- यमुनोत्री-गंगोत्रीधाम के कपाट खुले
- पूरी रीति-रिवाज़ के साथ स्थापित हुई गंगा और यमुना की प्रतिमा
अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर उत्तराखंड में वार्षिक चारधाम यात्रा की शुरुआत हो गई है। बता दें, कि यह चारधाम यात्रा यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही शुरू हो जाती है। इस दौरान गंगोत्री मंदिर के भीतर देवी गंगा की प्रतिमा और यमुनोत्री मंदिर में यमुना की प्रतिमा रीति-रिवाज़ के साथ स्थापित की गई। मंदिरों को फूलों से सुंदर तरीके से सजाया गया है और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
यह भी पढ़ें: श्री अमरनाथ जी यात्रा की तारिख़ का हुआ ऐलान, जानिए विस्तार से
कब से शुरु होंगे केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम?
चारधाम यात्रा शुरू होने के साथ ही अब केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की चर्चा भी शुरू हो गई है। बता दें, कि केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

केदारनाथ के लिए सबसे ज़्यादा रजिस्ट्रेशन
मिली जानकारी के अनुसार अभी तक इस यात्रा के लिए 18 लाख 90 हज़ार तीर्थ यात्रियों ने रजिस्ट्रेशन किया है। इसके अंतर्गत केदारनाथ में सबसे ज़्यादा 6.50 लाख पंजीकरण हो चुके हैं। बद्रीनाथ के लिए 5.50 लाख, गंगोत्री के लिए 3 लाख 30 हज़ार और गंगोत्री के लिए 3 लाख 20 हज़ार रजिस्ट्रेशन अब तक हो चुके हैं।

क्या कहा मुख्यमंत्री ने?
चारधाम की यात्रा शुरू होने के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, कि राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के अनुकूल बनाने के लिए बड़े स्तर पर प्रबंध किए हैं।
यह भी पढ़ें: नालंदा के शीतला मंदिर की भगदड़, आस्था की परिभाषा पर उठाता है सवाल!



