और कुछ दिन के लिए सृष्टि को वेंटिलेटर पर रखा गया। परीक्षा के मात्र 7 दिन पहले उनके साथ इतना कुछ हो गया, लेकिन मानना पड़ेगा सृष्टि को ऐसे हालातों में भी उन्होंने हार नहीं मानी और अपने डॉक्टर बनने के सपने को याद किया और फ़ैसला किया, कि वो 21 जून की परीक्षा में ज़रूर शामिल होंगी।
ईश्वर भी पिघलता है
जब अंदर इतना जुनून हो तो आवाज़ दूर तक जाती है और ईश्वर भी ऐसे जुनून को देखकर पिघल जाता है और किसी को मदद के लिए ज़रूर भेजता है। सृष्टि दुबे की यह प्रेरणात्मक कहानी शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) तक पहुंची, जिसके बाद पिता के अनुरोध पर उन्होंने विशेष पहल की। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस मामले का पता चला, जिसके बाद उन्होंने ख़ुद सृष्टि के माता-पिता से बात की और उन्हें भरोसा दिलाया, कि सृष्टि को परीक्षा के समय हर तरह का सहयोग दिया जाएगा, जिससे की वो ऐसी अवस्था में भी परीक्षा दे सके।
NTA ने की ख़ास व्यवस्था
NTA ने सृष्टि के लिए परीक्षा केंद्र पर विशेष इंतज़ाम किए, जिसमें उन्हें अलग कमरा अलॉट किया गया। इस दौरान मेडिकल टीम और डॉक्टर मौजूद रहे, जिनकी देखरेख में सृष्टि परीक्षा देने में सफ़ल रही। साथ ही छात्रा की हालत को देखते हुए वहां एंबुलेंस का भी प्रबंध किया गया था और ग्राउंड फ्लोर पर बैठने की ख़ास व्यवस्था की गई थी। सृष्टि के डॉक्टर बनने के जुनून ने यह करिस्मा कर दिखाया।
लाखों विद्यार्थियों के लिए पेश की मिसाल
आज सृष्टि दुबे पूरे देश के लिए प्रेरणा बन गई हैं। पेपर लीक होने के बाद कई जगहों से विद्यार्थियों की आत्महत्या की ख़बरे आई थी, लेकिन सृष्टि ने शरीर से लाचार होते हुए भी हार नहीं मानी और देखिए वो आज मिसाल भी हैं व उदाहरण भी। ये उन सब विद्यार्थियों के लिए सीख है, जो उम्मीद छोड़ देते हैं और टूटने लगते है। हम ऐसे छात्रों से यही कहना चाहते हैं, कि विश्वास रखे और सपने को ज़िंदा रखे। एक ना एक दिन कामयाबी आपके क़दम ज़रूर छुएगी।






