- लाल क़िले से लगातार 13वीं बार PM मोदी ने किया राष्ट्र को संबोधित
- वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष प्रस्तुति
आज पूरा देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक लाल क़िले से लगातार 13वीं बार तिरंगा फ़हराया। इस दौरान सबसे महत्वपूर्ण और ख़ास बात यह रही, कि पहली बार ऐसा हुआ, जब राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम् का गायन हुआ। राष्ट्र वन्दे मातरम् की रचना की 150वीं वर्षगांठ वर्ष मना रहा है। अपने संबोधन के बा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा ले रहे स्कूली बच्चों से मुलाकात की।
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विकसित भारत का लक्ष्य
लाल क़िले से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कि देश के संकल्पों, भारत की महान विभूतियों के सपनों और युवाओं की भागीदारी को विकसित भारत के लिए ज़रूरी बताया। उन्होंने कहा, कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब रिफ़ॉर्म की प्रक्रिया जारी रहे, काम करने की रफ़्तार तेज़ हो, राष्ट्र निर्माण में देश का हर नागरिक भागीदारी ले और सभी सरकारें मिलकर काम करें।
कुछ लोग फ़ैलाते हैं भ्रम
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की कि कुछ लोग हैं, जो सिर्फ अपने हितों के लिए देश को गुमराह करते हैं। भय, भ्रम की स्थिति बनाने के लिए हमेशा प्रयासरत रहते हैं। देश को चिंता में डुबोना उनका काम है।आधुनिक युग में बढ़ते सुरक्षा ख़तरों के मद्देनज़र प्रधानमंत्री ने नागरिकों के सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि सिविल डिफेंस के ढांचे को आधुनिक बनाया जा रहा है। इससे सुरक्षा के प्रति नागरिकों की भागीदारी बढ़ेगी।
माओवाद और नक्सल से मुक्त हुआ देश
माओवाद और नक्सल की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, कि देश का एक बड़ा हिस्सा माओवाद और नक्सली हिंसा का शिकार रहा। देश की सत्ता में भी माओवाद समर्थक शामिल थे,लेकिन पिछले 12 साल के लगातार प्रयासों की बदौलत नक्सल हिंसा से देश मुक्त हुआ है, लेकिन हमें लोगों को दिमागी नक्सलियों से सावधान रहने की ज़रूरत है।
भारत टॉप पांच देशों में
उन्होंने कहा, कि भारत ने तमाम विषमताओं और चुनौतियों को पीछे छोड़ देश ने बीते एक दशक में तेज़ रफ़्तार से प्रगति की है। फ्रेजाइल फ़ाइव से बाहर आकर भारत दुनिया की प्रमुख 5 आर्थिक महाशक्तियों में शामिल हो चुका है। ऐसे में देश को अपने उत्पादों की क्वॉलिटी बढ़ानी होगी। विश्व के मानकों के अनुसार उत्पादन करना होगा और सस्ता उत्पाद तैयार करना होगा। दुनिया के देशों से भारत का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) होना, इस दिशा में एक बड़ा अवसर साबित होगा।
आत्मनिर्भर भारत के लिए करना होगा यह काम
इस दौरान आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों की चर्चा करते हुए, प्रधानमंत्री कहा, कि सेक्टर भले डिफ़ेंस का हो या टेक्सटाइल का, फार्मा का स्पेस का हो या बैंकिंग का, देश की कंपनियों को दुनिया की टॉप कंपनियों की लिस्ट में शामिल होने का लक्ष्य बनाना चाहिए। इसी से हमें आत्मनिर्भर भारत बनने में मदद मिलेगी। केंद्र से लेकर राज्य सरकारें सभी रिफ़ॉर्म की प्रक्रिया को जारी रखे और आज के नए युग के मुताबिक़ योजनाएं तैयार करें।
युवाओं के लिए फ्री कोचिंग की व्यवस्था
हाल ही में और मौजूदा छात्र आंदोलनों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं में नवाचार बढ़ाने उन्हें कुशल बनाने की दिशा में सरकार द्वारा किए गए प्रयासों और अवसरों के बारे में चर्चा की और कहा, कि युवाओं को नए अवसर देना, विकसित भारत की यात्रा में उनकी प्रतिभा का प्रयोग करना इसका लक्ष्य हैं। इसके लिए नई शिक्षा नीति, उच्च शिक्षण संस्थानों में सीटों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। पीएम ने बताया, कि सरकार ग़रीब-मध्यम परिवार के बच्चों के लिए फ्री कोचिंग की व्यवस्था भी कर रही है। इसके अलावा पीएम ने युवाओं को ओलंपिक खेलों के सभी कॉम्पिटिशन की तैयारी के लक्ष्य के साथ एक विशेष टैलेंट हंट की चर्चर की, जिसका मकसद 2036 में होने वाले ओलंपिक में भारतीय युवाओं की भागीदारी को बढ़ाना है।
जनगणना के लिए करें सहयोग
वहीं जनगणना में युवाओं का विशेष सहयोग प्रधानमंत्री ने मांगा। उन्होंने कहा, कि सटीक जानकारी योजनाओं के निर्माण, नीतियों के निर्धारण में बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसे में युवा डिजिटली अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दें। इससे प्रक्रिया भी तेज़ होगी और जानकारी सही होगी।






