“बंगाल का नायक कौन- शुभेंदु अधिकारी”
यह महज एक जीत नहीं है, बल्कि यह जीत बताती है, कि अहंकार का अंत निश्चित है। ममता बनर्जी को घर में हराने के बाद शुभेंदु अधिकारी का ओहदा बढ़ गया है।
यह महज एक जीत नहीं है, बल्कि यह जीत बताती है, कि अहंकार का अंत निश्चित है। ममता बनर्जी को घर में हराने के बाद शुभेंदु अधिकारी का ओहदा बढ़ गया है।
बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में मंत्रीमंडल का विस्तार किया गया है। हाल ही में नीतीश कुमार ने क़रीब दो दशक बाद बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देतें हुए राज्यसभा में जाने का फ़ैसला लिया।
असम में बीजेपी की लगातार तीसरी बार जीत कोई करिश्मा नहीं है, यह असम की जनता का भारतीय जनता पार्टी के प्रति विश्वास को दर्शाता है।
बंगाल में फिर हिंसा पश्चिम बंगाल में चुनाव के नतीजों के बाद हिंसा एक बार फिर पनपने लगी है। बंगाल का इतिहास ही हिंसक रहा है, जिसे इस चुनाव में थामने की बड़ी-बड़ी कोशिशे की गई और लगभग कामयाब भी हुई। वो कहते हैं ना बरसों से चली आ रही परंपरा को बदलना या ख़त्म…
भारतीय जनता पार्टी इस बार पूरे विश्वास के साथ ममता बनर्जी के किले को फ़तह करने की लड़ाई लड़ रही थी। यह एक दिन में नहीं हुआ, बल्कि बंगाल की जीत में कई वर्षों का संघर्ष छिपा है।
15 वर्षों के बाद आख़िर जनता ने डर और भय से आगे निकलकर यह बताया, कि अब ममता बनर्जी नहीं, बल्कि एक ऐसा शासन चाहिए
आख़िरकार महीनों के बाद जिसका पूरे देश को इंतज़ार था वो 4 मई का दिन आ चुका है, यानी की 5 राज्यों की मतगणना शुरू हो चुकी है। इन 5 राज्यों में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरलम, असम और पुडुचेरी है, लेकिन जिस विधानसभा पर सबकी नज़रे हैं, वो है, पश्चिम बंगाल। पश्चिम बंगाल RESULT: कुल…
बीजेपी ने जहां TMC पर हमला बोलते हुए 15 वर्षों की नाकामियों की 15 आरोपों की चार्तशीट तैयार की, वहीं TMC ने भी बीजेपी पर चार्जशीट तैयार करने में समय नहीं लगाया।
IPL 2026 में मुंबई में चैम्पियन वाली बात नज़र नहीं आ रही। मुंबई का प्रदर्शन काफ़ी ख़राब रहा, जिस वजह से अब MI बाहर होने के क़गार पर पहुंच गई है
दरअसल पाथुम निसांका और केएल राहुल ने 226 रन चेज़ की नींव रखी। दोनों ने पहले विकट के लिए 57 गेंदों में 110 रन की साझेदारी की।
आयोग ने प्राप्त सूचनाओं के आधार पर यह फ़ैसला लिया, कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में इन मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी हुई थी।
इस याचिका को तृणमुल कांग्रेस कलकत्ता हाईकोर्ट लेकर गई थी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने इस याचिका को सिरे से ख़ारिज कर दिया था।
गुवाहाटी हाईकोर्ट से पवन खेड़ा को राहत देने से इंकार कर दिया था, जिसके बाद पवन खेड़ा ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
जहां पिछली बार बेंगलुरु ने गुजरात को मात दे दी थी, वहीं इस बार गुजरात ने पलटवार करते हुए हिसाब बराबर कर लिया है।
देश को इन पांचों राज्यों के परिणाम का इंतज़ार है, जो वैसे तो 4 मई को ही आधिकारिक रूप से घोषित किए जाएंगे, लेकिन इससे पहले कई एजेंसियों ने एग्जिट पोल जारी कर दिया है।
उत्तर प्रदेश में अब जंगलराज और गुंडाराज नहीं, बल्कि यहां अब ऊंची-ऊची इमारते, एक्सप्रेस-वे, चौड़ी सड़के और दौड़ती मैट्रो नज़र आती हैं।
SRH ने मुंबई इंडियन्स (MI) के ख़िलाफ़ 244 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा कर सबको चौंका दिया।
294 सीटों की लड़ाई में यह आज़ादी के बाद से अब तक की सबसे ज़्यादा रिकॉर्ड वोटिंग है। सरकार बनाने के लिए पार्टी को 148 सीट जीतने होंगे।
पहले चरण की तरह ही मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला है।
हिंसक माहौल में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना चुनाव आयोग के लिए इस बार चुनौती से कम नहीं था।