IPL 2026: लखनऊ की बल्लेबाजी बनी सिरदर्द, 156 भी नहीं बना पाई (LSG VS KKR)
निकोलस पूरन तो अपने बूरे फ़ॉर्म से गुज़र रहे हैं। ख़राब प्रदर्शने के चलते अब प्लेइंग 11 में उनके खेले जाने पर ही सवाल उठाए जाने लगे हैं।
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निकोलस पूरन तो अपने बूरे फ़ॉर्म से गुज़र रहे हैं। ख़राब प्रदर्शने के चलते अब प्लेइंग 11 में उनके खेले जाने पर ही सवाल उठाए जाने लगे हैं।
इन दावों के बाद देखना होगा, कि 4 मई का परिणाम बदलाव की क्रांति लेकर आएगा या ममता सरकार पर ही जनता का भरोसा बरक़रार रहता है।
संजू सैमसन का जादुई बल्ला नहीं चला और नतीजा यह रहा, कि चेन्नई की पूरी टीम पूरे 20 ओवर रन बनाने के लिए संघर्ष करती रही।
यह दशकों पहले वाला गोरखपुर नहीं रहा, जहां सड़क पर गड्ढे और कूड़े के ढेर देखने को मिलते थे।
इस IPL में दूसरी दफ़ा दोनों का आमना-सामना हुआ, लेकिन दोनों बार SRH ने बाज़ी मार ली है।
पंजाब का यह प्रदर्शन यह बताता है, कि पंजाब इस बार ख़िताब जीतने के पक्के इरादे से मैदान में उतरी है।
पिछले कुछ महीनों में बिहार की बयार में काफ़ी बदलाव देखने को मिला है। क़रीब 2 दशक तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने जब अचानक राज्यसभा मे जाने का फ़ैसला किया
I-PAC रेड के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मामले में दखल देने की कोशिश की, जिससे सुप्रीम कोर्ट कड़ी नाराजगी जताई है।
स्थानीय लोगों का कहना है, कि हाथियों का आतंक इतना बढ़ गया है, कि यहां सब डर के माहौल में जी रहे हैं।
चार धाम की यात्रा शुरू कर दी गई है, जिसमें केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं।
विराट की 81 रन की पारी ने साईं सुदर्शन की 100 रन की शतकीय को फ़ीका कर दिया।
मुंबई इंडियन्स (MI) और चेन्नई सुपरकिंग (CSK) IPL की मुख्य प्रतिद्वंदी मानी जाती हैं, क्योंकि ये दोनों टीमें सबसे ज़्यादा बार IPL जीतने वाली टीमें हैं।
पश्चिम बंगाल चुनाव ने वोटिंग के मामले में नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है। पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान होना था।
इस रिजल्ट को बोर्ड मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जारी किया गया है।
हादसा इतना भीषण था, कि कई लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
इस वर्ष की शुरुआत से ही असम, केरलम, पुडुचेरी, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनावी माहौल बना रहा । ख़ासकर बंगाल चुनाव की चर्चा तो हमेशा पूरे देश में रहती है।
इस IPL में जहां टीमें 200 रन बनाकर कर भी ख़ुद को सेफ़ नहीं समझ रही, वहां लखनऊ के लिए 150 से 160 रन का टारगेट भी भारी पड़ जा रहा है।
पिछले 15 वर्षों से बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमुल कांग्रेस वर्चस्व रहा है। उन्हें हराना किसी भी पार्टी के लिए आसान नहीं रहा।
अब चुनावी प्रचार पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। महीनों दिन से पार्टियों के बीच चल रहे सियासी गरमा-गर्मी और आरोप-प्रत्यारोप के बाद अब फ़ैसला जनता के हाथ में है।
ममता ने कहा, कि अगर मुझे बैन किया गया, तो पूरा देश और पूरी दुनिया मुझे देखेगी।