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लखनऊ अग्‍निकांड: क्‍योंकि सुरक्षा जरूरी है

आज की तारिख़ में पढ़ना जितना ज़रूरी है, वैसे ही हमारी सुरक्षा भी बेहद ज़रूरी है, क्‍योंकि जब हम ही सुरक्षि‍त नहीं रहेंगे, तो आगे के बारे में सोचना सब व्‍यर्थ है।
  • 15 छात्रों की चली गई थी जान
  • हर तरह से चल रही है जांच

इससे बुरा कुछ भी नहीं

लखनऊ के अलीगंज के ऐनीमेशन कोचिंग सेंटर में हुए दर्दनाक हादसे ने 15 घरों को पलभर में उजाड़ कर रख दिया। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस घटना में ऐसी ज़िंदगियां बुझ गई, जिन्‍होंने अभी सपने बुनने शुरू किए थे, लेकिन सपने मंज़‍िल तक पहुंचने से पहले ही बुझ हो गए। जो भी हुआ बहुत बुरा हुआ और इससे बुरा कुछ भी नहीं हो सकता। वो परिवार किस स्‍थि‍ति में होगा, ये सोच कर ही दिल सहम जाता है। सबके मन में आज यही सवाल है, कि ऐसा क्‍यों हुआ, इसका ज़ि‍म्‍मेदार कौन है?

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Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath and Deputy Chief Minister Brajesh Pathak (Photo: IANS)

एक्‍शन मोड में सरकार

इस घटना के बाद सरकार भी एक्‍शन मोड में आ गई है, क्‍योंकि हाल के दिनों में अग्‍निकांड की ख़बरे लगातार आ रही हैं। इसके पीछे सेफ़्टी निर्देशों का पालन ना करना एकमात्र कारण सामने आया है। यही कारण है, कि उत्‍तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए SIT गठ‍ित कर दी है। इसके अलावा प्रदेश के सभी कोचिंग सेंटर्स पर छापे मारने का काम भी शुरू हो गया है। इसके अंतर्गत कोचिंग सेंटर्स को सील करने का काम किया जा रहा है। हमारे देश में कोचिंग हो, होटल हो या अस्‍पताल, बिना सुरक्षा मानकों के संचालित किए जा रहे हैं।

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Photo: IANS

सुरक्षा को देनी होगी प्राथमिकता

लखनऊ के कोचिंग सेंटर में आग लगती है, लेकिन सेफ़्टी अलार्म नहीं बजता। क्‍या वहां फ़ायर एक्सटिंग्विशर के इंतज़ाम नहीं थे? सच तो ये है, कि ये कोचिंग सेंटर्स बिना सेफ़्टी के चल रहा था, जहां मासूमों की जान को ताख पर रखकर पढ़ाने का काम किया जा रहा था। सही बताएं, तो सुरक्षा को हमने कभी भी प्राथमिकता नहीं देते। हम एडमिशन लेने से पहले फ़ीस से लेकर पढ़़ाए जाने कोर्स की तो चर्चा करते हैं, लेकिन क्‍या उस संस्‍थान में सुरक्षा है, इसकी पूछताछ नहीं करते, क्‍योंकि वो हमारे लिए कभी भी ज़रूरी नहीं रहा है। सुरक्षा न होने के कारण ही आज 15 विदयार्थी हम लोगों के बीच में नहीं है। अगर वहां सुरक्षा के सारे इंतज़ाम होते, तो वो हर परिवार आज ख़ुशहाल होता।

कोर्स के बारे में पूछने के अलावा पूछे कि सेफ़्टी है!

आज वो समय आ गया है, कि जब हम सुरक्षा को प्राथमिकता दें और कहीं भी दाखिला लेने से पहले सेफ़्टी के बारे में भी पूछे। हर संस्‍थान भी सेफ़्टी की जानकारी लिखि‍त में भी दे और बताए भी, कि हमारे यहां आग लगने पर सुरक्षा के सभी इंतज़ाम हैं, जिससे की विद्यार्थि‍यों को नुक़सान नहीं होगा। आज की तारिख़ में पढ़ना जितना ज़रूरी है, वैसे ही हमारी सुरक्षा भी बेहद ज़रूरी है, क्‍योंकि जब हम ही सुरक्षि‍त नहीं रहेंगे, तो आगे के बारे में सोचना सब व्‍यर्थ है।

यूपी में 100 से ज़्यादा कोचिंग सील

उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के आदेशपर पूरे उत्‍तर प्रदेश के कोचिंग सेंटर्स की जांच की जा रही है और जो कोचिंग संस्‍थान सुरक्षा मनकों पर खरे नहीं उतर रहे, उन्‍हें तुरंत ताला लगाने का काम किया जा रहा है। इस जांच में अब तक 100 कोचिंग सेटर्स पर सील लगा दिया है। इसके अंतर्गत कानपूर के काकादेव में 30 कोचिंग संस्‍थानों पर सील लगा दिया गया है। जांच में पता चला है, कि बेसमेंट पार्किंग में अवैध रूप से कक्षाएं चलाई जा रही थी और फायर NOC भी वैध नहीं थी। साथ ही प्रयागराज में 97 रजिस्‍टर्ड कोचिंग संस्थानों में से सिर्फ़ 15 के पास ही वैध NOC थी। साथ ही सिविल लाइंस स्थित खान ग्लोबल स्टडीज को भी सील कर दिया गया है। वाराणसी में 15 कोचिंग पर ताला लगा दिया गया है। मेरठ और आगरा में भी सील करने का काम जारी है। साथ ही बरेली  के दो होटल को सुरक्षा के नज़रिए से सील कर दिया गया है।  

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