- चोरी के आठों अरोपी पुलिस हिरासत में
- SIT मामले की जांच में लगी हुई है
अयोध्या के राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। आस्था के साथ हुए इस खिलवाड़ में जांच के लिए SIT की टीम गठित की गई, जिसमें ट्रस्ट से जुड़े 8 आरोपी पकड़े गए। सबके घरो की तलाशी और पूछताछ के बाद धीरे-धीरे चढ़ावा चोरी के ख़ुलासे होने लगे और यह भी पता चला, कि कैसे चोरी धन और आभूषण आपस में बांटे जाते थे। ख़ैर जांच अभी भी जार है और SIT का फ़ाइनल रिपोर्ट आनो अभी बाक़ी है।
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अयोध्या में ट्रस्ट की अहम बैठक
अयोध्या में एक बार फिर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक हुई, जिसमें राम मंदिर से जुड़े कई महत्वपूर्ण फ़ैसले लिए गए, जिससे की भविष्य में कोई गड़बड़ी दोबारा न हो और भक्तों की आस्था को कोई ठेस न पहुंचे। इस दौरान बैठक में मंदिर प्रबंधन, दान प्रणाली, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति, ट्रस्ट में खाली पद भरने और धार्मिक समिति के पुनर्गठन समेत कई महत्वपूर्ण फ़ैसले लिए ट्रस्ट ने कहा, कि विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट अभी तक हमें नहीं मिली है, जिसके कारण फिलहाल इस विषय पर अभी कोई चर्चा नहीं हुई।
स्वामी गोविंद देव गिरि समिति के अध्यक्ष
बैठक में फ़ैसला लिया गया, कि समिति की अध्यक्षता स्वामी गोविंद देव गिरि करेंगे। साथ ही समिति में कई संतों को सदस्य बनाया गया है। इनमें शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ, महंत दिनेन्द्र दास, महंत कमलनयन दास, महंत राजकुमार दास, स्वामी रामानंद दास और स्वामी मिथिलेशनंदिनी शरण प्रमुख नाम हैं।
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ट्रस्ट ने बैठक में कौन से मुख्य निर्णय लिए?
1) ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन के लिए गठित समिति को प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया।
2) भारतीय रिजर्व बैंक के अधीन संस्था के सहयोग से मंदिर में प्राप्त सोने और चांदी के चढ़ावे की मात्रा और शुद्धता के आकलन के लिए एक स्थायी व्यवस्था भी तय की गई है।
3) ट्रस्ट ने रामानंदी परंपरा के अनुरूप मंदिर में पूजा-अर्चना की शुचिता और धार्मिक व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए धार्मिक समिति का पुनर्गठन किया।
4) ट्रस्ट ने मीडिया के साथ नियमित संवाद के लिए एक आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने का भी निर्णय लिया।
5) भारतीय स्टेट बैंक के साथ प्रस्तावित समझौता ज्ञापन और बैंक के दायित्वों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
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