T20 विश्व कप की निराशा के बाद एशियन गेम्स के लिए भारतीय महिला टीम का ऐलान
वन-डे विश्वकप जीतकर आई भारतीय महिलाओं ने इस T20 विश्वकप में अपने प्रदर्शन से निराश किया।
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वन-डे विश्वकप जीतकर आई भारतीय महिलाओं ने इस T20 विश्वकप में अपने प्रदर्शन से निराश किया।
आशुतोष त्रिपाठी ने ताइक्वांडो जीत को कोच व माता-पिता को समर्पित किया।
कुल मिलाकर प्रदर्शन मिला-जुला रहा, लेकिन ऐसे स्तर पर बड़ी टीमों के सामने मिले-जुले प्रदर्शन से जीतना आसान नहीं होता
‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ भारत और वेनेजुएला की मित्रता को भी दर्शाता है। अमिस्ताद एक स्पेनिश शब्द है, जिसका अर्थ ही होता है- मित्रता।
अमेरिका-ईरान के बीच दोबारा हमले शुरू हो गए हैं, उससे पूरा विश्व एक बार फिर चिंता से घिर गया है।
लगता है, कि पेपर लीक का कोई तमाशा चल रहा है, जिसे जब चाहा जहां चाहा लीक कर दिया।
राम मंदिर ट्रस्ट ने साफ़-साफ़ शब्दों में कहा है, कि मामला गंभीर है और कोई भी बख़्शा नहीं जाएगा।
अयोध्या में चढ़ावा चोरी कोई मामूली घटना नहीं है। यह आस्था पर चोट और राम भक्तों से सीधे तौर पर विश्वासघात का मामला है।
वेनेजुएला में तबाही को देखते हुए अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने आपातकाल की घोषणा कर दी है।
रसोईघर पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुपोषण मिशन को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
वेनेजुएला की राजधानी कराकास के पश्चिम में सुबह के समय एक के बाद एक आए दो भूकंप।
आज की तारिख़ में पढ़ना जितना ज़रूरी है, वैसे ही हमारी सुरक्षा भी बेहद ज़रूरी है, क्योंकि जब हम ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो आगे के बारे में सोचना सब व्यर्थ है।
हम रिश्तों की मान-मर्यादा सब भूलते जा रहे हैं और हम पर हावी होता जा रहा है लालच, बेईमानी और दोहरा चरित्र। इंसान से अच्छे तो आज जानवर हो गए हैं।
जो कोचिंग सेंटर से छात्र हर रोज़ पढ़कर वापस चले आते थे, उन्हें क्या पता था, कि वो कोचिंग सेंटर एक दिन उनकी जान की वजह बन जाएगी।
सृष्टि ने शरीर से लाचार होते हुए भी हार नहीं मानी और देखिए वो आज मिसाल भी हैं व उदाहरण भी।
शुरू में जिस तरह का दबाव दक्षिण अफ्रीका पर था, यदि उस समय भारत का कोई गेंदबाज विकेट निकाल लेता तो परिणाम भारत के पक्ष में जा सकता था।
कबीर ने हमारे समाज में पनपति लालच, बेईमानी व भ्रष्टाचार को बड़े गौर से समझा है और इसे दोहे का रूप दिया।
NEET पेपर लीक के बाद किसी को समझ नहीं आया आख़िर ऐसा कैसे हो गया। क़रीब 23 लाख छात्रों का चेहरा मायूसी में डूब गया।
इस युद्ध में जिस तरह तेल रिफ़ाइनरी पर हमले हुए उसने कच्चे तेल की क़ीमतों में आग लगाने का काम किया।
यह पूरे मिडिल ईस्ट के लिए अच्छी ख़बर मानी जा रही है, क्योंकि पिछले 110 दिनों में इन देशों ने ख़ून-ख़राबा ही देखा है।