बंगाल विधानसभा चुनाव: संपन्न हुआ बंगाल चुनाव, आज़ादी के बाद पहली बार रिकॉर्ड वोटिंग
294 सीटों की लड़ाई में यह आज़ादी के बाद से अब तक की सबसे ज़्यादा रिकॉर्ड वोटिंग है। सरकार बनाने के लिए पार्टी को 148 सीट जीतने होंगे।
294 सीटों की लड़ाई में यह आज़ादी के बाद से अब तक की सबसे ज़्यादा रिकॉर्ड वोटिंग है। सरकार बनाने के लिए पार्टी को 148 सीट जीतने होंगे।
पहले चरण की तरह ही मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला है।
हिंसक माहौल में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना चुनाव आयोग के लिए इस बार चुनौती से कम नहीं था।
23 अप्रैल को हुए पहले चरण के चुनाव में 93.19 प्रतिशत की रिकॉर्ड वोटिंग हुई थी।
अमित शाह स्पष्ट रूप से कहा, कि बंगाल की जनता अब बदलाव चाहती है और पहले चरण में रिकॉर्डतोड़ मतदान होना इसका प्रमाण है।
तीनों भाई-बहन घर से 1 किमी दूर जंगल में आम खाने के लिए गए थे, लेकिन शाम 6 बजे तक जब वह वापस घर नहीं लौटे।
इन दावों के बाद देखना होगा, कि 4 मई का परिणाम बदलाव की क्रांति लेकर आएगा या ममता सरकार पर ही जनता का भरोसा बरक़रार रहता है।
यह दशकों पहले वाला गोरखपुर नहीं रहा, जहां सड़क पर गड्ढे और कूड़े के ढेर देखने को मिलते थे।
पिछले कुछ महीनों में बिहार की बयार में काफ़ी बदलाव देखने को मिला है। क़रीब 2 दशक तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने जब अचानक राज्यसभा मे जाने का फ़ैसला किया
I-PAC रेड के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मामले में दखल देने की कोशिश की, जिससे सुप्रीम कोर्ट कड़ी नाराजगी जताई है।
स्थानीय लोगों का कहना है, कि हाथियों का आतंक इतना बढ़ गया है, कि यहां सब डर के माहौल में जी रहे हैं।
पश्चिम बंगाल चुनाव ने वोटिंग के मामले में नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है। पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान होना था।
हादसा इतना भीषण था, कि कई लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
इस वर्ष की शुरुआत से ही असम, केरलम, पुडुचेरी, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनावी माहौल बना रहा । ख़ासकर बंगाल चुनाव की चर्चा तो हमेशा पूरे देश में रहती है।
पिछले 15 वर्षों से बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमुल कांग्रेस वर्चस्व रहा है। उन्हें हराना किसी भी पार्टी के लिए आसान नहीं रहा।
अब चुनावी प्रचार पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। महीनों दिन से पार्टियों के बीच चल रहे सियासी गरमा-गर्मी और आरोप-प्रत्यारोप के बाद अब फ़ैसला जनता के हाथ में है।
ममता ने कहा, कि अगर मुझे बैन किया गया, तो पूरा देश और पूरी दुनिया मुझे देखेगी।
इलेक्शन कमिशन बंगाल में इस बार शांति के साथ चुनाव कराना चाहता है, क्योंकि बंगाल का इतिहास इस मामले में अच्छा नहीं कहा जा सकता।
इस बार पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग भी पूरी तरह से सतर्क है। कहीं कोई हिंसक घटना ना हो इसका आयोग पूरा ध्यान रखे हुए है।
पहले की सरकारों में यह शहर कभी भी उभर नहीं पाया और जिस रामगढ़ ताल से गुजरते समय लोग अपने नाक बंद कर लिया करते थे।