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“छात्र मांग रहे हैं न्याय, सियासत तलाश रही है अपना मुद्दा; झारखंड आंदोलन में बढ़ी राजनीतिक गर्मी”

झारखंड छात्र आंदोलन में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक और OMR विवाद को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। विधानसभा घेराव के बाद आंदोलन में राजनीति के आरोप भी तेज़ हो गए हैं।
  • झारखंड के लाठीचार्ज ने उठाए कई सवाल  
  • पक्ष और विपक्ष की तू-तू-मैं-मैं जारी

झारखंड में पक्ष और विपक्ष की लड़ाई

झारखंड में चल रहा व्‍यापक छात्र आंदोलन अब पक्ष और विपक्ष की लड़ाई बनता जा रहा है। यह आंदोलन अब जंतर-मंतर बनाम रांची छात्र आंदोलन बन गया है। हमारे देश में राजनीति में सबकुछ मूमकिन है, जो लोग जंतर-मंतर पर सरकार का घेराव कर रहे थे, अब सरकार झारखंड में उन्‍हीं से सवाल कर रही है। जंतर-मंतर पर केंद्रीय शि‍क्षा मंत्री का इस्‍तीफ़ा मांगा जा रहा था, वहीं यहां मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन घि‍रते नज़र आ रहे हैं। इस तू-तू-मैं-मैं के खेल में राजनीति तो तो आगे बढ़ गई, लेकिन देश के युवा, छात्र, बेरोजगार और आम लोग सड़क पर ही खड़े हैं और इस इंतज़ार में हैं, कि उन्‍हें कहीं से अच्‍छा रोजगार मिले, तो घर का चुल्‍हा अच्‍छे से जल सके।

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छात्रों की मांग पर सरकार ख़ामोश

झारखंड छात्र आंदोलन में सरकार और छात्रों के बीच जब तीसरी वार्ता भी बेनतीजा निकली, तब छात्रों ने अनशन जारी रखने और तय कार्यक्रम के अनुसार यानी 10 अगस्‍त को विधानसभा घेरने का ऐलान किया और ठीक ऐसा ही हुआ। छात्र पिछले 19 दिनों से अपनी न्‍याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। अपने भविष्‍य के लिए उन्‍होंने सरकार के सामने अपनी मांगे रखी हैं, जिसमें JPSC/ JSSC की परीक्षाओं में हुई कथि‍त धांधली, OMR शीट में गड़बड़ी और पेपर लीक के चलते इन परीक्षाओं को रद्द कर दोबारा परीक्षा लेने और मामले की जांच CBI को सौंपने जैसी मांग है।

छात्रों का विधानसभा घेराव बना ऐतिहासिक  

छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर विधानसभा के लिए शांतिपूर्वक मार्च किया। इसके बाद वहां जो हुआ, वो पूरे देश में चर्चा का विषय था, वहीं झारखंड छात्रों के लिए यह ऐतिहासिक दिन बन गया। विधानसभा घेराव के दौरान आंदोलन को रोकने के लिए झारखंड सरकार ने पहले वाटर कैनन से पानी की बौछार किया, जिसपर छात्र डांस करने लगे। आंदोलन को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले चलाए गए और अंत में पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिससे कई छात्रों को चोटें आई। इसी बीच पिछले 10 दिनों से अनशन पर बैठे देवेंद्र महतो को एम्बुलेंस से छात्र आंदोलन में लाया गया। तबीयत बिगड़ने व कमजोरी के बावजूद विधानसभा घेराव में वो शामिल हुए और सरकार के रवैये और पुलिस के लाठी चार्ज को देखकर अपना रोष प्रकट किया। इन सब के बीच छात्रों का जोश कम नहीं हुआ और वो लाठी खाते रहे, लेकिन भवष्यि की लड़ाई लड़ते रहे।

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झारखंड में लाठीचार्ज, सवालों के घेरे में विपक्ष

इस लाठी चार्ज ने जंतर-मंतर के छात्र आंदोलन की याद दिलाई। हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्‍व में ‘संसद मार्च’ के दौरान भी बड़ी संख्‍या में छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ था, लेकिन वहां पुलिसवालों पर भी हमले हुए थे। रांची में छात्र लाठी खाते रहे, लेकिन पलट कर हमला नहीं किया। इस आंदोलन के बाद कई सवाल विपक्षी दलों से पूछे जाने लगे हैं, कि आख़‍िर वो जंतर-मंतर पर तो छात्रों के हित की बात कर रहे थे, मगर रांची में उन्‍हें छात्रों की पीड़ा क्‍यों नहीं दिखाई दे रही है? कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और RJD लगातार सवालों के घेरे में हैं। सबसे दिलचस्‍प बात यह है, कि छात्रों के हितों को ध्‍यान में रखते हुए कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत हुई थी, लेकिन वो इस आंदोलन से लापता हैं। इससे साफ़ ज़ाहिर होता है, कि इन सब में कहीं ना कहीं राजनीति छिपी हुई है।

राजनीति सब पर हावी     

बता दें, कि इस छात्र आंदोलन में 9 छात्र पिछले कई दिनों से आमरन अनशन पर बैठे हैं, ताक़‍ि झारखंड के छात्रों को न्‍याय मिल सके। सरकार और छात्रों के बीच की चार्ता लगातार फ़ेल हो रही है। इससे छात्र नाराज़ हैं और इससे आंदोलन और गंभीर होता जा रहा है। इधर झारखंड सरकार भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाते हुए कह रही है, कि यह सब बीजेपी की राजनीति है। मतलब छात्रों के बारे में कोई नहीं सोच रहा। सब यही सोचने में लगे हैं, कि हमारी कुर्सी कैसे बची रहे। अगर सच में देश के छात्रों की चिंता होती, तो यह दो तरफ़ा राजनीति नहीं देखने को मिलती, लेकिन हमारे देश में अक्‍सर राजनीति सब पर हावी हो जाती है और मुख्‍य मुद्दे ऐसे ही चुनावी मुद्दे बनकर रह जाते हैं।

छात्रों के हाथों में गुलाब और तिरंगा

जब हौसले बुलंद हो, तो जब कंटीले बैरिकेड भी आगे बढ़ने से नहीं रोक सकते और यहीं देखने को मिला भी, छात्र बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने लगे। रांची का छात्र आंदोलन काफ़ी अलग नज़र आया। इस दौरान कोई स्पाइडर-मैन बनकर पहुंचा, कोई भालू के रूप में, तो कोई सी ने पुष्पा के गेटअप में तैयार होकरबनकर छात्रों का हौसला बढ़ा रहा था। छात्र हाथों में तिरंगा और गुलाब लेकर प्रदर्शन स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिसकर्मियों को गुलाब देकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन का परिचय दिया।

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