- 3 मई को चंपारण से शुरू होगी यात्रा
- पिता की विरासत को आगे बढाएंगे
बदलता बिहार, बदलती बयार
पिछले कुछ महीनों में बिहार की बयार में काफ़ी बदलाव देखने को मिला है। क़रीब 2 दशक तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने जब अचानक राज्यसभा मे जाने का फ़ैसला किया, तो विपक्षी दलों ने इसका राजनीतिकरण करते हुए NDA गठबंधन पर सवाल उठाते हुए यह कहा था, कि यह बिहार की जनता के साथ धोखा है। कई दिनों के राजनीति खेल के बाद आख़िरकार नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दिया और सम्राट चौधरी के रूप में बिहार में पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बना।
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नीतीश कुमार की विरासत
अब जेडीयू के प्रमुख नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार उनकी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं। नीतीश कुमार ने बिहार के लिए जो किया और जनता का जितना प्यार मिला उस विरासत को आगे बढ़ाना निशांत कुमार के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होने वाला। इस क्रम में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार 3 मई से बिहार यात्रा पर निकल रहे हैं, जिसकी शुरुआत पश्चिमी चंपारण से होगी।
जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार
जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार बताया, कि यह यात्रा त्याग की धरती चंपारण से शुरू होगी, क्योंकि नीतीश कुमार ने बिहार में त्याग और सेवा की राजनीति की है और उसी परंपरा को अब निशांत कुमार आगे बढ़ाएंगे इस दौरान पार्टी के कार्यकर्ता घर-घर जाकर “जय निशांत, तय निशांत” का संदेश देंगे।
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आम जनता के बीच निशांत कुमार
इस यात्रा में निशांत कुमार कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का जायजा भी लेंगे। उनका कहना है, कि पिता नीतीश कुमार ने जिस तरह अपने कामों को आम जनता तक पहुंचाया उनकी यही प्राथमिकता होगी।



