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बंगाल विधानसभा चुनाव: पहले चरण में अब तक की रिकॉर्ड वोटिंग

पश्‍चिम बंगाल चुनाव ने वोटिंग के मामले में नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है। पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान होना था।
  • 84 सीटों पर 90 प्रतिशत से ज़्यादा वोटिंग
  • 16 जिलों की 152 सीटों पर हुआ मतदान

पश्‍चिम बंगाल चुनाव ने वोटिंग के मामले में नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है। पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान होना था, जहां शाम 7:30 बजे तक 91.58 प्रतिशत मतदान रि‍कॉर्ड किया गया। बता दें, कि इससे पहले वर्ष 2011 में सबसे ज़्यादा 84.3 प्रतिशत वोटिंग हुई थी।  

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कौन-कौन से ज़‍िलों में हुई वोटिंग?

16 जिलों की जिन 152 सीटों के लिए मतदान हुए, इनमें दार्जिलिंग, कलिम्‍पोंग, जलपाईगुडी, अलीपुरदुआर, कूचबिहार, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, बीरभूम, पश्चिम बर्धमान, पुरूलिया, बांकुडा, झाड़ग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर और पुर्वी मेदिनीपुर शामिल हैं।

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1,478 उम्मीदवार चुनावी मैदान में

पश्चिम बंगाल में पहले चरण की 152 सीटों पर 1,478 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। माना जा रहा थी, कि इस चरण में 3.60 करोड़ से अधिक मतदाता इन उम्‍मीदवारों की कि‍स्‍मत का  फ़ैसला करेंगे। 3.60 करोड़ मतदाताओं में जहां 1.84 करोड़ पुरुष हैं, वहीं 1.75 करोड़ महिलाएं मतदाता हैं। 

क्‍या बंगाल में उठे मुद्दो ने कराई रिकॉर्डतोड़ वोटिंग?

इस रिकॉर्डतोड़ वोटिंग के पीछे की वजह बंगाल में उठे मुद्दों को माना जा रहा है। पिछले कुछ महीनों से बंगाल में जो सियासी माहौल बना हुआ है, वो पिछले सभी चुनावों से अलग है। SIR के मुद्दे को लेकर बीजेपी और टीएमसी के बीच तकर्रार देखी जा रही है। बहती गरम सियासी हवा का नतीज़ा है, यह रिकॉर्ड वोटिंग। अब ह किस‍के पाले में ज़्यादा गया है। यह कहना मुश्‍क़ि‍ल है। अभी 142 सीटों पर 29 तारिख़ को दूसरे चरण की वोटिंग होनी है।

कितनी सीटों पर 90 प्रतिशत से ज़्यादा वोटिंग

152 सीटों पर संपन्‍न हुए मतदान मे कम से कम 84 सीटें ऐसी थी, जिन पर 90 प्रतिशत या उससे ज़्यादा मतदान दर्ज किया गया। मतदान के लिए 44,376 पोलिंग स्टेशन तैयार किए गए थे, जिसमें मतदाताओं की सुविधा के लिए 2,958 सहायक बूथ भी शामिल थे। 

चुनाव आयोग सख्‍त

चुनाव आयोग ने चुनाव शुरू होने से पहले ही कहा था, कि यदि कोई भी गड़बड़ी हुई, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जो भी दोषी पाए गए उनपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए बड़े स्‍तर पर तैयारियां की थीं। इससे पहले बंगाल चुनाव में बूथ कैप्चरिंग जैसा मामले देखे गए हैं। दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जिसमें कोलकाता और आसपास की 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।

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