- तीनों भाई-बहन का शव नदी से बरामद
- किसी ने की थी परिजनों से 50 हज़ार रुपये की मांग
हज़ारीबाग ज़िले के मुफ़स्सिल थाना क्षेत्र में ऐसी घटना हुई, जिससे सनसनी फ़ैल गई। बता दें, कि पिछले 5 दिनों से 3 लोग लापता थे, जिसमें एक युवक और दो युवतियां थी। 5 दिन बाद इन तीनों का शव पोता जंगल में स्थित नदी से बरामद किया गया। मृतकों की पहचान 25 मोहम्मद आदिल, 18 वर्षीय वसीफ़ा नाज़, 19 वर्षीय सानिया परवीन के रूप में हुई है।
तीनों भाई-बहन गए थे आम खाने
परिजनों ने बताय, कि तीनों भाई-बहन घर से 1 किमी दूर जंगल में आम खाने के लिए गए थे, लेकिन शाम 6 बजे तक जब वह वापस घर नहीं लौटे, तो परिजन रातभर उनकी तलाश करते रहे, लेकिन उनका कुछ भी पता न लगने के बाद उन्होंने थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों ने कहा, कि मुफ़स्सिल थाना पुलिस ने शुरू में यह विश्वास जताया था, कि सभी लापता युवक-युवतियां सही-सलामत हैं और जल्द ही उन्हें वापस लेकर आएंगे।
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50 हजार रुपये की गई थी मांग
इस घटना के बाद परिजनों ने आरोप लगाया, कि एक व्यक्ति ने दावा किया था, वह तीनों को सही-सलामत वापस लेकर आ जाएगा, लेकिन उसने बदले में 50 हज़ार रुपये की मांग की थी। दिल झकझोर देने वाली इस घटना के बाद सदर SDO अमित आनंद ने कहा, कि मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

स्वास्थ्य मंत्री ने सख्त जांच के दिए निर्देश
इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफ़ान अंसारी ने हज़ारीबाग सदर अस्पताल पहुंचकर, पीड़ित परिजनों से मुलाकात की। साथ ही पोस्टमार्टम हाउस जाकर तीनों मृतकों के शवों को देखकर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस अधिकारियों के साथ इस मामले को लेकर लंबी समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा, कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ़्तार करे जाने का आश्वासन दिया है।
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पीड़ित परिवार का लिया जाए बयान
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, कि पीड़ित परिवार के सभी सदस्यों का बयान लिया जाए और वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को तेज़ किया जाए। उन्होंने कहा कि शवों का मेडिकल बोर्ड के माध्यम से पोस्टमार्टम कराया गया है, ताकि निष्पक्ष रिपोर्ट सामने आए और अपराधी को जल्द सज़ा मिल सके।



