कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर अभिषेक बनर्जी ने दिया वॉयस सैंपल
आए दिन अभिषेक बनर्जी पर FIR, तो कभी भ्रष्टाचार के आरोप में अदालत में पेशी होने की ख़बरे आती रहती हैं।
आए दिन अभिषेक बनर्जी पर FIR, तो कभी भ्रष्टाचार के आरोप में अदालत में पेशी होने की ख़बरे आती रहती हैं।
अगर ऐसे स्पीडबोट हादसों को नहीं रोका जा सकता, तो पर्यटन के नाम पर इन जानलेवा स्पीडबोट को बंद कर देना चाहिए।
ट्रांजिट वारंट मिलने के बाद शिबू सिंह को बुधवार को कोलकाता ले जाकर सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा।
यह संकेत अच्छे नहीं है, क्योंकि हमने पिछली बार देखा था, कि कैसे विश्व में इस युद्ध के चलते तेल संकट गहरा गया था और महंगाई लगातार बढ़ती जा रही थी। उसका असर अभी ख़त्म भी नहीं हुआ था, कि
चोरी से जुड़ा सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब 3 आरोपी अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे को कोर्ट की अनुमति के बाद 40 घंटे की हिरासत में लिया।
जब से उत्तर प्रदेश की कमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मिली, तबसे गोरखपुर हर दिन विकास की बढ़ता रहा है।
खैंर अभी जैसा माहौल है उसे देखकर कहना मुश्कि़ल है, कि दोनों देशों के बीच बातचीत हो भी पाएगी या नहीं। जैसा, कि हमने 60 दिन युद्धविराम वाले समझौते में देखा था।
इसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है, कि आज TMC में बग़ावत का दौर है। वही ममता बनर्जी, जिनका फ़ैसला पत्थर की लकीर माना जाता था, आज उनके फ़ैसलों का कोई मान नहीं रहा।
ज़रूरी है, कि लोगों के अंदर हमारे क़ानून व्यवस्था और न्यायपलिका का डर हो। तब जाकर विकसित सोच को सही मायने में परिभाषित किया जा सकेगा।
तीनों आरोपियो ने ना सिर्फ़ दान के पैसे बांटे जाने की बात स्वीकार की, बल्कि ऐसे-ऐसे खुलासे किए, कि भक्ति व आस्था कलंकित हो जाए।
राम के नाम पर हमारे देश में कितने लुटेरे बैठे हैं, जो जनता का पैसा लुटकर करोड़पति बनना चाहते हैं। इन्हें यह काम करते हुए जरा भी शर्म नहीं आती।
इस युद्ध से लगातर दुनिया को नुक़सान हो रहा है और महंगाई हर रोज़ बढ़ती जा रही है। ऐसे में दोबारा हमलों को देखते हुए चिंता करना लाज़मी है
अब 10 जुलाई का इंतज़ार सभी को है, कि आख़िर न्यायालय खान सर को लेकर क्या फ़ैसला सुनाती है?
IIM बेंगलुरु भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की दिशा में प्रमुख क़दम है।
आस्था और विश्वास की चोरी में आज देश जानना चाहता है, कि ये आख़िर हुआ कैसे?
ममता बनर्जी की सरकार ने इस विरासत को यह कह कर बंद कर दिया था, कि इसके चलने से शहर में काफ़ी ट्रैफ़िक बढ़ गया है और यह बहुत धीमी है।
युवक अपना देश छोड़कर विदेश में ज़्यादा पैसा कमाने के लिए जाते हैं। कई परिवार तो आबाद हो गए, लेकिन कई लोग ग़लत जगह पांव रखने से गुमनामी के अंधेरे में चले गए।
चंपत राय के रहते हुए मंदिर से करोड़ों का ग़बन हुआ है, यह कोई मामूली बात नहीं है।
मंदिर में चोरी आज बेईमानी, लालच और भ्रष्टाचार का प्रतीक बन गया है।
पिछले 15 महीनों में पहली बार उत्तर प्रदेश की जनता को बिजली बिल में इतनी बड़ी राहत मिलने जा रही है।