- पहले चरण में हुई थी 91.58 प्रतिशत वोटिंग
- 16 ज़िलो की 152 सीट के लिए मतदान हुआ
बंगाल की पेचिदा राजनीति
हमेंशा से पश्चिम बंगाल में जिस तरह का चुनावी माहौल रहा है, वो शायद ही किसी और राज्य में देखने मिले, जिसका उदाहरण इसी बंगाल चुनाव में देखने को मिल रहा है। असल में बंगाल की राजनीति शुरू से ही बड़ी पेचिदा रही है। ममता बनर्जी इसी पेचिदा राजनीति में पिछले 15 वर्षों से अपना वर्चस्व क़ायम रखने में कामयाब रही हैं, लेकिन 2026 में बंगाल विधानसभा के पहले चरण के चुनाव के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने चुनावी जनसभा में बड़ा ऐलान किया है।
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अमित शाह का दावा
अमित शाह ने दावा किया, कि पहले चरण में 16 ज़िलों की 152 सीटों पर हुए मतदान के बाद भारतीय जनता पार्टी 152 में से 110 सीटों पर जीत दर्ज कर राज्य में सरकार बनाएगी। गृह मंत्री ने बंगाल में हुए रिकॉर्डतोड़ वोटिंग को बीजेपी से जोड़ते हुए कहा, कि बंगाल की जनता अब बदलाव चाहती है और इतनी बड़ी संख्या में मतदान होना इसका बड़ा उदाहरण है। उन्होंने दूसरे चरण में भी इसी प्रदर्शन का भरोसा जताया है।
बंगाल में निश्चित तौर पर बदलाव
बंगाल में इस बार चुनाव इस बार 91.58 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया, जिसे अमित शाह ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़ते भरोसे जोड़ा। अमित शाह ने दावा किया है, कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) और ममता बनर्जी का इस बार सूपड़ा साफ़ होने वाला है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को भरोसा दिलाते हुए कहा, कि बंगाल में इस बार निश्चित तौर पर बदलाव होगा और भाजपा मजबूत पार्टी बनकर सामने आएगी। गृह मंत्री ने कहा, कि इस चुनाव से पता चलता है, कि बंगाल में बीजेपी पहले से ज़्यादा मजबूत हुई है।
बीजेपी को सत्ता से हटाना ममता बनर्जी का लक्ष्य
उधर ममता बनर्जी ने इस रिकॉर्ड मतदान को SIR से जोड़ते हुए कहा, कि यह बंगाल की जनता का SIR के ख़िलाफ़ क़रारा जवाब है। उन्होंने कहा, कि SIR को लेकर बंगाल की जनता में ख़ासा नाराजगी है, जो मतदान के रूप में सामने आया है। यह साफ़ है, कि टीएमसी एक बार फिर चुनाव जीतने जा रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यहां तक कह दिया, कि उन्हें किसी भी पद में दिलचस्पी नहीं है, उनका लक्ष्य दिल्ली की केंद्र सरकार बीजेपी को सत्ता से हटाना है।
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इस बयानबाजी के बाद 4 मई का दिन हुआ दिलचस्प
चुनाव में हर पार्टी अपने-अपने जीतने के दावे तो करती रहती है, लेकिन अमित शाह के आत्मविश्वास भरे दावे को नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता। इस बार SIR व घुसपैठिए वाले मुद्दे छाए रहे, जिसमें बीजेपी और टीएमसी के बीच तकर्रार देखी जा सकती है। इन दावों के बाद यह चुनाव अब और भी दिलचस्प हो गया है। देखना होगा, कि 4 मई का परिणाम बदलाव की क्रांति लेकर आएगा या ममता सरकार पर ही जनता का भरोसा बरक़रार रहता है।
बता दें, कि बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी। कुल 294 सीट के विधानसभा चुनाव में इस बार 142 सीटों के लिए मतदान किए जाएंगे।



