- चढ़ावा चोरी में पकड़े गए 8 हैं आरोपी
- इन आरोपियों के घर पर SIT की छापेमारी
बरसों से चुनावी मुद्दा रही अयोध्या
पूरे देश में अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की गर्माहट धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। विपक्ष जहां भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को इस चोरी का ज़िम्मेदार बता रही है, वहीं बीजेपी यह कह रही है, कि आज इनकों भगवान राम कैसे याद आ गए हैं? दरआसल अयोध्या की राजनीति कोई आज की नहीं है, बल्कि अयोध्या के नाम पर किस तरह राजनीति रोटियां सेंकी गई हैं, यह इतिहास गवाह है।
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कौन हैं ये लालची लोग?
पिछले कई दिनों से अयोध्या के राम मंदिर में जो कुछ भी हुआ, वो बेहद कष्टदायी है और इसे घिनौना कृत्य कहना भी ग़लत नहीं हुआ। मंदिर में चोरी आज बेईमानी, लालच और भ्रष्टाचार का प्रतीक बन गया है। साथ ही यह हमारे आस्था के साथ खिलवाड़ का भी सवाल है। आज पूरा देश जानना चाहता है, कि आख़िर ये लालची लोग कौन हैं, जिन्होंने भगवान राम के साथ ही बेईमानी करने का काम किया।
आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत
SIT टीम लगातार चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही है और इस चोरी में 8 लोग- अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और श्रीराम शंकर यादव उर्फ टिन्नू को गिरफ़्तार कर लिया है। साथ ही अदालत ने इन 8 आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भी भेज दिया है। इसके बाद SIT इन 8 आरोपियों के घर पर लगातार छापा मार रही है और पूछताछ कर रही है।

अविनाश के घर संदूक, तो लवकुश ने ख़रीद जी ज़मीन
अबतक हुई छापेमारी में हैरान करने वाले ख़ुलासे हो रहे हैं और मंदिर चोरी की संपत्ती कहां-कहां इस्तेमाल हुई, इसकी भी पोल खुलने लगी है। SIT की छापेमारी में आरोपी अविनाश शुक्ला के घर से जांच एजेंसी को ‘रामराज्य कोष’ का बक्सा मिला है, वहीं दूसरी तरफ़ आरोपी लवकुश मिश्रा को चंदा चोरी से ख़रीदे गई ज़मीन और बनाए जा रहे घर को लेकर अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने नोटिस जारी कर दिया है। इस नोटिस के मुताब़िक लवकुश को इस निर्माणाधीन मकान का मैप, स्वीकृति और दूसरे वैध दस्तावेजों की जानकारी देनी होगी, यदि वो ऐसा करने में नाक़ाम होता है, तो इस अवैध घर पर, तो नियमानुसार बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की जाएगी।
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SIT का एक्शन तेज़
छापे मारी में हो रहे बड़े-बड़े ख़ुलासे के बाद SIT एक्शन में आ गई है और दोबारा अयोध्या जाकर मिली जानकारी के अनुसार कड़ियों को जोड़ रही है। जांच एजेंसी मंदिर में की गई चढ़ावे की गिनती को दोबारा से समझने की कोशिश में लगी है और उससे जुड़े रिकॉर्ड को ख़गाल रही है। इससे पहले राम मंदिर ट्रस्ट के मैनेजर चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। पूरे देश में चंपत राय को लेकर गुस्सा है, वहीं चंपत राय यह बताने में लगे हैं, कि उन्हें फंसाया जा रहा है।
आने वाले दिनों चौंकस सकता है मामला
SIT जिस तरह से मामले की छानबीन कर रही है, उसे देखते हुए यह कहा जा सकता है, कि आने वाले दिनों में और भी बड़े-बड़े ख़ुलासे देखने को मिलेंगे, क्योंकि यह कोई मामूली केस नहीं है, बल्कि इसमें करोड़ा का ग़बन किया गया है। यह भक्तों के विश्वास को तोड़ने का मामला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस चोरी को बड़ी गंभीरता से ले रहे हैं और उन्होंने कहा था, कि जल्द ही चढ़ावे चोरी में ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ हो जाएगा। कोई भी आरोपी बख़्शा नहीं जाएगा। योगी आदित्यनाथ विपक्ष की अयोध्या राजनीति पर लगातार हमला बोल रहे हैं।






