”बिहार की बदलती बयार”: ये राजनीति है भईया! यहां कोई ठोर-ठिकाना नहीं
बिहार की राजनीति अब करवट बदलने जा रही है। नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद छोड़ना, भविष्य के लिए एक चुनौती है।
बिहार की राजनीति अब करवट बदलने जा रही है। नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद छोड़ना, भविष्य के लिए एक चुनौती है।
एक तरफ़ इज़रायल-अमेरिका लगातार ईरान पर हमला कर रहे हैं, वहीं ईरान भी पीछे हटने का नाम नहीं ले रहा। यह युद्ध अब विशाल रूप लेता जा रहा है।
इन दिनों जिसकी चर्चा सबसे ज़्यादा है, वो है इज़रायल-अमेरिका-ईरान में महासंग्राम। इज़रायल व अमेरिका ने मिलकर इज़रायल पर हमला बोल दिया है।
दिल्ली चुनाव में बूरी तरह हारने के बाद से आम आदमी पार्टी (आप) ग़ायब सी हो गई थी। आप पार्टी की कहीं कोई चर्चा नहीं थी। 10 साल दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल हार के बाद इस तरह गुम हुए, कि लग ही नहीं रहा था, कि वो कभी दिल्ली के सीएम भी थे।…
आज उत्तर प्रदेश जिस तरह से कामयबी की नई-नई सीढ़ियां चढ़ रहा है, उसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है, कि यूपी आज जापान और सिंगापुर से बड़े-बड़े समझौते कर रहा है
नमो भारत रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो मार्ग के उद्घाटन ने उत्तर प्रदेश की प्रगति में नया अध्याय जोड़ दिया है, जिस उत्तर प्रदेश को दुसरी सरकारों में हमेशा अनदेखा किया जाता रहा, अब वही उत्तर प्रदेश सबकी नज़रों में है।
बदल गया उत्तर प्रदेश क़रीब एक दशक पहले जहां उत्तर प्रदेश, भारत के पिछड़े प्रदेशों मे से एक माना जाता था, जहां लोगों को अपना भविष्य तक धूमिल लगता था। माफ़िया तो परेशानी का सबब था ही, बल्कि जिस प्रदेश की जनता बिजली के लिए भी तरस जाती हो, तो उस प्रदेश से ज़्यादा उम्मीद…
बड़े ही शर्म की बात है, कि कांग्रेस आज अपना भड़ास निकालने के लिए विश्व मंच पर भी देश का सर झुकाने से भी नहीं चूक रही। AI इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस का अर्धनंग प्रदर्शन इसका उदाहरण है।
एआई समिट में जो कुछ भी हुआ, ये विश्व मंच को देखते हुए यह देश के लिए बड़े शर्म की बात है। गलगोटिया जैसे प्राइवेट यूनिवर्सिटी तकनीक के नाम पर बड़ी-बड़ी बातें करते तो हैं, लेकिन वो धरातल पर कितना सच्चाई रखती है, ये तो वो ख़ुद जानते हैं। वो कहते हैं ना, कि कुछ भी कर लो सच एक दिन सामने आ ही जाता है और गलगोटिया यूनिवर्सिटी के साथ वही हुआ।
विकसित भारत की ओर बढ़ते क़दम पिछले एक महीने में इस देश में विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत बनने के कई मॉडल देखे जा सकते हैं। सबसे पहले गणतंत्र दिवस के आवसर पर भारत का यूरोपियन युनियन के 27 देशों के साथ फ्री-ट्रेड-एग्रीमेंट (मुक्त-व्यापार समझौता) हुआ, जिसे ‘मदर ऑफ़-ऑल डील्स’ का नाम दिया गया। …
राजपाल यादव को कोर्ट से बड़ी राहत आख़िरकार राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट ने राहत दे दी है। इस हास्य अभिनेता को कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है। राजपाल यादव चेक बाउंस मामले में 5 फ़रवरी से ही तिहाड़ जेल में बंद थे और वो भी बिना वीआईपी सुविधा के। क़रीब 12 दिन जेल…
किसी ने सच ही कहा है, कि बोय पेड़ बबूल का तो आम कहां से होय। तख़्तापलट के बाद बांग्लादेश में राज करने वाली पार्टियां हार का सामना नहीं कर पा रही हैं। उनके मनसूबों पर जैसे किसी ने पानी फेर दिया है। लेकिन सच से मूंह नहीं मोड़ा जा सकता, कि उनहोंने देश को आग में झोकने का काम किया है, जिसे परेशान जनता ने बुझाने का काम किया।
वो कहते हैं ना जनता से बढ़कर कुछ भी नहीं। जनता ही आपको हीरो बनाती है और वही आपको ज़ीरो भी बनाती है। इसलिए अहंकार से नहीं प्रेम से चलिए। बांग्लादेश आम चुनाव में यह बात पूरी तरह स्पष्ट होती है। इस परिणाम से पता चलता है, कि जनता ऐसे कट्टरवादी लोगों से त्रस्त आ चुकी थी।
4 दशक बाद भापजा लौट रही है बीएमसी में। ठाकरे परिवार का वर्चस्व अब लगभग ख़त्म। जनता ने महायुति पर अपना विश्वास बरक़रार रखा है।
कई दिनों के हलचल के बाद पाकिस्तान को आया होश, कहा भारत से खेलेंगे। आईसीसी मीटिंग में भी दिखी पाकिस्तान और बांग्लादेश की दोस्ती।
भारत का टैरिफ़ घटकर हुआ 18 प्रतिशत। रूसी तेल का अतिरिक्त शुल्क ख़त्म, मगर अभी भी बना हुआ है असमंजस।
राज्यसभा में अभिभाषण में चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री ने लोकसभा में विपक्ष द्वारा किए गए बर्ताव पर कहा, कि यह राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद का अपमान है। राष्ट्रपति एक ग़रीब परिवार से आई महिला हैं। कांग्रेस ने ग़रीबों का अपमान किया है। आदिवासी समाज का और महिलाओं का अपमान किया है। उन्होंने कहा, कि लोकतंत्र…
टाटा ने पिछले महीने पंच को नए अवतार में लॉन्च किया था। इस नए अवतार वाली टाटा पंच की क़ीमत 5.59 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से शुरू है। अब कंपनी ने इसकी डिलिवरी शुरू कर दी है। वर्ष 2021 में टाटा पंच पहली बार लॉन्च हुई थी और तब से इस गाड़ी को काफ़ी अच्छी प्रतिक्रिया…
अभी कुछ दिन पहले ही भारत ने यूरोप के साथ ‘मदर ऑफ़ ऑल डील्स’ के नाम से चर्चा में रही इतिहास का सबसे बड़ा मुक़्त व्यापार समझौता किया। यह ऐतिहासिक समझौता पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी रही, वहीं अमेरिका इस डील को लेकर ज़्यादा ख़ुश नहीं दिखा। उसकी तरफ़ से लगातार प्रतिक्रिया आ…
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 9वीं बार बजट पेश किया वित्तमंत्री ने कहा, कि हम बहुत तेज़ी से एक बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहें है। हमारी सरकार का संकल्प है, कि वंचितों को हर सुविधा से जोड़ा जा सके। हमारी सरकार चाहती है, कि हमारे देश के ग़रीबों को फ़ायदा मिले। रोजगार की बात करते…