- नेपाल में 26 अगस्त को आई थी भीषण बाढ़
- आपदा में 5 हज़ार लोग अब भी लापता
नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद तबाही का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक़, 1,344 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 5,000 से ज़्यादा लोग अब भी लापता हैं। सुरंगों में क़रीब 900 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
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13,000 से अधिक लोगों को बचाया गया
इस विनाशकारी आपदा के बीच रेस्क्यू टीम लगातार मलबे में फंंसे लोगों को बचाने का काम कर रही है। अबतक टीम ने 13,000 से अधिक लोगों को बचा लिया है और अभी भी कई लोगों के ज़िंंदा बचने की उम्मीद जताई जा रही है। शुक्रवार को ऊपरी त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से 9 दिन बाद 2 मजदूरों को ज़िंंदा बाहर निकाला गया है। नेपाली सेना के साथ भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की विशेषज्ञ टीमें मिलकर सुरंगों में रेस्क्यू अभियान चला रही हैं।

275 भारतीय नागरिक अब भी लापता
अबतक 169 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। बावजूद इसके नेपाल में 275 भारतीय नागरिक अब भी लापता बताए जा रहे हैं। दूसरी तरफ़ तिब्बत में फंसे सभी भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसके अलावा भारत इस बेहद कठिन समय में नेपाल की हर संभव मदद कर रहा है और भारत की ओर से राहत सामग्री भेजी जा रही है, वहीं भारतीय नागरिकों की सुरक्षित बाहर निकालने का काम भी जारी है।
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भारत ने 54 विशेषज्ञों को नेपाल भेजा
इस विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत ने नेपाल में अब तक 7 विमानों के ज़रिए क़रीब 95 टन राहत सामग्री भेज चुका है। साथ ही राहत और रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद के लिए भी भारत ने 54 विशेषज्ञों को नेपाल भेजा है, जिनमें 30 टनल रेस्क्यू एक्सपर्ट, 19 फोरेंसिक एक्सपर्ट और 5 सदस्यीय मेडिकल टीम शामिल है। वहीं, क़रीब 387.5 अरब नेपाली रुपये के शुरुआती आर्थिक नुकसान के बीच नेपाल के सामने अब राहत के साथ बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण की चुनौती है।






