- 1990 में 4 एयरफ़ोर्स जवानों पर चलाई थी गोलियां
- कश्मीरी पंंडितों के पलायन का मुख्य ज़िम्मेदार, यासीन मलिक
अलगाववादी नेता यासीन मलिक की मुश्क़िलें बढ़ गई हैं, क्योंकि NIA की विशेष अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में, बारामूला के सांसद शेख अब्दुल रशीद उर्फ़ इंजीनियर रशीद और पांच अन्य आरोपी अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह, अलगाववादी नेता मसर्रत आलम भट, व्यवसायी ज़हूर अहमद शाह वटाली, नवल किशोर कपूर और कंपनी ट्रिसन फार्म्स एंड कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड के ख़िलाफ़ मनी लॉन्ड्रिंग केस में मुकदमा चलाने का आदेश दिया है।
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आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देना था यासीन मलिक
मनी लॉन्ड्रिंग का मामला 2017 में NIA की ओर से दर्ज केस पर आधारित है। अब इन आरोपों पर अदालत में पेश सबूतों के आधार पर सुनवाई आगे की जाएगी। यह मामला पाकिस्तानी संस्था से हवाला चैनलों के जरिए विदेशी धन प्राप्त करने के आरोपों से जुड़ा है, जिसका मक़सद आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देना था। आरोप है, इसके लिए कि इन आरोपियों ने कुल 8.95 करोड़ रुपये की रकम अपराध के माध्यम से हासिल की थी।
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4 एयरफ़ोर्स जवानों पर चलाई थी गोलियां
कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक दो मामलों में पहले से ही उम्रकेद की सजा काट रहा है, जिसमें एक मामला मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा है। दूसरे मामले में यासीन मलिक को देश के ख़िलाफ़ आपराधिक साजिश रचने के लिए उम्रकैद की सजा काट रहा है। इससे पहले यासीन मलिक को कश्मीरी पंडितों के पलायन का मुख्य ज़िम्मेदार भी माना जाता है और यही नहीं उस पर वर्ष 1990 में श्रीनगर के रावलपोरा में 4 एयरफ़ोर्स जवानों की हत्या का मामला भी चल रहा है। जम्मू-कश्मीर के ‘टाडा स्पेशल कोर्ट’ में सुनवाई के दौरान चश्मदीद गवाहों ने यासीन मलिक की पहचान की है।





