- बार-बार तस्वीरें लेने के लिए उपग्रह को तैयार किया गया
- भारत और आसपास के क्षेत्रों की नियमित करेगा निगरानी
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने शुक्रवार को EOS-05 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया। वजन में 2,367 किलोग्राम इस उपग्रह को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से GSLV-F17 रॉकेट के माध्यम से रिलीज़ किया गया।
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36 हज़ार किलोमीटर की ऊंचाई से लेगा तस्वीर
EOS-05 को पृथ्वी से करीब 36 हज़ार किलोमीटर की ऊंचाई पर जियोसिंक्रोनस कक्षा में स्थापित किया गया है। उपग्रह को पृथ्वी की सतह पर तेजी से बदलती परिस्थितियों की निगरानी और बार-बार तस्वीरें लेने के लिए तैयार किया गया है। जियोसिंक्रोनस कक्षा से यह भारत और आसपास के क्षेत्रों की नियमित निगरानी में मदद करेगा।

6 चैनल का मल्टीस्पेक्ट्रल इमेजिंग सिस्टम
EOS-05 में 6 चैनल का मल्टीस्पेक्ट्रल इमेजिंग सिस्टम लगाया गया है। इसके अलावा इसमें 158 चैनल का हाइपरस्पेक्ट्रल VNIR सिस्टम और 256 चैनल का हाइपरस्पेक्ट्रल SWIR सिस्टम मौजूद है।
700 मिलीमीटर का हाई-रिजॉल्यूशन ऑप्टिकल टेलिस्कोप
उपग्रह में 700 मिलीमीटर का हाई-रिजॉल्यूशन ऑप्टिकल टेलिस्कोप और 42 मीटर मल्टीस्पेक्ट्रल स्पेशियल सिस्टम भी लगाया गया है। यह हाई-एजिलिटी प्लेटफॉर्म और इलेक्ट्रॉनिकली स्टीयरेबल एंटीना से भी लैस है।
काफ़ी उपयोगी साबित होगा EOS-05
EOS-05 तेजी से बदलती परिस्थितियों की निगरानी में उपयोगी हो सकता है। इससे तूफान की दिशा, बाढ़ के पानी के फैलाव और जंगल की आग जैसी स्थितियों पर नजर रखने में मदद मिल सकती है। उपग्रह की क्षमताओं का इस्तेमाल कृषि, पर्यावरण निगरानी और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ISRO को दी बधाई
मिशन की सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ISRO को बधाई दी। उन्होंने EOS-05 के सफल प्रक्षेपण को देश के लिए गर्व का क्षण बताया और इसे भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र की बढ़ती क्षमता, नवाचार और उत्कृष्टता का प्रतीक कहा। प्रधानमंत्री ने ISRO और भारतीय उद्योग के बीच बढ़ती साझेदारी को भी देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम और पूरे स्पेस इकोसिस्टम के लिए महत्वपूर्ण बताया।






