Headlines

बंगाल विधानसभा चुनाव: पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल से महासंग्राम, 152 सीटों पर होगा मतदान

पिछले 15 वर्षों से बंगाल में मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमुल कांग्रेस वर्चस्‍व रहा है। उन्‍हें हराना किसी भी पार्टी के लिए आसान नहीं रहा।
  • शांतिपूर्ण मतदान के लिए आयोग ने पूरी की सभी तैयारी
  • इस बार बंगाल की लड़ाई दिलचस्‍प

15 वर्षों से ममता सरकार

आख़‍िरकार बंगाल की धरती पर पक्ष-विपक्ष के बीच महीनों की सियासी टकरार के बाद पर वो दिन आ गया, जिसका सबको इंतज़ार था। पिछले 15 वर्षों से बंगाल में एक ही पार्टी का वर्चस्‍व रहा है और वो है मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमुल कांग्रेस (TMC)। उन्‍हें हराना किसी भी पार्टी के लिए आसान नहीं रहा।

यह भी पढ़ें: बंगाल विधानसभा चुनाव: बंगाल को लूटने वाले बख्‍़शे नहीं जाएंगे- नरेंद्र मोदी

BJP की लगातार कोशिश

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पिछले 10 वर्षों में अपनी तरफ़ से कोशिश बहुत की, लेकिन परिणाम अपेक्षाकृत नहीं आए, हां लेकिन पहले के मुक़ाबले BJP परफ़ॉर्मेंस बेहतर हुआ। पिछले विधानसभा चुनाव में तो बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को हरा दिया था, जो पूरे देश में चर्चा का विषय था। इस बार भी सबकी नज़रे भवानीपुर सीट पर गड़ी हुई हैं और माना जा रहा है, कि इसी सीट से हार और जीत का फ़ैसला होगा।

पहले चरण में 152 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण का चुनाव 23 अप्रैल को होने जा रहा है, इसके अंतर्गत 16 जिलों के 152 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान संपन्‍न किए जाएंगे, जहां 2,958 सहायक बूथ के अलावा 44,376 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे। 

सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम

आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कुल 2,407 टीमों को तैनात किया है। साथ ही सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्‍यवस्‍था भी की गई है। आयोग ने स्पष्ट शब्‍दों में कहा है, कि मतदाताओं के मतदान केन्‍द्रों तक पहुंचने में अगर किसी प्रकार की रुकावट पैदा की जाती है, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी के खिलाफ़ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ज़रूरत पड़ी तो हिरासत में भी लिया जाएगा। इसके अलावा सीमावर्ती क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। क्‍विक रेस्पॉन्‍स टीम को भी निगरानी के लिए बुलाया गया है।

मतदान केंद्रो पर मतदाताओं के लिए सुविधाएं

सभी मतदान केंद्रों पर बुनियादी सुविधाएं जैसे पीने का पानी, धूप को देखते हुए छांव की व्‍यवस्‍था, शौचालय और बैठने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मतदान केंद्र के एंट्री गेट के बाहर मतदाताओं के लिए मोबाइल फोन जमा करने की भी सुविधा होगी। साथ ही मतदाताओं को मतदाता सूची में अपना बूथ नंबर और सीरियल नंबर ढूंढने में सहायता के लिए हर केंद्र पर मतदाता सहायता बूथ बनाए गए हैं।

More Posts

चक्रवात ‘अर्नब’ ने बढ़ाईं मुश्किलें, 135 किमी की रफ्तार से चली हवाएं; भारी नुकसान

125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चली हवाओं के बीच तटीय इलाकों में नुकसान की ख़बरें हैं। विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम में उड़ानें रद्द की गईं, जबकि रेलवे ने कई ट्रेनों का संचालन रोक दिया।

रेलवे में स्टेशन मास्टर बनने का मौक़ा, 1,265 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू

रेलवे भर्ती बोर्ड की इस भर्ती के लिए ग्रेजुएट उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जानें आयु सीमा, आवेदन शुल्क, फीस रिफंड और श्रेणी के अनुसार रिक्तियों की पूरी जानकारी।

रूस-यूक्रेन युद्धविराम पर फिर सवाल, रूस का कीव पर मिसाइल-ड्रोन हमला; एक की मौत

रूसी हमले में शैक्षणिक संस्थानों, हॉस्टल और रिहायशी इमारतों को निशाना बनाए जाने का दावा है। कीव के मेयर विताली क्लिचको के मुताबिक, घायलों में तीन की हालत गंभीर है।

मेडिकल रिपोर्ट में चोट नहीं, फिर भी मिलेगा मुआवजा; POCSO पीड़ितों के हक में इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा, कि मेडिकल रिपोर्ट में शारीरिक चोट न होने के आधार पर POCSO पीड़ित को मुआवजे से वंचित नहीं किया जा सकता।

Send Us A Message