- ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने की थी शिकायत
- आरोपियो पर दर्ज की गई थी FIR
SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में पकड़े गए 8 लोग
इस समय देश में अयोध्या के राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी चर्चा का विषय बनी हुई है। आस्था के साथ हुए खिलवाड़ में देश का हर राम भक्त यह जानना चाहता है, कि इतनी बड़ी हेरा-फेरी के पीछे आख़िर कौन-कौन शामिल हैं, जिन्होंने ईश्वर के साथ ही डकैती करने का काम किया है? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले की जांच के लिए SIT गठित की थी, जिसके बाद SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट पेश की, जिसमें 8 लोग आरोपी पाए गए और उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया।
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8 आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत
बता दें, कि इन सभी आरोपियों का स्पेशल रिमांड मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह की अदालत में पेश किया गया, जहां इन 8 आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। SIT ने इन आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306, 316(5), 317 (4) सहित अन्य धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई। इनकी पहचान अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और श्रीराम शंकर यादव उर्फ टिन्नू के रूप में हुई है।

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कई दिनों से चल रही थी महामंत्री और ट्रस्टी के इस्तीफ़े की मांग
इस घटना से जुड़ी बड़ी ख़बर मिली है, कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने जो इस्तीफ़ा सौपा था, उसकी पुष्टि कर दी गई है। चोरी जैसी बड़ी घटना के बाद से चंपत राय व अनिल मिश्रा सबकी नज़रों में थे और इन दोनों के इस्तीफ़े की मांग पिछले कई दिनों से हो रही थी। राम मंदिर ट्रस्ट ने साफ़-साफ़ शब्दों में कहा है, कि मामला गंभीर है और कोई भी बख़्शा नहीं जाएगा। ट्रस्ट ने यह भी आश्वासन दिया, कि भक्तों ने राम मंदिर में जो भी वस्तुएं व धनराशि दान किए हैं, वो पूरी तरह सुरक्षित हैं। SIT मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है और जल्द की मामले का पर्दाफ़ाश होगा और गुनहगार सामने आएंगे।






